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वाराणसी-छपरा रेलखंड पर तीन माह बाद दौड़ेंगी इलेक्ट्रिक ट्रेनें
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बलिया
Updated Wed, 17 Jan 2018 10:37 PM IST
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रेलवे
- फोटो : self
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वाराणसी-छपरा रेलखंड पर विद्युतीकरण का कार्य अंतिम चरण में हैं। सब कुछ ठीक रहा तो मार्च के अंतिम सप्ताह से इस रूट पर इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेनें दौड़ने लगेंगी। इसका यात्रियों को बड़ा फायदा मिलेगा। दूरी तो वही रहेगी, लेकिन समय की बचत होगी। जहां वाराणसी पहुंचने में साढ़े तीन घंटे लगते थे वहीं पौने तीन घंटे ही लगेंगे।
मंडुवाडीह से छपरा तक विद्युतीकरण का कार्य पिछले साल शुरू किया गया था। जिस पर तीन हजार करोड़ क लागत आई है। अधिकारियों की माने तो कार्य 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है और मार्च तक इसे पूरा कर लिया जाएगा। छपरा-वाराणसी रेलखंड पर करीब 54 ट्रेनों का परिचालन हो रहा है।
ये सभी ट्रेनें वर्तमान में डीजल इंजन से चलती हैं। रेल अधिकारियों की माने तो डीजल इंजन की अपेक्षा बिजली के इंजन से गाड़ियों का परिचालन होने से सबसे अधिक फायदा यात्रियों को होगा। वाराणसी जाने में ही अभी तक एक्सप्रेस ट्रेनों को तकरीबन साढ़े तीन घंटे लगते हैं, बिजली इंजन से सिर्फ दो घंटो 45 मिनट में वाराणसी पहुंच जाएंगे। इस तरह करीब एक घंटे समय की बचत होगी।
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स्टेशन अधीक्षक संजय सिंह ने बताया कि बताया कि इनता ही नहीं, विद्युतीकरण के बाद दोहरीकरण का कार्य भी तेजी से चल रहा है। इस मार्ग पर दोहरीकरण का कार्य पूर्ण होने के बाद ट्रेनें विलंबित नहीं होंगी।
मंडुवाडीह से छपरा तक विद्युतीकरण का कार्य पिछले साल शुरू किया गया था। जिस पर तीन हजार करोड़ क लागत आई है। अधिकारियों की माने तो कार्य 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है और मार्च तक इसे पूरा कर लिया जाएगा। छपरा-वाराणसी रेलखंड पर करीब 54 ट्रेनों का परिचालन हो रहा है।
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ये सभी ट्रेनें वर्तमान में डीजल इंजन से चलती हैं। रेल अधिकारियों की माने तो डीजल इंजन की अपेक्षा बिजली के इंजन से गाड़ियों का परिचालन होने से सबसे अधिक फायदा यात्रियों को होगा। वाराणसी जाने में ही अभी तक एक्सप्रेस ट्रेनों को तकरीबन साढ़े तीन घंटे लगते हैं, बिजली इंजन से सिर्फ दो घंटो 45 मिनट में वाराणसी पहुंच जाएंगे। इस तरह करीब एक घंटे समय की बचत होगी।
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स्टेशन अधीक्षक संजय सिंह ने बताया कि बताया कि इनता ही नहीं, विद्युतीकरण के बाद दोहरीकरण का कार्य भी तेजी से चल रहा है। इस मार्ग पर दोहरीकरण का कार्य पूर्ण होने के बाद ट्रेनें विलंबित नहीं होंगी।