केबल पर दिखेगा 'डीडी वाराणसी'
दूरदर्शन केंद्र की ओर से स्थानीय स्तर पर प्रतिदिन पारंपरिक लोकगीत, स्वास्थ्य, खेती-किसानी परिचर्चा आदि कार्यक्रम तैयार किए जाते हैं। इनकी रिकॉर्डिंग कराई जा रही है और उसका समय पर प्रसारण भी होता है लेकिन देखने वालों की संख्या नगण्य है। इसके पीछे मुख्य वजह यह है कि अधिकांश लोग केबल नेटवर्क के जरिए जुड़ चुके हैं। वे नेशनल व अन्य चैनल तो देख सकते हैं लेकिन स्थानीय दूरदर्शन केंद्र के कार्यक्रम नहीं देख सकते। पिछले दिनों नवंबर के दूसरे सप्ताह में बनारस आईं दूरदर्शन की डीजी के सामने यह समस्या प्रमुखता से उठी थी। इसके बाद से कवायद शुरू हो गई। स्थानीय केबल ऑपरेटरों के माध्यम से लोकल प्रोग्राम दिखाने की तैयारी हो चुकी है। इसमें एक अलग चैनल के माध्यम से स्थानीय कार्यक्रम प्रसारित किया जाएंगे।
दूरदर्शन के यूपी में बनारस समेत छह केंद्र है। इसमें गोरखपुर, इलाहाबाद, मऊ, मथुरा और बरेली है। इसमें कहीं एक घंटा तो कहीं डेढ़ घंटे का लोकल प्रोग्राम आते हैं।
दूरदर्शन केंद्र के उपनिदेशक राममूर्ति मिश्रा ने कहा कि दर्शकों को लोकल प्रोग्राम देखने में असुविधा न हो, इसके लिए महानिदेशालय के निर्देशन में स्थानीय केबल ऑपरेटरों से बातचीत चल रही है। कुछ औपचारिकताएं बाकी हैं। जल्द ही लोग बिना किसी बाधा के प्रसारण देख सकेंगे। इससे दर्शकों की संख्या बढ़ेगी।