कोरोना की भेंट चढ़ा उत्सव: बीएचयू में स्थापना दिवस पर इस बार भी नहीं निकलेगी शोभायात्रा, विद्यार्थियों में मायूसी
बसंत पंचमी के दिन ही 1916 में बीएचयू की स्थापना संस्थापक पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। इसी कारण हर वर्ष बसंत पंचमी के दिन विश्वविद्यालय के सभी संकायों द्वारा झांकियां निकाली जाती हैं। लेकिन इस बार भी कोराना काल के कारण आयोजन नहीं है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बसंत पंचमी के दिन काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में इस साल भी शोभायात्रा नहीं निकाली जाएगी। कोरोना संक्रमण की वजह से इस दिन केवल स्थापना स्थल पर पूजन कराया जाएगा। बीएचयू के 106वें स्थापना दिवस पर शोभायात्रा और झांकियों के आयोजन नहीं होने से विद्यार्थियों में मायूसी है। कोरोना के कारण कक्षाओं को संचालन भी ऑनलाइन ही हो रहा है।
1916 में बसंत पंचमी के दिन ही बीएचयू की स्थापना संस्थापक पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। इसके बाद से हर साल बसंत पंचमी के दिन ही विश्वविद्यालय का स्थापना दिवस मनाया जाता है। बीएचयू स्थापना दिवस पर विश्वविद्यालय के संकायों, संस्थानों के साथ ही इससे जुड़े महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं द्वारा अलग-अलग थीम पर झांकियां निकाली जाती हैं।
विश्वविद्यालय में होने वाले इस आयोजन को लेकर करीब 10 दिन पहले से ही तैयारी शुरू हो जाती है। इसमें संकायों में झांकियां तैयार करने से लेकर बैरीकेडिंग भी करा दी जाती है। इस साल बसंत पंचमी पांच फरवरी को मनाई जाएगी।
चंदा मांगने वालों पर होगी कार्रवाई
विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर प्रो. बीसी कॉपरी ने एक आदेश जारी कर बताया है कि कुछ छात्रों द्वारा सरस्वती पूजा के नाम पर चंदा मांगे जाने की शिकायत मिली है। सभी से अपील की गई है कि वह किसी भी पूजा के नाम पर चंदा न दें। सूचना मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।ो