Kashi Tamil Sangamam: महामना की बगिया में दिखेगी तमिल संस्कृति की झलक, तमिलनाडु से आएंगे 2500 डेलीगेट
काशी तमिल संगमम को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैैयारियां अंतिम दौर में हैं। एक महीने तक चलने वाले संगमम में तमिलनाडु से करीब 2500 प्रतिनिधि काशी आएंगे। बीएचयू एंफीथिएटर मैदान में लगने वाले 75 स्टालों पर तमिल संस्कृति की झलक लोगों को देखने को मिलेगी।
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काशी में 17 नवंबर से 16 दिसंबर तक होने वाले काशी तमिल संगमम के लिए बीएचयू में जोरों पर तैयारियां चल रही हैं। बीएचयू एंफीथिएटर मैदान में लगने वाले 75 स्टालों पर तमिल संस्कृति की झलक लोगों को देखने को मिलेगी। इसमें कला, संस्कृति, व्यापार, व्यंजन आदि का प्रदर्शन होगा। एक महीने तक चलने वाले संगमम में तमिलनाडु से करीब 2500 प्रतिनिधि काशी आएंगे।
रविवार को बीएचयू में आयोजित परिचय कार्यक्रम में विश्वविद्यालय में होने वाले आयोजनों पर चर्चा के साथ ही तैयारियों की समीक्षा की गई। शिक्षाविद और भारतीय भाषा समिति के अध्यक्ष पद्मश्री चमू कृष्ण शास्त्री ने कहा कि काशी-तमिल संगमम देश के दोनों जगहों के लोगों को न सिर्फ एक दूसरे के और करीब लाएगा बल्कि अपने प्राचीन संबंधों को महसूस करने का अवसर प्रदान करेगा।
अध्यक्षता करते हुए बीएचयू में काशी तमिल संगमम आयोजन के नोडल अधिकारी प्रो. एचसीएस राठौड़ ने कहा कि काशी तमिल संगमम अब तक का अपनी तरह का ऐसा पहला आयोजन है, जिससे भारतीयों के बीच संबंध व सम्पर्क और सशक्त होंगे।
25 प्रकार के व्यंजन का लुत्फ उठाएंगे मेहमान
बीएचयू के खेल मैदान में प्रस्तावित काशी तमिल संगमम में 25 प्रकार के व्यंजन बनाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए तमिलनाडु से दो मुख्य शेफ बनारस पहुंच चुके हैं। एक माह चलने वाले काशी तमिल संगमम में आने वाले मेहमानों के खानपान की जिम्मेदारी इंडिया टूरिज्म के स्थानीय कार्यालय दी गई है। इंडिया टूरिज्म वाराणसी के सहायक निदेशक अमित गुप्ता के मुताबिक काशी तमिल संगमम में 25 प्रकार के व्यंजन बनने हैं।
तमिल में भी प्रसारित होंगी सूचनाएं
कमिश्नर कौशल राज शर्मा ने रविवार को कैंप कार्यालय पर काशी तमिल समागम के आयोजन की तैयारियों पर बैठक की। उन्होंने निर्देश दिया कि बीएचयू के स्टेडियम में एक कंट्रोल रूम स्थापित किया जाए, जहां से हिन्दी एवं तमिल भाषा में आवश्यक सूचनाएं एवं निर्देश प्रसारित किये जायेंगे। उन्होंने एडीएम प्रोटोकाल को निर्देश दिया कि आने वाले मेहमानों को ठहराने के लिए जिले के सर्किट हाउस, गेस्ट हाउस, रेलवे गेस्ट हाउस, विभिन्न विभागों के गेस्ट हाउस, बीएचयू एलडी गेस्ट हाउस तथा होटल आदि को रिजर्व किया जाए।