{"_id":"6631b362126341988209770e","slug":"gyanvapi-case-fine-of-300-rupees-imposed-on-anjuman-intejamia-masjid-committee-2024-05-01","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Gyanvapi Case: अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी पर लगा 300 रुपये का हर्जाना, 4 मई को होगी अगली सुनवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gyanvapi Case: अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी पर लगा 300 रुपये का हर्जाना, 4 मई को होगी अगली सुनवाई
Wed, 01 May 2024 08:43 AM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Wed, 01 May 2024 08:43 AM IST
सार
ज्ञानवापी केस में अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी पर 300 रुपये का हर्जाना लगाया गया है। इसके अलावा कोर्ट ने आदेशित किया कि सभी विपक्षी अगली तारीख तक जवाबदेही दाखिल करें। सुनवाई के लिए चार मई की तारीख तय की गई।
विज्ञापन
Gyanvapi Case
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
ज्ञानवापी मामले में सिविल जज सीनियर डिवीजन/फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रशांत सिंह की अदालत ने अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी पर 300 रुपये हर्जाना लगाया है। यह भी आदेशित किया कि सभी विपक्षी अगली तारीख चार मई तक जवाबदेही दाखिल करें।
विज्ञापन
प्रकरण के मुताबिक, बजरडीहा के विवेक सोनी व चितईपुर के जयध्वज श्रीवास्तव ने सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में 25 मई 2022 को याचिका दाखिल की थी। आरोप लगाया कि नंदीजी की मूर्ति के सामने स्थित शिवलिंग को कूप बनाकर ढक दिया गया।
विज्ञापन
शिवलिंग के पूजा-पाठ, भोग, प्रसाद, शयन आरती, मंगला आरती और दुग्धाभिषेक आदि कार्य में विधि विरुद्ध तरीके से अवरोध न डाला जाए। जब विचारण न्यायालय ने अंतरिम निषेधाज्ञा आदेश का निस्तारण नहीं किया तो वादी ने हाइकोर्ट की शरण ली। हाइकोर्ट ने सिविल जज सीनियर डिवीजन को आठ सप्ताह में प्रार्थना पत्र का निस्तारण करने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
Trending Videos
ज्ञानवापी से संबंधित पुनरीक्षण याचिका पर 14 मई को सुनवाई
अपर जिला जज (सप्तम) अवधेश कुमार की अदालत में ज्ञानवापी में धार्मिक आयोजनों की मांग को लेकर दाखिल मुकदमे में निचली अदालत के आदेश के खिलाफ लोहता निवासी मुख्तार अहमद अंसारी की ओर से दाखिल पुनरीक्षण याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई।
सुनवाई के दौरान पुनरीक्षण याचिका पर आपत्ति प्रस्तुत करने के लिए विपक्षी की ओर से समय देने की अदालत से मौखिक रूप से मांग की गई। अदालत ने इसे स्वीकार करते हुए 14 मई की तिथि मुकर्रर कर दी।
सुनवाई के दौरान पुनरीक्षण याचिका पर आपत्ति प्रस्तुत करने के लिए विपक्षी की ओर से समय देने की अदालत से मौखिक रूप से मांग की गई। अदालत ने इसे स्वीकार करते हुए 14 मई की तिथि मुकर्रर कर दी।