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दसवीं में कम नंबर आने पर छात्रा ने लगाई फांसी
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Tue, 17 May 2016 01:35 AM IST
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आत्महत्या
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यूपी बोर्ड की हाईस्कूल की परीक्षा में कम नंबर आने से अवसादग्रस्त चेतगंज के रामकटोरा की रितिका सेठ (16) ने सोमवार की सुबह फांसी लगाकर जान दे दी। उसने 55 प्रतिशत अंक पाए थे। परिवारवालों के समझाने के बाद भी वह अवसाद से बाहर नहीं आ पाई। घर के एक कमरे में रितिका को दुपट्टे के फंदे से लटका देख परिवारवाले सन्न रह गए। तत्काल उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
रामकटोरा में आभूषण व्यवसायी भानु प्रकाश सेठ का परिवार रहता है। भानुप्रकाश के मुताबिक रितिका को उम्मीद थी कि उसके और अच्छे नंबर आएंगे। उम्मीद से कम नंबर आने से वह दुखी थी। माता-पिता को जब यह बात पता चली तो उन्होंने रितिका को समझाया कि नंबर कम नहीं हैं। निराश होने की जरूरत नहीं है। आगे और मेहनत करना। इसके बाद सोमवार की सुबह तक सब कुछ सामान्य था। रितिका ने घरवालों के लिए नाश्ता भी बनाया। इसके बाद अपने कमरे में चली गई। थोड़ी देर में उसकी छोटी बहन काजल कमरे में गई तो देखा कि पंखे के सहारे दुपट्टे के फंदे से रितिका लटकी पड़ी थी। काजल ने शोर मचाया तो परिवार के लोग भाग कर आए। जीजीआईसी की छात्रा रितिका तीन बहनों और दो भाइयों में सबसे बड़ी थी। घटना के बाद उसकी मां ज्योति और भाई-बहन रो-रोकर बेहाल थे।
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रामकटोरा में आभूषण व्यवसायी भानु प्रकाश सेठ का परिवार रहता है। भानुप्रकाश के मुताबिक रितिका को उम्मीद थी कि उसके और अच्छे नंबर आएंगे। उम्मीद से कम नंबर आने से वह दुखी थी। माता-पिता को जब यह बात पता चली तो उन्होंने रितिका को समझाया कि नंबर कम नहीं हैं। निराश होने की जरूरत नहीं है। आगे और मेहनत करना। इसके बाद सोमवार की सुबह तक सब कुछ सामान्य था। रितिका ने घरवालों के लिए नाश्ता भी बनाया। इसके बाद अपने कमरे में चली गई। थोड़ी देर में उसकी छोटी बहन काजल कमरे में गई तो देखा कि पंखे के सहारे दुपट्टे के फंदे से रितिका लटकी पड़ी थी। काजल ने शोर मचाया तो परिवार के लोग भाग कर आए। जीजीआईसी की छात्रा रितिका तीन बहनों और दो भाइयों में सबसे बड़ी थी। घटना के बाद उसकी मां ज्योति और भाई-बहन रो-रोकर बेहाल थे।
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