{"_id":"5eee68a78ebc3e431836ce67","slug":"innovetion-city-news-vns531306024","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"इंजीनियरिंग छात्रों ने बनाया स्मार्ट एम्बुलेंस का ऐसा मॉडल, आप भी कहेंगे बड़े काम की ये चीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इंजीनियरिंग छात्रों ने बनाया स्मार्ट एम्बुलेंस का ऐसा मॉडल, आप भी कहेंगे बड़े काम की ये चीज
Sun, 21 Jun 2020 01:21 AM IST
वाराणसी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
Published by: वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 21 Jun 2020 01:21 AM IST
विज्ञापन
एंबुलेंस मॉडल के साथ छात्र।
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी के पहड़िया स्थित अशोका इंस्टीट्यूट के छात्रों ने स्मार्ट एंबुलेंस का एक ऐसा मॉडल तैयार किया है। जिससे कि सड़क पर एंबुलेंस के चलने के बाद अगर ट्रैफिक सिग्नल रेड है तो वह ऑटोमेटिक ग्रीन हो जाएगा और एंबुलेंस को अस्पताल पहुंचने में कोई देरी नहीं होगी।
विज्ञापन
इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के चार छात्रों की टीम ने इस मॉडल को बनाया है। रिसर्च एंड डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के प्रभारी श्याम चौरसिया के मुताबिक इसमें एक ऐसी डिवाइस लगाई है, जो ट्रैफिक रेड सिग्नल को ऑटोमेटिक ग्रीन कर देगी।
विज्ञापन
यह डिवाइस रेडियो फ्रिक्वेंसी ट्रांसमीटर रिसीवर के बेस पर काम करता है और इससे ट्रांसमीटर को ट्रैफिक लाइट से कनेक्ट करना होगा। इसके रिसीवर सर्किट को एंबुलेंस में लगा दिए जाएंगे जो कि निर्धारित रेंज में आते ही ट्रैफिक सिग्नल में लगेगा। सड़क पर ट्रैफिक सिग्नल को रेड से ग्रीन कर देगा। इस से एंबुलेंस को पहुंचने में आसानी होगी।
विज्ञापन
श्याम चौरसिया के मुताबिक इसमें 9 बोल्ट ऑपरेटेड ट्रांसमीटर रिसीवर सर्किट जिसकी रेंज करीब 20 मीटर है और रेड-ग्रीन सिग्नल लाइट के साथ ही एंबुलेंस का मॉडल और 5 वोल्ट रिले मॉडल का प्रयोग किया गया है। इसको बनाने वाली टीम में छात्र तुषार तिवारी, आशीष मोर्या और सौरभ कुशवाहा हैं।
पांच दिन में तैयार हुआ डिवाइस
अशोका इंस्टीट्यूट में पढ़ने वाले तुषार तिवारी, आशीष मौर्या व सौरभ कुशवाहा मैकेनिकल इंजीनियरिंग स्ट्रीम के फोर्थ ईयर के छात्र हैं। तीनों छात्रों ने यह स्मार्ट डिवाइस 12 से 15 दिन में तैयार की है। छात्रों ने बताया कि ट्रैफिक सिग्नल पर रेड सिग्नल होने के बाद एंबुलेंस जाम में फंस जाती है। जिससे कई मरीजों की जान चली जाती है। ऐसे में स्मार्ट एंबुलेंस डिवाइस रेड सिग्नल होने पर इमरजेंसी में ट्रैफिक के रेड सिग्नल को ऑटोमैटिक ग्रीन कर देता है, इससे एंबुलेंस समय रहते मरीज को लेकर हॉस्पिटल पहुंच सकती है और मरीज की जान बचाया जा सकता है।
पांच दिन में तैयार हुआ डिवाइस
अशोका इंस्टीट्यूट में पढ़ने वाले तुषार तिवारी, आशीष मौर्या व सौरभ कुशवाहा मैकेनिकल इंजीनियरिंग स्ट्रीम के फोर्थ ईयर के छात्र हैं। तीनों छात्रों ने यह स्मार्ट डिवाइस 12 से 15 दिन में तैयार की है। छात्रों ने बताया कि ट्रैफिक सिग्नल पर रेड सिग्नल होने के बाद एंबुलेंस जाम में फंस जाती है। जिससे कई मरीजों की जान चली जाती है। ऐसे में स्मार्ट एंबुलेंस डिवाइस रेड सिग्नल होने पर इमरजेंसी में ट्रैफिक के रेड सिग्नल को ऑटोमैटिक ग्रीन कर देता है, इससे एंबुलेंस समय रहते मरीज को लेकर हॉस्पिटल पहुंच सकती है और मरीज की जान बचाया जा सकता है।