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UP News: 'कुश्ती का विरोध ना होता तो मेडल बढ़ सकते थे...' WFI के अध्यक्ष ने ओलंपिक को लेकर कही बड़ी बात

Wed, 14 Aug 2024 07:07 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Wed, 14 Aug 2024 07:07 PM IST
सार

Varanasi News: डब्ल्यूएफआई के अध्यक्ष संजय सिंह ने वाराणसी में कहा कि 15-16 महीने कुश्ती का खेल डिस्टर्ब हो गया था। यही कारण है कि ओलंपिक में मेडल कम आएं।

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If there was no opposition to wrestling medals could have increased said WFI President sanjay singh
कुश्ती संघ के अध्यक्ष का स्वागत करते खिलाड़ी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पेरिस ओलंपिक से काशी लौटे भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष संजय सिंह ने विनेश फोगाट मामले पर कहा कि उनके फैसले को लेकर हम सभी उम्मीद करते हैं कि उनको मेडल जरूर मिलेगा। उन्होंने जो भी स्पोर्टिंग स्टाफ मांगा, उन्हें दिया गया। अगर, उनको मेडल नहीं मिला तो इसमें उनके स्पोर्टिंग स्टाफ की कमी है। 

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विनेश की सेहत और उनके वजन की जिम्मेदारी स्पोर्टिंग स्टाफ की है। संजय सिंह ने कहा कि यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (यूडब्ल्यूडब्ल्यू) के नियम के अनुसार मेडल देने का नियम नहीं है लेकिन, हम नैतिकता के आधार पर मेडल मिलने की उम्मीद कर रहे हैं।
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ओलंपिक में भारत को कम पदक मिलने के सवाल पर संजय सिंह ने कहा कि कुश्ती को लेकर उठे विवाद के चलते करीब 16 माह तक खेल प्रभावित रहा। इसलिए इसमें कम मेडल आए। कुश्ती का विरोध न होता तो मेडल बढ़ सकते थे। 
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नेताओं की बयानबाजी पर कहा कि उनको 100 ग्राम वजन के नियम के बारे में क्या पता। खेल में राजनीति ठीक नहीं है। ये बंद होना चाहिए। अगर, खेल में ज्यादा पदक चाहिए तो खेल संगठन को स्वतंत्र छोड़ना होगा। तभी देश को अधिक पदक भी मिलेंगे और पदक तालिका में भी आगे होंगे।

खिलाड़ियों ने किया स्वागत
अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने कहा कि सिर्फ पांच महीने की तैयारी में छह खिलाड़ियों ने ओलंपिक में क्वालिफाई किया और एक ने पदक भी जीता। किसी का नाम लिए बिना कहा कि खेल के दुश्मन और देशद्रोही अड़ंगा नहीं लगाते तो सभी कुश्ती खिलाड़ी पदक जरूर जीतते। 

एक सवाल में पूछा गया कि खेलों में देश द्रोहियों से निपटने का रोडमैप क्या है। इस पर उन्होंने कहा कि अगर उन्हें भारतीय कुश्ती संघ में स्वतंत्र छोड़ दिया जाए तो वह खेल के दुश्मन और देश द्रोहियों से निपट लेंगे। पिछले चार ओलंपिक से लगातार पदक आ रहे हैं। इस बार तैयारी के लिए समय कम मिलने पर निराशा हाथ लगी है। 

दीपक पूनिया तो लापरवाही की वजह से ओलंपिक नहीं जा पाए। कहा कि पूर्वांचल के खिलाड़ी लगातार पदक जीत रहे हैं। इस वर्ष एशियन कुश्ती में तीन पदक आ चुके हैं। कहा कि पूर्वांचल में कुश्ती को बढ़ावा देने के लिए अधिक से अधिक प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी। 

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