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वाराणसी के पूर्व जिला जज और सीजेएम समेत 12 हाईकोर्ट इलाहाबाद में तलब
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Sun, 02 Sep 2018 05:07 PM IST
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हाईकोर्ट इलाहाबाद के न्यायमूर्ति अमरेश्वर प्रताप शाही ने वाराणसी के पूर्व जिला जज वीपी शुक्ला, पूर्व सीजेएम अजय कुमार त्रिपाठी, पूर्व सीओ संसार सिंह और कैंट थाने के पूर्व वरिष्ठ उप निरीक्षक एसपी गुप्ता समेत 12 को अवमानना के एक मामले में छह सितंबर को तलब किया है।
न्यायमूर्ति ने जिला जज, एसएसपी और सीजेएम को आदेश दिया है कि इनकी जहां भी पोस्टिंग हो वहां से सभी की कोर्ट में उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। यह आदेश पूर्व जिला जज वीपी शुक्ल के दामाद और अर्दली बाजार टकटकपुर निवासी वेद प्रकाश मिश्र की तरफ से दाखिल अवमानना याचिका पर दिया गया है।
प्रकरण के मुताबिक पूर्व जिला जज वीपी शुक्ल की बेटी बीना की शादी ज्ञान प्रकाश मिश्र के छोटे भाई वेद प्रकाश मिश्र से 27 अप्रैल 1999 को हुई थी। वर्ष 2009 में वीपी शुक्ल बनारस में जिला जज नियुक्त हुए थे। इस दौरान बीना इन्हीं के साथ रह रही थी। अपनी तैनाती के दौरान 13 जून 2010 को वेद प्रकाश के परिवार के सदस्यों के खिलाफ दहेज प्रताड़ना और बेटी के पति की हत्या का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई।
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इस मामले में वेद प्रकाश ने 20 जून 2010 को हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर उपस्थित होकर कहा कि मैं जिंदा हूं और मेरी हत्या के आरोप में मेरे परिवार के सदस्यों को जेल में डाला गया है। हाईकोर्ट ने पुलिस को आदेश दिया कि इस मामले में चार्जशीट दाखिल न करे। साथ ही, जेल में निरुद्ध तीन महिलाओं को जमानत दे दी और सभी की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी।
इस आदेश के बावजूद तत्कालीन सीजेएम अजय त्रिपाठी और अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आरके सिंह के दबाव और जिला जज के प्रभाव में मामले के विवेचक एसपी गुप्ता ने सभी को आरोपी बनाते हुए आरोप पत्र दाखिल कर दिया। इसी को हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना मानते हुए याचिका दाखिल की गई। इस पर सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति ने अवमानना के आरोपियों को छह सितंबर को तलब किया है।
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न्यायमूर्ति ने जिला जज, एसएसपी और सीजेएम को आदेश दिया है कि इनकी जहां भी पोस्टिंग हो वहां से सभी की कोर्ट में उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। यह आदेश पूर्व जिला जज वीपी शुक्ल के दामाद और अर्दली बाजार टकटकपुर निवासी वेद प्रकाश मिश्र की तरफ से दाखिल अवमानना याचिका पर दिया गया है।
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प्रकरण के मुताबिक पूर्व जिला जज वीपी शुक्ल की बेटी बीना की शादी ज्ञान प्रकाश मिश्र के छोटे भाई वेद प्रकाश मिश्र से 27 अप्रैल 1999 को हुई थी। वर्ष 2009 में वीपी शुक्ल बनारस में जिला जज नियुक्त हुए थे। इस दौरान बीना इन्हीं के साथ रह रही थी। अपनी तैनाती के दौरान 13 जून 2010 को वेद प्रकाश के परिवार के सदस्यों के खिलाफ दहेज प्रताड़ना और बेटी के पति की हत्या का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई।
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इस मामले में वेद प्रकाश ने 20 जून 2010 को हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर उपस्थित होकर कहा कि मैं जिंदा हूं और मेरी हत्या के आरोप में मेरे परिवार के सदस्यों को जेल में डाला गया है। हाईकोर्ट ने पुलिस को आदेश दिया कि इस मामले में चार्जशीट दाखिल न करे। साथ ही, जेल में निरुद्ध तीन महिलाओं को जमानत दे दी और सभी की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी।
इस आदेश के बावजूद तत्कालीन सीजेएम अजय त्रिपाठी और अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आरके सिंह के दबाव और जिला जज के प्रभाव में मामले के विवेचक एसपी गुप्ता ने सभी को आरोपी बनाते हुए आरोप पत्र दाखिल कर दिया। इसी को हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना मानते हुए याचिका दाखिल की गई। इस पर सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति ने अवमानना के आरोपियों को छह सितंबर को तलब किया है।