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एक माह बाद भी सीसीएफ को ढूंढने में चार टीमें नाकाम
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रामनगर। एक माह बीत गए, मगर वन विभाग रामनगर के मुख्य वन संरक्षक अधिकारी (सीसीएफ) केवी रेड़डी सुब्बाराव कहां हैं, इसका पता नहीं लग सका है। उनकी तलाश करने के लिए गठित की गईं चार टीमें महज मंदिर, घाट और मठों में ही ढूंढकर शांत बैठ गईं।
दरअसल, सीसीएफ केवी रेड्डी सुब्बाराव दो अगस्त को दर्शन करने की बात कहकर घर से टहलने तो निकले, लेकिन इसके बाद से उनका कोई पता नहीं लगा। दो दिन बाद वन विभाग के बड़े बाबू अमृतलाल ने रामनगर थाने में उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस की तीन और एक वन विभाग की टीम जांच में जुट गईं। पुलिस की टीम ने गंगा घाट, मंदिर और मठों को खंगाला, सभी से पूछताछ की, लेकिन कुछ भी पता नहीं चल पाया। कुछ दिनों बाद पुलिस ने अपना काम बंद कर दिया।
लापता सीसीएफ के बेटे विशाल ने बताया कि मेरी प्राइवेट नौकरी थी, इसलिए कुछ दिनों बाद ही मुझे वापस जाना पड़ा, पुलिस से संपर्क करता हूं, लेकिन कुछ भी फायदा नहीं हुआ। वहीं वन विभाग के डीएफओ आरपी सिंह ने बताया कि वन विभाग के कर्मचारियों ने अपने संपर्क से हर जगह पता किया, लेकिन कोई फायदा नहीं मिला। रामनगर थाना प्रभारी अनूप कुमार शुक्ला ने बताया कि तीनों टीमें अपने अपने स्तर से खोजबीन कर रही हैं, लेकिन आज तक उनका कुछ पता नहीं चल पाया है।
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दरअसल, सीसीएफ केवी रेड्डी सुब्बाराव दो अगस्त को दर्शन करने की बात कहकर घर से टहलने तो निकले, लेकिन इसके बाद से उनका कोई पता नहीं लगा। दो दिन बाद वन विभाग के बड़े बाबू अमृतलाल ने रामनगर थाने में उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस की तीन और एक वन विभाग की टीम जांच में जुट गईं। पुलिस की टीम ने गंगा घाट, मंदिर और मठों को खंगाला, सभी से पूछताछ की, लेकिन कुछ भी पता नहीं चल पाया। कुछ दिनों बाद पुलिस ने अपना काम बंद कर दिया।
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लापता सीसीएफ के बेटे विशाल ने बताया कि मेरी प्राइवेट नौकरी थी, इसलिए कुछ दिनों बाद ही मुझे वापस जाना पड़ा, पुलिस से संपर्क करता हूं, लेकिन कुछ भी फायदा नहीं हुआ। वहीं वन विभाग के डीएफओ आरपी सिंह ने बताया कि वन विभाग के कर्मचारियों ने अपने संपर्क से हर जगह पता किया, लेकिन कोई फायदा नहीं मिला। रामनगर थाना प्रभारी अनूप कुमार शुक्ला ने बताया कि तीनों टीमें अपने अपने स्तर से खोजबीन कर रही हैं, लेकिन आज तक उनका कुछ पता नहीं चल पाया है।
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