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छपरा से बलिया के बीच इलेक्ट्रिक इंजन का ट्रायल, ट्रेन ने 45 मिनट में पूरी की 66 किमी की दूरी

Tue, 11 Dec 2018 07:42 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बलिया
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बलिया Updated Tue, 11 Dec 2018 07:42 PM IST
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Electric engine trial from chapra to ballia
इलेक्ट्रिक इंजन - फोटो : amar ujala
छपरा-वाराणसी रेलखंड पर इसी माह से इलेक्ट्रिक ट्रेनें दौड़ेंगी। मंगलवार को इलेक्ट्रिक इंजन का छपरा से बलिया के बीच ट्रायल किया गया। छपरा रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान सीआरएस एके जैन ने इलेक्ट्रिक इंजन का विधिवत पूजन कर रवाना किया।
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बलिया से छपरा के बीच ट्रेन ने 66 किलोमीटर की दूरी 80 से 110 के बीच रखते हुए 45 मिनट में पूरी की। वाराणसी-छपरा रेल खंड पर हुए विद्युतीकरण का सीआरएस समेत रेल अधिकारियों ने मंगलवार को निरीक्षण किया।
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इस मौके पर सीआरएस एके जैन ने बताया कि विद्युतीकरण का कार्य पूरा हो चुका है। एक सप्ताह के भीतर ही इलेक्ट्रिक ट्रेनों का परिचालन शुरू कर दिया जाएगा, जिसका ट्रायल मंगलवार को विशेष सैलून के जरिये किया गया। सीआरएस एके जैन विशेष सैलून के साथ सुबह 10 बजकर के लगभग बलिया रेलवे स्टेशन पर पहुंचे।
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इस दौरान उनके साथ एडीआरएम एके श्रीवास्तव, सीनियर डीसीएम राहुल गुप्ता, सीनियर डीईई एमके सिंह, प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुरेश पवार, जीएम रंजीत सिंह शान, केपीटीएल के सेफ्टी कोआर्डिनेटर सुबोध सिंह भी मौजूद रहे। वाराणसी-छपरा रेलखंड पर हुए विद्युतीकरण का गहनता से निरीक्षण किया। इस दौरान मौके पर मौजूद इंजीनियरों से जानकारी ली।

बलिया से छपरा के बीच 66 किलोमीटर की दूरी में विद्युतीकरण का कार्य होने के बाद आपूर्ति भी करीब एक पखवारे पूर्व शुरू कर दी गई है। विशेष सैलून से बलिया के बाद बांसडीहरोड स्टेशन के पास बने बिजली के 132केवीए के उपकेंद्र का निरीक्षण किया। इस उपकेंद्र की शाखा रेवती व गौतम स्थान रेलवे स्टेशन के पास बनाई गई है।

सीआरएस एके जैन ने बताया कि छपरा-वाराणसी रेलखंड पर इलेक्ट्रिक इंजन चलाने से समय की बचत होगी। ट्रायल के तौर पर पहले मालगाड़ी चलाई जाएगी। इसके बाद पैसेंजर और उसके बाद एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। 

विद्युत उपकेंद्र का किया निरीक्षण, स्लीपर की भी जांच की 

Electric engine trial from chapra to ballia
जांच करते अधिकारी - फोटो : amar ujala
वाराणसी-छपरा रेल खण्ड के बांसडीहरोड रेलवे स्टेशन के समीप बनकर तैयार ट्रेक्सन सब स्टेशन का सीआरएस एके जैन सहित अन्य रेल अधिकारियों ने निरीक्षण किया। पांच बोगियों की सैलून से सुबह करीब 11 बजे बांसडीहरोड रेलवे के क्रासिंग संख्या 6 सी पर पहुंचे।

सैलून से उतरकर अधिकारियों ने रेलवे ट्रैक के विद्युतीकरण के कार्यों का बारीकी से जांच करते हुए सब स्टेशन पर गए, जहां करीब 15 मिनट तक निरीक्षण करने के बाद सब स्टेशन परिसर में 22 पौधे भी लगाए। पौध लगाने से जरूरी है, उसकी देखभाल एवं उसकी सुरक्षा करना। इसके बाद सीआरएस सीधे रेलवे ट्रैक पर पहुंच गए, जहां स्लीपर की भी जांच की। ट्रैक पर की गई रंगाई सहीं नहीं है, जिससे सीआरएस ने सम्बन्धित अधिकारियों को फटकार लगाई।

एडीआरएम वीके श्रीवास्तव ने कहा कि रेलवे क्रासिंग पर हो रहे जाम से निजात दिलाया जाएगा। कहा कि विद्युतीकरण के बाद फिलहाल कोई नई ट्रेन चलाने का प्रस्ताव नहीं है, जितनी ट्रेनें चल रही हैं, उन्हें धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक इंजन से चलाया जाएगा।

उधर, इलेक्ट्रिक इंजन को लेकर रेल कर्मचारी व अधिकारियों के अलावा आम जनता में भी उत्सुकता रही। छपरा से ट्रेन के खुलने के बाद बलिया पहुंचने के दौरान विभिन्न छोटे-बड़े स्टेशनों पर स्टेशन मास्टर स्वयं हरी झंडी दिखाने में लगे रहे। बलिया स्टेशन पहुंचने पर इलेक्ट्रिक इंजन के चालक का लोगों ने स्वागत किया।
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