धरोहरों पर जम रही बेपरवाही की धूल
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के स्थानीय अधिकारियों की उदासीनता के चलते इन धरोहरों अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। संरक्षण के नाम पर हर साल ढाई से तीन करोड़ रुपये का बजट भी मिलता है मगर इसके सकारात्मक उपयोग का असर नहीं दिखता।
विश्व धरोहर दिवस पर सारनाथ स्थित संग्रहालय में प्रवेश नि:शुल्क होगा। देसी-विदेशी सैलानियों से कोई टिकट नहीं लिया जाएगा। सामान्य दिनों में म्यूजियम में भारतीय सैलानियों से पांच और खंडहर में 15 रुपये लिए जाते हैं। वहीं विदेशी सैलानियों से खंडहर में 100 और म्यूजियम में पांच रुपये लिए जाते हैं।