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कारतूस कांड का मास्टर माइंड गिरफ्तार

Sun, 14 Aug 2016 02:30 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी Updated Sun, 14 Aug 2016 02:30 AM IST
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Cartridge case, the mastermind arrested
कारतूसों का जखीरा हुआ था बरामद - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला
कैंट रेलवे स्टेशन से बीते 21 जुलाई को 1250 कारतूस की बरामदगी के मामले के मास्टर माइंड पांच हजार के इनामी सीआरपीएफ के निलंबित आर्मोरर जितेंद्र कुमार उर्फ  डबल सिंह को शनिवार की शाम एसटीएफ की वाराणसी यूनिट ने वरुणा पुल के समीप आशियाना तिराहा से गिरफ्तार कर लिया। मूलत: बिहार के नालंदा जिले के हरनौज थाना क्षेत्र के पुवारी गांव का जितेंद्र फरार होने से पहले आरा के कोईलवर में तैनात था। वह समर्पण करने के इरादे से वाराणसी आया था लेकिन सर्विलांस की मदद से पुलिस ने उसे पहले ही धरदबोचा।
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कैंट रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर छह-सात के समीप स्थित ओवरब्रिज के पास से बीते 21 जुलाई को पुवारी के राजनयन सिंह को इंसास रायफल के 1000 और राजा बाबू को एसएलआर के 250 प्रतिबंधित कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में सामने आया कि राजा बाबू सीआरपीएफ के आर्मोरर जितेंद्र कुमार उर्फ डबल सिंह का बेटा है और राजनयन भतीजा है। दोनों से पूछताछ के बाद जितेंद्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। आशियाना तिराहे से उसकी गिरफ्तारी एसटीएफ के इंस्पेक्टर विपिन राय और एसआई चित्रकूट पुरी ने की। जितेंद्र के पास से 17 हजार रुपये और एक मोबाइल बरामद हुआ। जितेंद्र को जीआरपी कैंट को सुपुर्द किया गया है।
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एसटीएफ की पूछताछ में जितेंद्र ने बताया कि वह बीते दो साल से बिहार की रणवीर सेना और नक्सलियों को कारतूस उपलब्ध करा रहा था। दो साल पहले रामपुर स्थित सीआरपीएफ कैंप में साप्ताहिक प्रशिक्षण के दौरान किसी विजय सिंह नाम के शख्स से उसकी जान-पहचान हुई थी और उसी के इशारे पर कारतूस की तस्करी शुरू कर दी। प्रति कारतूस उसे ढाई सौ रुपये मुनाफा होता था। विजय उसे नाइन एमएम की पिस्टल, एसएलआर, इंसास रायफल और एके-47 के कारतूस उपलब्ध कराता था और वह इसकी सप्लाई रणवीर सेना और नक्सलियों को करता था।
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जितेंद्र से पूछताछ के बाद अब पुलिस विजय नामक उस शख्स की तलाश में है, जो कारतूस उपलब्ध कराता था। आईबी सहित अन्य खुफिया एजेंसियां भी इसकी तह तक पहुंचने में लगी हैं। एसटीएफ इंस्पेक्टर विपिन राय ने बताया कि जल्द ही कारतूस उपलब्ध कराने वाले को भी गिरफ्तार किया जाएगा। जितेंद्र ने बताया कि पिछले दिनों जो 1250 कारतूस बरामद हुए थे, वह उसके बेटे और भतीजे को विजय सिंह ने ही मुरादाबाद रेलवे स्टेशन पर दिए थे। दोनों उसे लेकर पटना आ रहे थे तभी कैंट पर पकड़ लिए गए। 
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