कोरोनाः अस्पतालों में बने आईसोलेशन वार्ड की हो रही सघन मानीटरिंग
कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह मुस्तैद हैं। जिले के अस्पतालों में बने आइसोलेशन वार्ड में सुविधाओं की जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से नियमित मानीटरिंग की जा रही है। यहां बेड, मरीजों के भर्ती होने पर इलाज संबंधी सुविधाओं के साथ ही दिन में तीन-चार बार साफ-सफाई भी कराई जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले के मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा, दीनदयाल अस्पताल, रामनगर अस्पताल के साथ ही बीएचयू अस्पताल में आईसोलेशन वार्ड बनाया गया है। बाबतपुर एयरपोर्ट सहित जिन भी जगहों से लोग आ रहे हैं, उन्हें जांच के लिए इसी वार्ड में भर्ती कर जांच की जा रही है। नियमानुसार बाहर से यात्रा कर आने वालों को इसी वार्ड में रखना है। आने वाले दिनों में अगर किसी तरह की भयावह स्थिति होती है तो उससे निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग तैयार है। मंडलीय अस्पताल में आईसोलेशन वार्ड का अलग से प्रवेश द्वार बनवाया गया है।
जबकि बीएचयू के सुपर स्पेशियलिटी कांपलेक्स में छठे मंजिल पर आईसोलेशन वार्ड बनाकर इलाज किया जा रहा है। उधर दीनदयाल अस्पताल, रामनगर अस्पताल में भी वार्ड बनकर तैयार है। सीएमओ डॉ. वीबी सिंह ने बताया कि कोरोना वायरस को लेकर विभाग की तैयारी पूरी है। आईसोलेशन वार्ड में चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती कर दी गई है। किसी तरह की स्थिति से निपटने के लिए विभाग तैयार है।
कोरेंटाइन हॉस्पिटल की हर दिन समीक्षा
जिले में चार जगहों पर बने कोरेंटाइन हॉस्पिटल की मानीटरिंग की जिम्मेदारी मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा को सौंपी गई है। यहां साफ-सफाई के साथ ही अन्य सुविधाओं के बारे में मंडलीय अस्पताल से हर दिन समीक्षा की जा रही है। शनिवार को रेलवे अस्पताल लहरतारा, सीएचसी शिवपुर, फेमिली प्लानिंग सेंटर शिवपुर और परमानंदपुर आश्रय स्थल पर कंबल, चादर, सेनेटाइजर आदि भिजवाया गया। सीएमओ डॉ. वीबी सिंह ने बताया कि 208 बेड वाले कोरेंटाइन हॉस्पिटल में सभी सुविधाएं हैं। यहां तैनात प्रभारियों से नियमित बातचीत की जा रही है, जिससे कि किसी तरह की परेशानी न हो।
सरकारी अस्पतालों में वेंटीलेटर नहीं
बीएचयू अस्पताल, दीनदयाल अस्पताल को छोड़कर जिले के किसी भी सरकारी अस्पताल में वेंटीलेटर नहीं है। ऐसे में अगर कोई गंभीर मरीज आ जाए तो उसे बीएचयू ही भेजना होगा। इसमें दीनदयाल अस्पताल के सीएमएस डॉ. वी शुक्ला के मुताबिक हाल ही में दस वेंटीलेंटर मिले हैं। इसके अलावा रामनगर, मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा, जिला महिला अस्पताल में कहीं भी वेंटीलेंटर नहीं है। इस तरह की समस्या लंबे समय से बनी है।