रोडवेज के जरिए अपने पैरों पर खड़े हो सकेंगे दिव्यांग, बनेंगे आत्मनिर्भर
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उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन निगम की पहल से दिव्यांगजन अब अपने पैरों पर खड़े हो सकेंगे। रोडवेज बस स्टेशनों पर दिव्यांगों को दुकान या कैंटीन का आवंटन किया जाएगा। इससे वह अपनी जीविका चला सकेंगे।
वाराणसी जिले में मजिस्ट्रेट, जिला विकलांग कल्याण अधिकारी और रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक की गठित एक टीम दिव्यांगजनों की स्क्रीनिंग करके उन्हें दुकान आवंटित करेगी। यह सिस्टम पूरे सूबे के रोडवेज बस स्टेशनों पर लागू कराने के लिए सामाजिक संस्था उम्मीद ने रोडवेज मुख्यालय स्थित एमडी डॉ राजशेखर से मुलाकात करके योजना तैयार की है।
सब कुछ ठीक ठाक रहा तो नए साल से पहले दिव्यांगों को दुकानें आवंटित होना शुरू हो जाएगी। रोडवेज वाराणसी परिक्षेत्र के आठ डिपो में इसे लागू कराने की तैयारी है। फिलहाल शुरुआत वाराणसी के कैंट रोडवेज बस स्टेशन से होनी है।
चयन समिति यह देखेगी कि दिव्यांग किस तरह की दुकान का संचालन कर पाएगा, कोई समस्या और परेशानी तो नहीं आएगी। दुकान आवंटित होने पर यह दिव्यांग पर निर्भर रहेगा कि वह क्या खरीद बिक्री करेगा। प्रतिबंध के बाहर सभी तरह के सामानों की दुकान खोलने की छूट रहेगी।
क्षेत्रीय प्रबंधक एसके राय ने बताया कि पात्र दिव्यांगजनों को ही दुकान का आवंटन किया जाएगा। जल्द ही यह प्रक्रिया शुरू होगी। स्टेशन परिसर में सिर्फ एक दुकान ही आवंटित होगी।