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बलियाः होमवर्क न करने पर शिक्षिका की पिटाई से कक्षा चार की छात्रा की मौत
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, बलिया
Updated Thu, 08 Feb 2018 08:41 AM IST
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छात्रा की मौत के बाद उग्र लोगों को समझाते अपरजिलाधिकारी मनोज सिंघल
- फोटो : अमर उजाला
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बलिया जिले में एक प्राइवेट स्कूल में होमवर्क पूरा न करने पर टीचर की पिटाई से कक्षा चार की छात्रा की मौत का मामला सामने आया है। जिले के रसड़ा स्थित सेंट जेवियर्स स्कूल में कक्षा चार में पढ़ने वाली एक छात्रा की मौत शिक्षिका की पिटाई से हो गई।
घटना के विरोध में परिजन एवं काफी संख्या में ग्रामीण बुधवार को स्कूल गेट के सामने पहुंच गए तथा शव रख जमकर हंगामा किया। आरोप है कि साइंस का होमवर्क पूरा नहीं होने पर शिक्षिका ने छात्रा की पिटाई की थी। स्कूल पर हंगामा की सूचना मिलते ही एडीएम, एएसपी, और एसडीएम मौके पर पहुंच गए और परिजनों को समझाबुझा कर शांत किया।
इस मामले में छात्रा के पिता की तहरीर पर प्रबंधक, प्रधानाचार्य एवं आरोपी शिक्षिका के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया। फेफना थाना क्षेत्र के औदी पियरिया निवासी संतोष वर्मा की 10 वर्षीय पुत्री सुप्रिया वर्मा सेंट जेवियर्स स्कूल में कक्षा चार की छात्रा थी।
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परिजनों ने बताया कि सुप्रिया प्रतिदिन की भांति मंगलवार को स्कूल गई, जहां होमवर्क पूरा नहीं करने पर शिक्षिका रजनी ने उसकी पिटाई कर दी थी। जिसके बाद छात्रा गश्त खाकर गिर गई। उसे बेहोशी की हालत में परिजन सीएचसी लेकर गए, जहां हालत नाजुक देख डॉक्टरों ने वाराणसी के लिए रेफर कर दिया।
वाराणसी में इलाज के दौरान छात्रा ने देर रात दम तोड़ दिया। घटना के बाद परिजन छात्रा का शव लेकर स्कूल पर पहुंच गए तथा उक्त शिक्षिका और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए हंगामा शुरू कर दिए।
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घटना के विरोध में परिजन एवं काफी संख्या में ग्रामीण बुधवार को स्कूल गेट के सामने पहुंच गए तथा शव रख जमकर हंगामा किया। आरोप है कि साइंस का होमवर्क पूरा नहीं होने पर शिक्षिका ने छात्रा की पिटाई की थी। स्कूल पर हंगामा की सूचना मिलते ही एडीएम, एएसपी, और एसडीएम मौके पर पहुंच गए और परिजनों को समझाबुझा कर शांत किया।
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इस मामले में छात्रा के पिता की तहरीर पर प्रबंधक, प्रधानाचार्य एवं आरोपी शिक्षिका के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया। फेफना थाना क्षेत्र के औदी पियरिया निवासी संतोष वर्मा की 10 वर्षीय पुत्री सुप्रिया वर्मा सेंट जेवियर्स स्कूल में कक्षा चार की छात्रा थी।
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परिजनों ने बताया कि सुप्रिया प्रतिदिन की भांति मंगलवार को स्कूल गई, जहां होमवर्क पूरा नहीं करने पर शिक्षिका रजनी ने उसकी पिटाई कर दी थी। जिसके बाद छात्रा गश्त खाकर गिर गई। उसे बेहोशी की हालत में परिजन सीएचसी लेकर गए, जहां हालत नाजुक देख डॉक्टरों ने वाराणसी के लिए रेफर कर दिया।
