डायल 100 : अखिलेश के ड्रीम प्रोजेक्ट पर संकट के बादल, योगी ने दी चेतावनी
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आपराधिक वारदातों के दौरान त्वरित सहायता के लिए शुरू की गई पुलिस की ‘डायल-100’ सेवा से जुड़े पुलिस कर्मियों के वसूली में लिप्त रहने की शिकायतों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यहां दो टूक हिदायत दी।
एसएसपी को निर्देश दिया कि वह खुद इसकी मॉनीटरिंग करें। वसूली करने वाले पुलिस कर्मियों को चिह्नित कर जेल भेजें। वसूली बंद न हुई तो ‘डायल-100’ सेवा बंद कर दी जाएगी। अपने दो दिनी दौरे पर दोपहर करीब दो बजे वाराणसी पहुंचे मुख्यमंत्री मंडलायुक्त सभागार में विभिन्न विभागों के कार्यों, योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे।
बुनियादी सुविधाओं की बदहाली पर उन्होंने नगर निगम, जल निगम, जलकल और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाते हुए एकबारगी फिर चेतावनी दी। दोपहर सवा तीन से शाम पौने सात बजे तक साढ़े तीन घंटे चली समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों के साथ ही कानून व्यवस्था की समीक्षा की।
सभी विभागों को ‘टाइम लाइन’ का मंत्र दिया। कहा कि पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्यों को तय समय में पूरा करें। भू-माफिया पर सख्त कार्रवाई का निर्देश देते हुए ताकीद की कि किसी गरीब-पीड़ित का उत्पीड़न नहीं होना चाहिए। सभी बड़े भू-माफिया को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए। किसी के भी दबाव में न आएं। मुख्यमंत्री दरबार में भी किसी की नहीं सुनी जाएगी।
निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि सामनेघाट और बलुआघाट पुल लगभग तैयार है। बाकी परियोजनाओं पर भी तेजी से काम कराया जा रहा है। इस दौरान नगर आयुक्त ने नगर निगम से जुड़ी योजनाओं और कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण ने केंद्रीय योजनाओं की प्रगति का प्रजेंटेशन दिया। सिंचाई विभाग से वरुणा कॉरिडोर की प्रगति जानी।
माफिया से मिले हैं कुछ पुलिसकर्मी, उन्हें जेल भेजें
सीएम ने कहा कि बरसात बाद अभियान चलाकर सड़कें बनवाएं। कानून व्यवस्था पर खास जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कहीं भी कानून व्यवस्था बिगड़ी तो डीएम और एसएसपी सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे। अवैध खनन पर पूरी तरह रोक लगाने की हिदायत दी।
एनएचएचआई जैसी संस्थाओं को भी ताकीद की कि पहले पट्टा कराएं, खनन की अनुमति लें तभी कार्य कराएं। बैठक में केंद्रीय मानव संसाधन एवं विकास मंत्री डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय, विधि एवं सूचना, खेल राज्य मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी, प्रमुख सचिव (सूचना,धर्मार्थ कार्य) अवनीश अवस्थी, एडीजी जोन बी महापात्रा, कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण, डीएम योगेश्वर राम मिश्रा, एसएसपी आरके भारद्वाज एवं अन्य विभागों के प्रतिनिधि मौजूद थे।
कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री के कड़े रुख से अधिकारी सहमे रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ पुलिस वाले माफिया से मिले हैं। उनकी तस्दीक कर उन्हें जेल भेजा जाए। ऐसे पुलिस वालों के शरीर पर वर्दी नहीं देखना चाहता। छेड़खानी की घटनाओं पर पूरी तरह अंकुश लगाने की ताकीद की। कहा कि वाराणसी समेत सूबे में कहीं भी ऐसी घटनाएं बरदाश्त नहीं की जाएंगी।
आंकड़ों की बाजीगरी नहीं, काम करें अफसर
जनप्रतिनिधियों ने समीक्षा बैठक के दौरान शिकायत की कि अधिकारी जिन कार्यों को शत प्रतिशत पूर्ण बता रहे हैं, वे भी मौके पर आधे-अधूरे हैं। इस पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को हिदायत दी कि आंकड़ों की बाजीगरी नहीं, काम करें। काम धरातल पर दिखना चाहिए।
बुनियादी सुविधाओं की समीक्षा के दौरान शहर में पेयजलापूर्ति और सीवेज की बदहाली पर जल निगम को फटकार लगाई। ट्रांसफार्मर समय से न बदलने पर बिजली विभाग को फटकारा। अजगरा विधायक कैलाश सोनकर ने लो वोल्टेज का मसला उठाया। साफ-सफाई और पेयजल पर ध्यान न देने पर नगर निगम के अफसरों की जमकर क्लास लगाई।
इन विभागों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा, ये विभाग सही तरीके से अपना काम नहीं कर रहे हैं जबकि इनकी जिम्मेदारी काफी बड़ी है। जिम्मेदारी के साथ न्याय नहीं करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
पिंडरा से विधायक अवधेश सिंह ने सिंचाई विभाग के इंजीनियरों की शिकायत करते हुए कहा कि रजला में नहर में पानी नहीं है, जबकि विभाग दावा कर रहा है नहर में पानी है। इस पर सीएम ने संबंधित अफसरों को फटकार लगाई। 11 करोड़ का बजट होने के बावजूद जिला पंचायत की ओर से हैंडपंप री-बोर नहीं कराए जाने का मसला भी उठा।