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गोइठहा एसटीपी की बढ़ गई 126 करोड़ लागत
जयनरायन सिंह यादव, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Thu, 29 Dec 2016 02:16 AM IST
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गोइठहा एसटीपी की बढ़ गई 126 करोड़ लागत
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एक तो समय से काम शुरू नहीं हुआ, दूसरे जब शुरू हुआ तो कछुआ चाल। नतीजा, परियोजना लागत एक चौथाई से अधिक बढ़ गई। बात हो रही है, गोइठहा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की। लागत 126 करोड़ रुपये बढ़ानी पड़ गई है। मार्च 2017 तक निर्माण पूरा कराया जाना है लेकिन अब तक 30 फीसदी से अधिक काम बाकी है।
जेएनएनयूआरएम के तहत वरुणापार में सीवेज समस्या के समाधान के लिए पहले 120 एमएलडी का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट सथवा में बनना था लेकिन वहां किसानों ने विरोध कर दिया। बाद में सारनाथ क्षेत्र के गोइठहा में जमीन अधिग्रहण की गई। वहां जमीन विवाद के बाद इसे गोइठहा में बनवाने का निर्णय लिया गया। सथवा से गोइठहा की दूरी भी करीब दो किमी बढ़ गई। दूरी बढ़ने और काम देरी से शुरू होने के कारण लागत बढ़ गई।
दो साल पहले काम किसी तरह शुरू भी हुआ तो इतनी सुस्त गति से कि निर्धारित लागत में काम पूरा कराना मुश्किल हो गया। नतीजा यह हुआ कि एसटीपी और सीवेज पाइप लाइन बिछाने की लागत 407 करोड़ रुपये बढ़कर अब 533 करोड़ करनी पड़ी है। कार्यदायी संस्था जल निगम का दावा है कि मार्च 2017 तक इसका निर्माण पूरा करा लिया जाएगा लेकिन अब तक 30 फीसदी से अधिक काम अधूरा है। जानकार इसके समय से पूरा होने पर संशय जता रहे हैं।
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जेएनएनयूआरएम के तहत वरुणापार में सीवेज समस्या के समाधान के लिए पहले 120 एमएलडी का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट सथवा में बनना था लेकिन वहां किसानों ने विरोध कर दिया। बाद में सारनाथ क्षेत्र के गोइठहा में जमीन अधिग्रहण की गई। वहां जमीन विवाद के बाद इसे गोइठहा में बनवाने का निर्णय लिया गया। सथवा से गोइठहा की दूरी भी करीब दो किमी बढ़ गई। दूरी बढ़ने और काम देरी से शुरू होने के कारण लागत बढ़ गई।
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दो साल पहले काम किसी तरह शुरू भी हुआ तो इतनी सुस्त गति से कि निर्धारित लागत में काम पूरा कराना मुश्किल हो गया। नतीजा यह हुआ कि एसटीपी और सीवेज पाइप लाइन बिछाने की लागत 407 करोड़ रुपये बढ़कर अब 533 करोड़ करनी पड़ी है। कार्यदायी संस्था जल निगम का दावा है कि मार्च 2017 तक इसका निर्माण पूरा करा लिया जाएगा लेकिन अब तक 30 फीसदी से अधिक काम अधूरा है। जानकार इसके समय से पूरा होने पर संशय जता रहे हैं।
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