वाराणसी में इलाज के दौरान छात्रा ने देर रात दम तोड़ दिया। घटना के बाद परिजन छात्रा का शव लेकर स्कूल पर पहुंच गए तथा उक्त शिक्षिका और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए हंगामा शुरू कर दिए।
प्रधानाचार्या ने घटना को राजनीति से प्रेरित बताया
मृतक के परिजन
- फोटो : अमर उजाला
सूचना मिलते ही रसड़ा सीओ अवधेश चौधरी व कोतवाल जगदीश चंद्र यादव हमराहियों के साथ मौके पर पहुंच गए और लोगों को काफी समझाने का प्रयास किया। लेकिन वे नहीं माने। बाद में एडीएम, एएसपी, एसडीएम पहुंचे और परिजनों को समझाबुझा कर शांत कराए। अधिकारियों के निर्देश पर प्रबंधक मुन्ना सिंह, प्रधानाचार्य संगीता सिंह व शिक्षिका रजनी को पुलिस ने तत्काल हिरासत में लिया।
इसके बाद पुलिस ने पिता संतोष वर्मा की तहरीर पर तीनों के विरूद्ध धारा मुकदमा दर्ज किया। पीड़ित पिता का यह भी आरोप था कि पुत्री की पिटाई की शिकायत जब मैंने प्रधानाचार्य एवं प्रबंधक से किया तो उन लोगों ने गाली गलौज देते हुए धक्के देकर बाहर निकलवा दिया।
उधर, पुलिस ने छात्रा का पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। स्कूल के प्रधानाचार्या संगीता सिंह ने इस घटना को राजनीति से प्रेरित बताया। कहा कि सुप्रिया पहले से ही बीमार थी और उसको झटके आते थे।
मंगलवार को भी उसे अचानक सिर में तेज दर्द बताया। जिसके बाद हम लोगों ने परिजनों को तत्काल सूचना दिया। छात्रा की पिटाई का आरोप गलत है। कहा कि राजनीति से ग्रसित लोग परिजनों को बरगलाकर अपना स्वार्थ सिध्द कर रहे हैं।
पापा की लाडली थी सुप्रिया, नहीं रुक रहे मां के आंसू
छात्रा की मौत के बाद उग्र लोगों को समझाते अपरजिलाधिकारी मनोज सिंघल
- फोटो : अमर उजाला
स्कूल में शिक्षिका के पिटाई से छात्रा के मौत की खबर उसके गांव में आग की तरह फैल गई। गांव से काफी संख्या में लोग स्कूल पर पहुंच गए और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अपने पिता की लाडली और कक्षा चौथी में पढ़ने वाली सुप्रिया घर में सबकी प्रिय थी।
तीन भाई बहनों में सबसे बड़ी सुप्रिया थी। पिता की लाडली होने के साथ ही मां की दुलारी भी थी। बेटी की मौत के बाद मां का रो रो कर बुरा हाल था। उनकी आंखों से आंसू रुकने का नाम ही नहीं ले रहे थे। परिवार के लोग और गांव की महिलाएं सांत्वना देने में लगी थी।
लेकिन वह बेटी के शव को पकड़ के बार-बार चीत्कार मार के रोए जा रही थी। उधर, स्कूल पर काफी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों में आक्रोश देख रहा था। उनका कहना था कि बच्चों को स्कूल पढ़ाने के लिए भेजा जाता है जबकि स्कूल प्रबंधन इस पर ध्यान नहीं देता है और सिर्फ बच्चों को टॉर्चर किया जाता है। ऐसे स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
तीन भाई बहनों में सबसे बड़ी सुप्रिया थी। पिता की लाडली होने के साथ ही मां की दुलारी भी थी। बेटी की मौत के बाद मां का रो रो कर बुरा हाल था। उनकी आंखों से आंसू रुकने का नाम ही नहीं ले रहे थे। परिवार के लोग और गांव की महिलाएं सांत्वना देने में लगी थी।
लेकिन वह बेटी के शव को पकड़ के बार-बार चीत्कार मार के रोए जा रही थी। उधर, स्कूल पर काफी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों में आक्रोश देख रहा था। उनका कहना था कि बच्चों को स्कूल पढ़ाने के लिए भेजा जाता है जबकि स्कूल प्रबंधन इस पर ध्यान नहीं देता है और सिर्फ बच्चों को टॉर्चर किया जाता है। ऐसे स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।