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आजमगढ़ः झोपड़ी में चल रहे अवैध असलहे की फैक्ट्री का भंडाफोड़
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी/आजमगढ़
Updated Mon, 09 Jan 2017 09:25 PM IST
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अवैध असलहे की फैक्ट्री से बरामद तमंचा और समान
- फोटो : अमर उजाला
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आजमगढ़ की कोतवाली पुलिस ने सोमवार की शाम सर्फुद्दीनपुर गांव में स्थित तमसा नदी के किनारे झोपड़ी में चल रहे अवैध असलहे की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया।
वहां की गई छापेमारी में पुलिस ने एक तस्कर को गिरफ्तार कर लिया जबकि चार भाग निकले। पुलिस ने मौके से पांच तैयार तमंचा, एक अर्धनिर्मित तमंचा और भारी मात्रा में असलहा बनाने का औजार बरामद किया।
पुलिस गिरफ्तार आरोपी की निशानदेही पर फरार की तलाश में जुटी है। सर्फूद्दीनपुर गांव निवासी परदेशी राम उर्फ भकड़ू अवैध असलहा बनाने का काम करता है।
वह सोमवार को अपने चार अन्य साथियों के साथ मिलकर गांव में स्थित तमसा नदी के किनारे मड़ई डालकर बना रहा था।
मुखबिर के जरिए सूचना मिलने पर कोतवाल शिशिर त्रिवेदी ने दलबल के साथ वहां छापा मारा। इस दौरान चार आरोपी तो भाग गए।
लेकिन परदेशी पकड़ लिया गया। पुलिस ने मौके से पांच तैयार तमंचा और एक अर्धनिर्मित तमंचा के अलावा भारी मात्रा में असलहा बनाने के उपकरण बरामद किया।
कोतवाल ने बताया कि पूछताछ के दौरान परदेशी ने बताया कि वह काफी दिनों से इस तरह से तमंचा बना रहा था।
अब तक कई लोगों को असलहे बेच भी चुका है। कोतवाल ने बताया कि यह लोग तीन से पांच हजार रुपये में लोगों को तमंचा बेचते हैं।
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वहां की गई छापेमारी में पुलिस ने एक तस्कर को गिरफ्तार कर लिया जबकि चार भाग निकले। पुलिस ने मौके से पांच तैयार तमंचा, एक अर्धनिर्मित तमंचा और भारी मात्रा में असलहा बनाने का औजार बरामद किया।
पुलिस गिरफ्तार आरोपी की निशानदेही पर फरार की तलाश में जुटी है। सर्फूद्दीनपुर गांव निवासी परदेशी राम उर्फ भकड़ू अवैध असलहा बनाने का काम करता है।
वह सोमवार को अपने चार अन्य साथियों के साथ मिलकर गांव में स्थित तमसा नदी के किनारे मड़ई डालकर बना रहा था।
मुखबिर के जरिए सूचना मिलने पर कोतवाल शिशिर त्रिवेदी ने दलबल के साथ वहां छापा मारा। इस दौरान चार आरोपी तो भाग गए।
लेकिन परदेशी पकड़ लिया गया। पुलिस ने मौके से पांच तैयार तमंचा और एक अर्धनिर्मित तमंचा के अलावा भारी मात्रा में असलहा बनाने के उपकरण बरामद किया।
कोतवाल ने बताया कि पूछताछ के दौरान परदेशी ने बताया कि वह काफी दिनों से इस तरह से तमंचा बना रहा था।
अब तक कई लोगों को असलहे बेच भी चुका है। कोतवाल ने बताया कि यह लोग तीन से पांच हजार रुपये में लोगों को तमंचा बेचते हैं।