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इनके आर्शीवाद के कारण पीएम मोदी को मिली इतनी बड़ी जीत
टीम डिजिटल,वाराणसी
Updated Sun, 12 Mar 2017 12:40 PM IST
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काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजन-अर्चन करते पीएम मोदी
- फोटो : twitter
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विरोधियों की तमाम चालों को दरकिनार मतदाताओं ने भरपूर वोट भाजपा की झोली में डालकर एक तरफा जीत दिलाई। भाजपा को इतनी बड़ी जीत मिलेगी यह किसी ने नहीं सोचा था। कहा जा रहा है कि भाजपा के इस एतिहासिक जीत का राज आर्शीवाद है। यह आर्शीवाद है काशी विश्वनाथ और बाबा कालभैरव का।
चुनाव प्रचार के लिए पीएम मोदी ने अपना अभियान की शुरुआत इन्हीं दो मंदिरों में मत्था टेक कर किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जीत के रूप में श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर और शहर कोतवाल बाबा कालभैरव का आशीर्वाद मिला। खुद पीएम ने टाउनहाल की जनसभा में बाबा से जीत का आशीर्वाद मिलने की बात कही थी।
ठेठ बनारसी में उन्होंने जनता से अपने दिल की बात की थी। जो जनता को काफी भाया। विरोधियों की तमाम चालों को दरकिनार कर जनता ने भरपूर वोट भाजपा की झोली में डालकर एकतरफा जीत दिलाई।
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लोकसभा में भी काशी को केंद्र बनाकर पीएम ने दिल्ली में सरकार बनाई थी। इस बार भी प्रदेश के चुनाव का केंद्र काशी को बनाया। जिसका लाभ पूरी पार्टी को मिला। चुनावी पंडितों की मानें तो इस बार के चुनाव में सारे मिथक टूट गए।
लोगों का अपने सांसद और देश के प्रधानमंत्री पर इतना विश्वास कभी नहीं देखा था कि उनकी झोली में आठ की आठों सीटें जीत के रूप में डाल दी हो। कहा जाता है कि बनारस का मिजाज कुछ अलग होता है। यहां राज्य में जिसकी सरकार बनती है उस पार्टी के प्रत्याशी को वोट कम मिलता है लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। इस बार हर सीट पर भगवा लहराया।
जिस समय पीएम बतौर सांसद अपनी जनता से मुलाकात कर रहे थे तो विपक्षी इस पर भी सवाल खड़े कर रहे थे। विपक्षियों को इस बात का अंदाजा नहीं था कि पीएम यदि तीन दिन जनता के साथ रह जाएंगे तो बनारस से दूसरी पार्टियों का क्लीन स्वीप हो जाएगा।
मतगणना के परिणाम आने के बाद विरोधियों को पीएम के प्रति यहां की जनता के प्यार का अंदाजा लग गया है।
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चुनाव प्रचार के लिए पीएम मोदी ने अपना अभियान की शुरुआत इन्हीं दो मंदिरों में मत्था टेक कर किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जीत के रूप में श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर और शहर कोतवाल बाबा कालभैरव का आशीर्वाद मिला। खुद पीएम ने टाउनहाल की जनसभा में बाबा से जीत का आशीर्वाद मिलने की बात कही थी।
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ठेठ बनारसी में उन्होंने जनता से अपने दिल की बात की थी। जो जनता को काफी भाया। विरोधियों की तमाम चालों को दरकिनार कर जनता ने भरपूर वोट भाजपा की झोली में डालकर एकतरफा जीत दिलाई।
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लोकसभा में भी काशी को केंद्र बनाकर पीएम ने दिल्ली में सरकार बनाई थी। इस बार भी प्रदेश के चुनाव का केंद्र काशी को बनाया। जिसका लाभ पूरी पार्टी को मिला। चुनावी पंडितों की मानें तो इस बार के चुनाव में सारे मिथक टूट गए।
लोगों का अपने सांसद और देश के प्रधानमंत्री पर इतना विश्वास कभी नहीं देखा था कि उनकी झोली में आठ की आठों सीटें जीत के रूप में डाल दी हो। कहा जाता है कि बनारस का मिजाज कुछ अलग होता है। यहां राज्य में जिसकी सरकार बनती है उस पार्टी के प्रत्याशी को वोट कम मिलता है लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। इस बार हर सीट पर भगवा लहराया।
जिस समय पीएम बतौर सांसद अपनी जनता से मुलाकात कर रहे थे तो विपक्षी इस पर भी सवाल खड़े कर रहे थे। विपक्षियों को इस बात का अंदाजा नहीं था कि पीएम यदि तीन दिन जनता के साथ रह जाएंगे तो बनारस से दूसरी पार्टियों का क्लीन स्वीप हो जाएगा।
मतगणना के परिणाम आने के बाद विरोधियों को पीएम के प्रति यहां की जनता के प्यार का अंदाजा लग गया है।
काशी में दिखा मोदी मैजिक का कमाल
lahar
- फोटो : अमर उजाला
काशी में पीएम नरेंद्र मोदी की मैजिक का कमाल शनिवार को खूब दिखा। पीएम के संसदीय क्षेत्र की पांच और जिले की आठों विधानसभाओं पर भाजपा, गठबंधन के साथी अपना दल सोनेलाल, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी ने जीत हासिल की। विरोधियों को एक भी सीट नहीं मिला। जिस प्रकार लोकसभा चुनाव में मोदी का जादू दिखाई पड़ा था। उससे बढ़कर विधानसभा चुनाव 2017 में मैजिक चला।
