{"_id":"576850214f1c1bbf19b47dfe","slug":"coast-residents-rallied-today-take-out-protest-march","type":"story","status":"publish","title_hn":"तटवासी लामबंद, आज निकालेंगे विरोध मार्च ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तटवासी लामबंद, आज निकालेंगे विरोध मार्च
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Tue, 21 Jun 2016 01:50 AM IST
विज्ञापन
वरूणा नदी के सुंदरीकरण के लिए चल रहा कार्य।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वरुणा कॉरिडोर का काम योजना के मुताबिक चल रहा है। हालांकि इस योजना ने तटवासियों के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है। वरुणा नदी के डूब क्षेत्र में अतिक्रमण की जद में आने वालों पर प्रशासन का शिकंजा कसता जा रहा है। वीडीए ऐसे 762 लोगों को नोटिस भी थमा चुका है। अब नोटिस पाने वालों ने वीडीए प्रशासन के खिलाफ लामबंदी शुरू कर दी है।
तटवासी इस कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को विरोध मार्च निकालेंगे। लोग सुबह 10 बजे जेपी मेहता इंटर कॉलेज में जुटेंगे। इसके बाद वहां से वीडीए दफ्तर तक मार्च निकाला जाएगा। वीडीए सचिव को ज्ञापन भी सौंपेंगे।
नोटिस पाने वाले अमन अख्तर ने बताया कि हम लोग अचानक यहां आकर नहीं बसे हैं। तीन-चार पीढ़ियों से यहां रह रहे हैं। महायोजना-2031 में वरुणा तट से दोनों ओर 50-50 मीटर तक ग्रीन बेल्ट घोषित कर तटवासियों के लिए मुसीबत खड़ी कर दी गई है। साथ ही वीडीए ने यहां नए निर्माण पर रोक की सूचना का बोर्ड भी लगा दिया है।
विज्ञापन
अख्तर का कहना है कि ग्रीन बेल्ट के संबंध में स्थानीय लोगों की राय नहीं ली गई। यहीं के राधेश्याम कुशवाहा ने कहा कि प्रशासन की मंशा साफ नहीं है। यदि उनकी मंशा साफ है तो स्पष्ट बताएं कि पहले ही जब लोग यहां बस रहे थे तो उन्हें रोका क्यों नहीं गया? ये प्रक्रिया अब क्यों शुरू कर दी गई? इससे लोगों में व्यवस्था के प्रति गुस्सा भरा है।
वहीं, वीडीए सचिव एमपी सिंह ने कहा कि नोटिस पाने वालों में अब तक ढाई सौ से अधिक लोगों ने अपने भवनों के वैधता प्रमाण पत्र जमा करवाए हैं। 30 जून तक सभी से प्रमाणपत्र जमा करवा लिए जाएंगे। इसके बाद जांच प्रक्रिया पूरी कर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू करेंगे।
सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता राजेंद्र सिंह ने बताया कि बारिश के चलते काम थोड़ा धीमा हुआ है लेकिन कोई नुकसान नहीं हुआ है। निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए मजदूरों की संख्या बढ़ाई गई है। बाढ़ के पहले अधिक से अधिक निर्माण कार्य पूरा कराने की तैयारी है। बाहर से जो मशीनें मंगाई गई हैं उन्होंने निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। होटलों की ओर निर्माण कार्य बढ़ रहा है। बाधा उत्पन्न करने वाले अवैध निर्माण मजिस्ट्रेट की देखरेख में गिराए जाएंगे।
विज्ञापन
तटवासी इस कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को विरोध मार्च निकालेंगे। लोग सुबह 10 बजे जेपी मेहता इंटर कॉलेज में जुटेंगे। इसके बाद वहां से वीडीए दफ्तर तक मार्च निकाला जाएगा। वीडीए सचिव को ज्ञापन भी सौंपेंगे।
विज्ञापन
नोटिस पाने वाले अमन अख्तर ने बताया कि हम लोग अचानक यहां आकर नहीं बसे हैं। तीन-चार पीढ़ियों से यहां रह रहे हैं। महायोजना-2031 में वरुणा तट से दोनों ओर 50-50 मीटर तक ग्रीन बेल्ट घोषित कर तटवासियों के लिए मुसीबत खड़ी कर दी गई है। साथ ही वीडीए ने यहां नए निर्माण पर रोक की सूचना का बोर्ड भी लगा दिया है।
विज्ञापन
अख्तर का कहना है कि ग्रीन बेल्ट के संबंध में स्थानीय लोगों की राय नहीं ली गई। यहीं के राधेश्याम कुशवाहा ने कहा कि प्रशासन की मंशा साफ नहीं है। यदि उनकी मंशा साफ है तो स्पष्ट बताएं कि पहले ही जब लोग यहां बस रहे थे तो उन्हें रोका क्यों नहीं गया? ये प्रक्रिया अब क्यों शुरू कर दी गई? इससे लोगों में व्यवस्था के प्रति गुस्सा भरा है।
वहीं, वीडीए सचिव एमपी सिंह ने कहा कि नोटिस पाने वालों में अब तक ढाई सौ से अधिक लोगों ने अपने भवनों के वैधता प्रमाण पत्र जमा करवाए हैं। 30 जून तक सभी से प्रमाणपत्र जमा करवा लिए जाएंगे। इसके बाद जांच प्रक्रिया पूरी कर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू करेंगे।
सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता राजेंद्र सिंह ने बताया कि बारिश के चलते काम थोड़ा धीमा हुआ है लेकिन कोई नुकसान नहीं हुआ है। निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए मजदूरों की संख्या बढ़ाई गई है। बाढ़ के पहले अधिक से अधिक निर्माण कार्य पूरा कराने की तैयारी है। बाहर से जो मशीनें मंगाई गई हैं उन्होंने निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। होटलों की ओर निर्माण कार्य बढ़ रहा है। बाधा उत्पन्न करने वाले अवैध निर्माण मजिस्ट्रेट की देखरेख में गिराए जाएंगे।