{"_id":"59f338964f1c1b60678b7ae1","slug":"school-manager-murder-in-azamgarh","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"आजमगढ़ में बेखौफ बदमाश, स्कूल सचांलक की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
आजमगढ़ में बेखौफ बदमाश, स्कूल सचांलक की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या
ब्यूरो,अमर उजाला,आजमगढ़
Updated Sun, 29 Oct 2017 12:42 PM IST
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घटना स्थल पर पहुंची पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
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आजमगढ़ निवासी स्कूल संचालक अखिलेश कुमार (22) की शुक्रवार को दिनदहाड़े नकाबपोश बदमाशों ने ताबड़तोड़ चार गोली मारकर हत्या कर दी। गोली की आवाज सुनकर जबतक कोई मौके पर पहुंचता आरोपी फरार हो चुके थे। एसपी सिटी सुभाष चंद्र गंगवार, सीओ लालगंज और एसओ बरदह के साथ मौके पर पहुंचकर मुआयना किया।
आजमगढ़ के बरदह थाना क्षेत्र के नर्वे गांव निवासी स्व. बलिहारी राम दिल्ली के नागीन बिहार नजफगढ़ में रहते थे। वहीं पर बसपा की सक्रिय राजनीति कर रहे थे। उन्हें दिल्ली के नांगलोई विधानसभा का प्रभारी बनाया गया था। कुछ दिन पूर्व उनका निधन हो गया। उनका पूरा परिवार भी दिल्ली में रहता था।
बलिहारी के परिवार में उनकी पत्नी के अलावा बड़ा बेटा अरविंद उसकी पत्नी और दो बच्चे और छोटा बेटा अखिलेश कुमार थे। अरविंद और अखिलेश दिल्ली में घर के पास अंबेडकर इंटर कालेज चला रहे थे।
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यह दोनों स्कूल के साथ-साथ प्रापर्टी डिलिंग का भी काम करते थे। चार दिन पूर्व अरविंद, अखिलेश के अलावा इलाहाबाद का रहने वाला वाहन चालक अरविंद, फिरोजाबाद जिले के दो प्राइवेट बॉडीगार्ड चरकरन सिंह और श्रीनिवास सिंह नर्वे आए हुए थे।
शुक्रवार की सुबह पौने आठ बजे के करीब दोनों बाडीगार्ड चालक को लेकर ठेकमा बाजार से नाश्ता लेने चले गए। अरविंद मकान के दूसरे तल पर शौच करने चला गया।
अखिलेश आंगन में चार पाई पर बैठा हुआ था। इस दौरान कुछ नकाबपोश बदमाश पहुंचे और ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर अखिलेश को घायल कर दिया। अरविंद को घटना की जानकारी गोली की आवाज सुनने पर हुई तो वह भागकर नीचे पहुंचे।
इस दौरान दो नकाबपोश बदमाशों को भागते हुए देखा। आनन-फानन में अखिलेश को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डाक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
एसपी सिटी/प्रभारी एसपी सुभाष चंद्र गंगवार कहना है कि मृतक के बड़े भाई की तहरीर के आधार पर अज्ञात बदमाशों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पुलिस कई प्रमुख बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए जांच पड़ताल कर रही है।
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आजमगढ़ के बरदह थाना क्षेत्र के नर्वे गांव निवासी स्व. बलिहारी राम दिल्ली के नागीन बिहार नजफगढ़ में रहते थे। वहीं पर बसपा की सक्रिय राजनीति कर रहे थे। उन्हें दिल्ली के नांगलोई विधानसभा का प्रभारी बनाया गया था। कुछ दिन पूर्व उनका निधन हो गया। उनका पूरा परिवार भी दिल्ली में रहता था।
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बलिहारी के परिवार में उनकी पत्नी के अलावा बड़ा बेटा अरविंद उसकी पत्नी और दो बच्चे और छोटा बेटा अखिलेश कुमार थे। अरविंद और अखिलेश दिल्ली में घर के पास अंबेडकर इंटर कालेज चला रहे थे।
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यह दोनों स्कूल के साथ-साथ प्रापर्टी डिलिंग का भी काम करते थे। चार दिन पूर्व अरविंद, अखिलेश के अलावा इलाहाबाद का रहने वाला वाहन चालक अरविंद, फिरोजाबाद जिले के दो प्राइवेट बॉडीगार्ड चरकरन सिंह और श्रीनिवास सिंह नर्वे आए हुए थे।
शुक्रवार की सुबह पौने आठ बजे के करीब दोनों बाडीगार्ड चालक को लेकर ठेकमा बाजार से नाश्ता लेने चले गए। अरविंद मकान के दूसरे तल पर शौच करने चला गया।
अखिलेश आंगन में चार पाई पर बैठा हुआ था। इस दौरान कुछ नकाबपोश बदमाश पहुंचे और ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर अखिलेश को घायल कर दिया। अरविंद को घटना की जानकारी गोली की आवाज सुनने पर हुई तो वह भागकर नीचे पहुंचे।
इस दौरान दो नकाबपोश बदमाशों को भागते हुए देखा। आनन-फानन में अखिलेश को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डाक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
एसपी सिटी/प्रभारी एसपी सुभाष चंद्र गंगवार कहना है कि मृतक के बड़े भाई की तहरीर के आधार पर अज्ञात बदमाशों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पुलिस कई प्रमुख बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए जांच पड़ताल कर रही है।
चेक बाउंस होने को लेकर चल रहा था विवाद
जांच करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
बरदह थाना क्षेत्र के नर्वे गांव निवासी अरविंद कुमार ने जल्द ही अपने गांव के राजेश से दिल्ली में स्थित उसका मकान खरीद लिया था। इस दौरान वह कुछ रुपये नगद दे दिया। शेष रकम का भुगतान के लिए चेक थमा दिया।
जो बाउंस हो गया। उक्त रुपये को लेकर दोनों पक्षों में विवाद चल रहा था। मामला अभी भी न्यायालय में लंबित है। पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है। बरदह थाना क्षेत्र के नर्वे गांव में दिनदहाड़े बसपा नेता के पुत्र की गोली मारकर हत्या से दहशत का माहौल है।
अरविंद का घर गांव से थोड़ा अलग है। हत्या की जानकारी के बाद लोग मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों का कहना था कि आसपास घर नहीं होने के कारण हमलावरों को कोई देख नहीं पाया।
जो बाउंस हो गया। उक्त रुपये को लेकर दोनों पक्षों में विवाद चल रहा था। मामला अभी भी न्यायालय में लंबित है। पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है। बरदह थाना क्षेत्र के नर्वे गांव में दिनदहाड़े बसपा नेता के पुत्र की गोली मारकर हत्या से दहशत का माहौल है।
अरविंद का घर गांव से थोड़ा अलग है। हत्या की जानकारी के बाद लोग मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों का कहना था कि आसपास घर नहीं होने के कारण हमलावरों को कोई देख नहीं पाया।