राशिद के जरिए सीएए-एनआरसी के विरोध के बीच ऐसा अंजाम देने की थी आईएसआई की साजिश
एटीएस और आर्मी इंटेलिजेंस द्वारा पकड़े गए संदिग्ध एजेंट राशिद के जरिए आईएसआई बनारस क्षेत्र में स्लीपर सेल का जाल बुनने की फिराक में थी। इसके लिए उसने सीएए और एनआरसी का विरोध करने वालों की तस्वीरें भी मंगवाई थी।
इन तस्वीरों के माध्यम से ऐसे लोगों को टारगेट करना था, जिन्हें विरोध के नाम पर आसानी से गुमराह किया जा सके। आईएसआई ऐसे लोगों का इस्तेमाल स्लीपिंग माड्यूल के तौर पर करती।
आईएसआई के लोग देश में स्लीपिंग माड्यूल विकसित कर नापाक मंसूबों को अंजाम देने की फिराक में रहते हैं। इसमें ऐसे लोगों की तलाश की जाती है, जिन्हें आसानी से गुमराह किया जा सके। राशिद इसी माड्यूल की देन है।
सूत्र बताते हैं कि राशिद को भी बनारस और आसपास के क्षेत्रों में स्लीपिंग माड्यूल तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई थी। इसके लिए उसे रुपयों और शादी का लालच दिया गया था।
उसे पाकिस्तान में ट्रेनिंग देने के बाद यहां से महत्वपूर्ण स्थानों की तस्वीरें मांगें जाने के साथ ऐसे लोगों को भी जोड़ने के आदेश दिए गए जो बनारस में रहकर आईएसआई के लिए काम कर सकें।