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लंका-अस्सी-पक्का महाल, सब बेहाल
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Mon, 22 Aug 2016 02:09 AM IST
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पक्का महाल इलाका।
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गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ाव के चलते लंका-अस्सी, नगवां क्षेत्र से पक्का महाल तक के कई इलाके लहरों से घिर गए हैं। तीर्थयात्रियों और पर्यटकों की आवाजाही वाली पक्के महाल की कई गलियों में लोग घुटने भर पानी से होकर गुजरे। रोहित नगर, गांधी नगर, सराय सुर्जन, साकेत नगर, कैवल्य धाम, ब्राह्मानद नगर, कबीर नगर में पानी का फैलाव तेज हो गया है। दूसरी ओर सामनेघाट-मलहिया पुल से लेकर सीर गोवर्धनपुर, टिकरी, रमना, वनपुरवा, तारापुर तक पानी फैल चुका है।
रविदास पार्क से अस्सी मार्ग पर जगह-जगह कूड़े का अंबार लगा है, जिससे लोगों का सांस लेना मुश्किल हो गया है। इन कॉलोनियों में बिजली के पोल नहीं हैं। लोग एक-दूसरे के छतों से तार खींच कर ले गए हैं। इससे बिजली प्रवाहित होने का डर भी सता रहा है। जानकी नगर और देव नगर में पानी के चलते लोग बिलबिला गए हैं। कृष्णा नगर की रहने वाली बैंककर्मी नीलम तिवारी, अमित सिंह, बिपुल मिश्रा, राकेश त्रिपाठी का कहना है कि तीन साल पहले की बाढ़ में काफी सामान पानी में डूब कर खराब हो चुका है। इस बार उन्हें नींद नहीं आ रही है।
सरस्वती नगर, वैष्णवनगर, कमलेश नगर, भगवानपुर से सीर मार्ग पर तेजी से बाढ़ का पानी फैल रहा है। इस वजह से लोग दिन भर घरों को खाली करने की जद्दोजहद में जुटे रहे। रविवार की देर रात तक गंगा-वरुणा के किनारे एक लाख से अधिक लोगों के बाढ़ के पानी में घिरने का अनुमान है। पानी लगातार बढ़ने से बाढ़ का दायरा फैल रहा है। सोमवार तक कई और गली-मुहल्लों में गंगा प्रवेश कर जाएगी।
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रविदास पार्क से अस्सी मार्ग पर जगह-जगह कूड़े का अंबार लगा है, जिससे लोगों का सांस लेना मुश्किल हो गया है। इन कॉलोनियों में बिजली के पोल नहीं हैं। लोग एक-दूसरे के छतों से तार खींच कर ले गए हैं। इससे बिजली प्रवाहित होने का डर भी सता रहा है। जानकी नगर और देव नगर में पानी के चलते लोग बिलबिला गए हैं। कृष्णा नगर की रहने वाली बैंककर्मी नीलम तिवारी, अमित सिंह, बिपुल मिश्रा, राकेश त्रिपाठी का कहना है कि तीन साल पहले की बाढ़ में काफी सामान पानी में डूब कर खराब हो चुका है। इस बार उन्हें नींद नहीं आ रही है।
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सरस्वती नगर, वैष्णवनगर, कमलेश नगर, भगवानपुर से सीर मार्ग पर तेजी से बाढ़ का पानी फैल रहा है। इस वजह से लोग दिन भर घरों को खाली करने की जद्दोजहद में जुटे रहे। रविवार की देर रात तक गंगा-वरुणा के किनारे एक लाख से अधिक लोगों के बाढ़ के पानी में घिरने का अनुमान है। पानी लगातार बढ़ने से बाढ़ का दायरा फैल रहा है। सोमवार तक कई और गली-मुहल्लों में गंगा प्रवेश कर जाएगी।
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