चुनाव की घोषणा के बाद तमाम झंझावतों को झेलते हुए आखिरकार पीएम ने अपनी जनता पर विश्वास किया। एक बार फिर से काशी को ही कर्मभूमि बनाते हुए यहां तीन दिनों तक लगातार जनता दर्शन किया। इस बीच जनसभाएं कर जनता से मन की बात की।
रामनगर में पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के जन्मस्थली पर जाकर नमन किया। इसके अलावा गढ़वा घाट आश्रम में जाकर गो सेवा की थी। पीएम का तीन दिन काशी में रहना पार्टी के लिए सार्थक साबित हुआ।
इसके अलावा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी एक सप्ताह तक यहां रुके और संगठन को मजबूत करने में किसी प्रकार की कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। जहां कमियां थी उन्हें दूर भी किया। विपक्षी जहां पीएम की प्रतिष्ठा को दांव पर लगाने में जुटे थे तो वहीं पूरी पार्टी पीएम की प्रतिष्ठा बचाने में जुटी रही।
पूरे चुनाव के दौरान केंद्र के सभी मंत्री बारी-बारी से यहां आए और चुनाव को खड़ा किया। प्रत्याशियों के लिए केंद्रीय मंत्री ने खूब पसीना बहाया। उसी का परिणाम रहा की पार्टी को आठों सीटों पर विजय हासिल हुई।
चुनाव की घोषणा के बाद तमाम झंझावतों को झेलते हुए आखिरकार पीएम ने अपनी जनता पर विश्वास किया। एक बार फिर से काशी को ही कर्मभूमि बनाते हुए यहां तीन दिनों तक लगातार जनता दर्शन किया। इस बीच जनसभाएं कर जनता से मन की बात की।
रामनगर में पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के जन्मस्थली पर जाकर नमन किया। इसके अलावा गढ़वा घाट आश्रम में जाकर गो सेवा की थी। पीएम का तीन दिन काशी में रहना पार्टी के लिए सार्थक साबित हुआ।
इसके अलावा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी एक सप्ताह तक यहां रुके और संगठन को मजबूत करने में किसी प्रकार की कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। जहां कमियां थी उन्हें दूर भी किया। विपक्षी जहां पीएम की प्रतिष्ठा को दांव पर लगाने में जुटे थे तो वहीं पूरी पार्टी पीएम की प्रतिष्ठा बचाने में जुटी रही।
पूरे चुनाव के दौरान केंद्र के सभी मंत्री बारी-बारी से यहां आए और चुनाव को खड़ा किया। प्रत्याशियों के लिए केंद्रीय मंत्री ने खूब पसीना बहाया। उसी का परिणाम रहा की पार्टी को आठों सीटों पर विजय हासिल हुई।
ऐतिहासिक जीत के बाद केसरियामय हुई काशी
भाजपा को आठों सीटों पर मिली ऐतिहासिक जीत के बाद शनिवार को पूरी काशी केसरियामय हो गई। दो दिन पहले ही जनता और कार्यकर्ताओं ने जमकर होली मनाई। शहर के चौराहे चौराहे पर पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह का कट आउट लगाया गया। उनका स्वागत मालाओं से करने के बाद केसरिया गुलाल लगाया गया।
पहडि़या स्थित मतगणना स्थल, गुलाब बाग, नीचीबाग और कंचनपुर स्थित पार्टी कार्यालय के बाहर कार्यकर्ताओं ने जमकर केसरिया गुलाल लगाए। मिठाईयां बांटी। पार्टी का झंडा लेकर ढोल नगाड़े की थाप पर जमकर डांस किया।
जीत की खुशी में लबरेज कार्यकर्ता अपने नए विधायक के साथ विधानसभा क्षेत्रों में गए और जनता को धन्यवाद दिया। शहर के कई इलाकों में डीजे पर केसरिया अबीर गुलाल उड़ाकर भांगड़ा हुआ।
पार्टी कार्यालय पहुंचे जीते प्रत्याशियों ने संगठन के वरिष्ठ लोगों का आशीर्वाद लिया। इसके अलावा संगठन ने भी प्रत्याशियों का मुंह मीठा कराया। कार्यकर्ताओं के बीच भी 50 टन से अधिक मिठाईयां बांटी गई।
कई जगहों पर मोदी-मोदी के नारे लग रहे थे। कार्यकर्ताओं का जोश देखने के बाद जनता ने भी नए विधायक और कार्यकर्ताओं के स्वागत में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी।
पहडि़या स्थित मतगणना स्थल, गुलाब बाग, नीचीबाग और कंचनपुर स्थित पार्टी कार्यालय के बाहर कार्यकर्ताओं ने जमकर केसरिया गुलाल लगाए। मिठाईयां बांटी। पार्टी का झंडा लेकर ढोल नगाड़े की थाप पर जमकर डांस किया।
जीत की खुशी में लबरेज कार्यकर्ता अपने नए विधायक के साथ विधानसभा क्षेत्रों में गए और जनता को धन्यवाद दिया। शहर के कई इलाकों में डीजे पर केसरिया अबीर गुलाल उड़ाकर भांगड़ा हुआ।
पार्टी कार्यालय पहुंचे जीते प्रत्याशियों ने संगठन के वरिष्ठ लोगों का आशीर्वाद लिया। इसके अलावा संगठन ने भी प्रत्याशियों का मुंह मीठा कराया। कार्यकर्ताओं के बीच भी 50 टन से अधिक मिठाईयां बांटी गई।
कई जगहों पर मोदी-मोदी के नारे लग रहे थे। कार्यकर्ताओं का जोश देखने के बाद जनता ने भी नए विधायक और कार्यकर्ताओं के स्वागत में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी।