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2019 तक बदल जाएगी काशी की सूरत,मोबाइल एप से होगा धरोहरों का दर्शन
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Fri, 14 Apr 2017 09:15 PM IST
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शहरी विकास मंत्रालय में संयुक्त सचिव बी आनंद
- फोटो : अमर उजाला
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हेरिटेज सिटी डेवलपमेंट एंड आग्मेंटेशन योजना (हृदय) के मिशन डायरेक्टर एवं केंद्र सरकार के शहरी विकास मंत्रालय में संयुक्त सचिव बी आनंद का दावा है कि 2019 तक काशी की सूरत बदल जाएगी।
ऐतिहासिक धरोहरों, पौराणिक स्थलों से लेेकर सड़क, बिजली और स्ट्रीट लाइट की बेहतर सुविधाओं पर पायलट प्रोजेक्ट के तहत पहले चरण में योजना पर काम चल रहा है।
दिसंबर, 2017 तक पहले चरण के काम पूरे हो जाएंगे। दूसरा चरण 2018 में शुरू होगा। बता दें कि योजना के तहत शहर के विकास पर कम से कम दो हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे।
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नगर निगम की ओर से मोबाइल एप और काशी एंथम तैयार करने के प्रस्ताव पर उन्होंने धन देने के लिए आश्वस्त किया। कहा, मोबाइल एप ऐसा हो जिसमें रेल, हवाई, बस अड्डे के अलावा ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों, धरोहरों का ब्योरा हो, ताकि हर देशी-विदेशी इस एप के जरिए पूरा शहर आसानी से घूम सके।
काशी एंथम के लिए धन देने पर सहमति जताते हुए उन्होंने नगर आयुक्त श्रीहरि प्रताप शाही को डीपीआर बनाकर भेजने के निर्देश दिए।
आनंद ने हृदय की गाइडलाइन को फिर से रिव्यू करने का एलान करते हुए कहा कि योजना ऐसी हो जो जनता को जोड़े और उसे लाभ भी मिले।
योजना को शुरू करने से पहले प्राइवेट सेक्टर और स्थानीय लोगों के सुझावों को जरूर शामिल करें। इससे योजना बेहतर बनेगी और रोजगार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने नगर आयुक्त को टाउनहाल और भारत माता मंदिर को पर्यटन से जोड़ने की भी हिदायत दी।
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ऐतिहासिक धरोहरों, पौराणिक स्थलों से लेेकर सड़क, बिजली और स्ट्रीट लाइट की बेहतर सुविधाओं पर पायलट प्रोजेक्ट के तहत पहले चरण में योजना पर काम चल रहा है।
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दिसंबर, 2017 तक पहले चरण के काम पूरे हो जाएंगे। दूसरा चरण 2018 में शुरू होगा। बता दें कि योजना के तहत शहर के विकास पर कम से कम दो हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे।
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नगर निगम की ओर से मोबाइल एप और काशी एंथम तैयार करने के प्रस्ताव पर उन्होंने धन देने के लिए आश्वस्त किया। कहा, मोबाइल एप ऐसा हो जिसमें रेल, हवाई, बस अड्डे के अलावा ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों, धरोहरों का ब्योरा हो, ताकि हर देशी-विदेशी इस एप के जरिए पूरा शहर आसानी से घूम सके।
काशी एंथम के लिए धन देने पर सहमति जताते हुए उन्होंने नगर आयुक्त श्रीहरि प्रताप शाही को डीपीआर बनाकर भेजने के निर्देश दिए।
आनंद ने हृदय की गाइडलाइन को फिर से रिव्यू करने का एलान करते हुए कहा कि योजना ऐसी हो जो जनता को जोड़े और उसे लाभ भी मिले।
योजना को शुरू करने से पहले प्राइवेट सेक्टर और स्थानीय लोगों के सुझावों को जरूर शामिल करें। इससे योजना बेहतर बनेगी और रोजगार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने नगर आयुक्त को टाउनहाल और भारत माता मंदिर को पर्यटन से जोड़ने की भी हिदायत दी।
कार्यदायी एजेंसियों की तय हो जिम्मेदारी
हृदय के तहत शहर में कराए जा रहे कार्यों की कमियों को दूर करने, नए सुझाव शामिल करने और बेहतर तरीके से शहर के बुनियादी विकास के लिए शुक्रवार को केंद्र और राज्य सरकार की ओर से स्टेक होल्डर कंसलटेंट वर्कशॉप का आयोजन किया गया।
आनंद की मौजूदगी में हुई इस वर्कशॉप में केंद्र और नगर निगम के अधिकारियों के साथ विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल हुए। तय हुआ कि जो भी विकास के काम एजेंसियों की ओर से कराए जा रहे हैँ, उनकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। आनंद ने कहा कि हृदय से जुड़ी सभी कार्यदायी संस्थाएं डीएम के साथ बैठक कर समन्वय करें और तय समय में काम पूरा कराएं।
उद्घाटन करते हुए मेयर रामगोपाल मोहले ने कहा कि लक्ष्मीबाई स्थल, प्रेमचंद जन्मस्थल और मानमंदिर वेधशाला पर लाखों रुपये खर्च हो गए लेकिन इन स्थलों को पर्यटन और रोजगार से नहीं जोड़ा जा सका है।
आर्किटेक्ट आरसी जैन ने कहा कि जो सीमेंट की वाल पेंटिंग कराई जा रही है उसकी जगह स्टोन आर्ट बनाएं जो लंबे समय तक टिकाऊ होगा। वहीं हृदय के तहत होने वाले कार्यों का डिजाइन करने वाले इंटेक के दिव्य गुप्ता ने कहा काशी में 1600 हेरिटेज साइट की सूची बनाई गई।
काशी का पिटारा एक मोबाइल एक्जिविशन तैयार होगा, जिसके माध्यम से सुविधाओं को ऑनलाइन किया जाएगा। वहीं सड़कों का काम कर रही एनबीबीसीसी के अनिल यादव ने कहा कि भूमिगत तार बिछाने के कारण सड़कों के निर्माण में देरी हो रही है। ईईएसएसल के भानू प्रताप ने कहा कि हृदय की सड़कों पर 900 हेरिटेज पोल लगाए जाएंगे।
आनंद की मौजूदगी में हुई इस वर्कशॉप में केंद्र और नगर निगम के अधिकारियों के साथ विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल हुए। तय हुआ कि जो भी विकास के काम एजेंसियों की ओर से कराए जा रहे हैँ, उनकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। आनंद ने कहा कि हृदय से जुड़ी सभी कार्यदायी संस्थाएं डीएम के साथ बैठक कर समन्वय करें और तय समय में काम पूरा कराएं।
उद्घाटन करते हुए मेयर रामगोपाल मोहले ने कहा कि लक्ष्मीबाई स्थल, प्रेमचंद जन्मस्थल और मानमंदिर वेधशाला पर लाखों रुपये खर्च हो गए लेकिन इन स्थलों को पर्यटन और रोजगार से नहीं जोड़ा जा सका है।
आर्किटेक्ट आरसी जैन ने कहा कि जो सीमेंट की वाल पेंटिंग कराई जा रही है उसकी जगह स्टोन आर्ट बनाएं जो लंबे समय तक टिकाऊ होगा। वहीं हृदय के तहत होने वाले कार्यों का डिजाइन करने वाले इंटेक के दिव्य गुप्ता ने कहा काशी में 1600 हेरिटेज साइट की सूची बनाई गई।
काशी का पिटारा एक मोबाइल एक्जिविशन तैयार होगा, जिसके माध्यम से सुविधाओं को ऑनलाइन किया जाएगा। वहीं सड़कों का काम कर रही एनबीबीसीसी के अनिल यादव ने कहा कि भूमिगत तार बिछाने के कारण सड़कों के निर्माण में देरी हो रही है। ईईएसएसल के भानू प्रताप ने कहा कि हृदय की सड़कों पर 900 हेरिटेज पोल लगाए जाएंगे।