पति-पत्नी का अलगाव हो गया तो शनि देव करेंगे ऐसी समस्या दूर, करना होगा बस ये काम
आपकी कुंडली में अगर शनि खराब स्थिति में तो जातक को बहुंत परेशानियां उठानी पड़ती हैं। अगर आपकी कुंडली में सप्तम भाव में शनि हो या सप्तमेश शनि से पीड़ित हो या फिर सप्तम भाव शनि से पीड़ित हो या गोचर में शनि सप्तम भाव पर प्रभाव डाल रहा हो इस पर न्याय के देवता शनि देव आपकी परेशानियां दूर कर देंगे।
साथ ही पति-पत्नी का अलगाव हो गया हो या रिश्ते में समस्या चल रही हो तो ये उपाय उनके लिए है। ज्योतिषाचार्य पंडित गणेश मिश्रा का कहना है कि शनि अनुसाशन का ग्रह है।
अगर आपकी जिंदगी अनुसंशित नहीं है, आपका चरित्र दूषित है तो शनि आपको अवश्य पीड़ा देगा। इसलिए जीवन को अनुसंशित रखे चरित्र को अच्छा रखे लेकिन कई बार पूर्वजन्मों के खराब कर्मों की वजह से शनि बुरा परिणाम देता है।
ये उपाय करें -
- शुक्ल पक्ष के शनिवार को सुबह।
- 800 ग्राम उड़द /उड़दकी दाल भिगोकर रख दें।
- शाम को उड़द दाल के बड़े बनाएं, ध्यान दें कि 2 बड़े आपको बिना मिर्च मसाले के बनाने हैं बाकी में मिर्च-मसाला मिलाकर बनाएं। सरसो का तेल इस्तेमाल करें। बड़ों में लौंग और काली मिर्च अवश्य डालें और सादा नमक की जगह काला नमक डालें।
- सबसे पहले शनि मंदिर जाकर नाक रगड़कर शनि महाराज से अपने बुरे कर्मों की माफी मांगें। उसके बाद बड़े बनाकर 8 बड़े शनि महाराज को चढ़ा दें।
- थोड़े से बड़े दही के साथ भैरवजी को चढ़ा दें, जो 2 सादा बड़े थे एक दोने में दोनों को रखकर उसमें थोड़ा दही और सिंदूर डालकर पीपल के पेड़ के नीचे रख आएं। पीछे मुड़कर नहीं देखना है सीधे घर आ जाएं। घर के बाहर हाथ पैर धोकर अंदर प्रवेश करें।
- कुछ शनिवार लगातार ये उपाय करें। आपका टूटा-रिश्ता वापस जुड़ जाएगा।
- ये उपाय शनि की महादशा, अंतर्दशा, साढ़ेसाती, ढैय्या वाले भी कर सकते हैं। पहले शनिवार के बाद से ही इसका बहुत अच्छा परिणाम मिलता है। लेकिन लगातार 8 शनिवार अवश्य करें। कुंडली मे शनि कितना भी पीड़ित हो, इस उपाय से उसके बुरे परिणाम आपको नही मिलेंगे।