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यूपी के नए सीएम को लेकर अटकलें तेज, वाराणसी से इतने बनेंगे मंत्री

Wed, 15 Mar 2017 05:23 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी Updated Wed, 15 Mar 2017 05:23 PM IST
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discussion are going fast for up new cm and ministers from varanasi
लालबत्ती - फोटो : logo
 विधानसभा चुनाव में भाजपा को मिले प्रचंड बहुमत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र और जिले से दो-तीन नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों के मंत्री बनने की संभावना जताई जा रही है। वाराणसी के चुनावी इतिहास में पहली बार किसी भी पार्टी ने जिले की सभी सीटों को पहली बार जीता है।
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इस बार के चुनाव में भाजपा ने सहयोगी दलों अपना दल (सोनेलाल) और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (भासपा) के साथ मिलकर सभी आठ सीट जीती हैं। मंत्री पद के दावेदारों ने तैयारी के क्रम में लखनऊ और दिल्ली तक कोशिशें शुरू कर दी हैं।
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हालांकि मंत्री पद के लिए कुछ चौंकाने वाले नाम भी शामिल हो सकते हैं। यह इस पर निर्भर करेगा कि मुख्यमंत्री पद पर किसकी ताजपोशी की जाती है।

पार्टी सूत्रों की मानें तो शहर उत्तरी सीट से भाजपा की टिकट पर विधायक चुने गए रवींद्र जायसवाल इस बार चुने गए सभी विधायकों में वरिष्ठ होने के नाते मंत्री बनाए जा सकते हैं।
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इनके अलावा अद (एस) के कोटे से सेवापुरी के विधायक चुने गए नील रतन पटेल को भी मंत्री बनाए जाने की संभावना राजनीतिक गलियरों में चल रही है।

इसके अलावा संगठन और पार्टी को मजबूती से खड़ा करने और काशी क्षेत्र की 61 में से 55 सीटों पर विजय दिलाने वाले क्षेत्रीय अध्यक्ष एमएलसी लक्ष्मण आचार्य को भी मंत्रिमंडल में स्थान दिया जा सकता है।
आचार्य एमएलसी पहले से ही हैं। इसके अलावा वह राजकीय मत्स्य निगम के चेयरमैन भी रह चुके हैं।

‌जिसके ऊपर कोई आरोप नहीं उन्हीं को प्राथमिकता


जानकारों का कहना है कि पार्टी उन्हीं सीनियर नेताओं के नाम मंत्रिमंडल के लिए प्रस्तावित करेगी, जिनके ऊपर किसी प्रकार का कोई आरोप नहीं है। रवींद्र जायसवाल ने अपने पहले कार्यकाल में न तो वेतन लिया और न ही मेडिकल भत्ता लिया। इस राशि से उन्होंने अपने क्षेत्र में बिजली के खंभे बंटवाए थे। इसी प्रकार नीलरतन पटेल को अद (एस) कोटे से बनाने के पीछे माना जा रहा है कि वह केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के नजदीकी तो हैं ही, वह सपा के निवर्तमान पीडब्ल्यूडी मंत्री के सुरेंद्र पटेल के अपना दल में होने के समय वह रणनीतिकार के तौर पर काम करते थे। वाराणसी में सपा के अकेले कद्दावर मंत्री को हराने के नाते उन्हें मंत्री बनाया जा सकता है।
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