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सीएम को दिखाएंगे वरुणा कॉरिडोर का मॉडल
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sat, 28 May 2016 02:36 AM IST
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तेजी से चल रहा वरुणा कॉरिडोर का काम।
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सीएम के ड्रीएम प्रोजेक्ट वरुणा कॉरिडोर के तहत इंटरसेप्टर पाइप लाइन बिछाने के काम में तेजी आ गई है। साथ ही, नौ जून को प्रस्तावित सीएम के आगमन के मद्देनजर कॉरिडोर के मॉडल के तौर पर दो सौ मीटर घाट को विकसित करने की तैयारी है। इसके लिए सिंचाई विभाग ने चौबीस घंटे काम कराने के साथ ही मजदूरों की संख्या भी दोगुनी कर दी है।
इंटरसेप्टर पाइप लाइन नदी के दोनों किनारों पर बिछाई जा रही है। वरुणा में गिरने वाले 14 नालों को इस पाइप लाइन से जोड़ा जाएगा। यह पाइप लाइन सीधे चौकाघाट पंपिंग स्टेशन से जुड़ेगी। वहां से अवजल दीनापुर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट ले जाया जाएगा। वहां शोधन के बाद पानी वापस वरुणा में छोड़ा जाएगा। इससे नदी के जलस्तर को बरकरार रखने में भी मदद मिलेगी।
सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता राजेंद्र सिंह के अनुसार इंटरसेप्टर पाइप लाइन डालने की कार्ययोजना पहले वरुणा कॉरिडोर में नहीं थी। बाद में नदी की स्वच्छता के लिए उसमें गिरने वाले नालों को रोकने की बात हुई तो इसे कार्ययोजना में शामिल किया गया। यह पाइप लाइन डीएम बंगला से आदिकेशव घाट तक 10.3 किलोमीटर तक नदी के दोनों किनारों पर बिछाई जाएगी। सीएम के आगमन से पहले मॉडल के तौर पर 200 मीटर घाट विकसित करने का काम भी पूरा कर लिया जाएगा।
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ग्रीन बेल्ट के विरोध में वरुणा बचाओ और वरुणावासियों को बचाओ अभियान की ओर से शुक्रवार को मल्लाह बस्ती से शास्त्री घाट तक विरोध मार्च निकाला गया। इस दौरान शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की गई। इस दौरान हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि वरुणा कॉरिडोर का निर्माण होना चाहिए लेकिन किसी के साथ नाइंसाफी नहीं होनी चाहिए। मार्च में अमन अख्तर, प्रदीप गुप्ता, अरविंद, दिनेश मांझी, विजय मांझी, सुरेश आदि शामिल रहे।
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इंटरसेप्टर पाइप लाइन नदी के दोनों किनारों पर बिछाई जा रही है। वरुणा में गिरने वाले 14 नालों को इस पाइप लाइन से जोड़ा जाएगा। यह पाइप लाइन सीधे चौकाघाट पंपिंग स्टेशन से जुड़ेगी। वहां से अवजल दीनापुर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट ले जाया जाएगा। वहां शोधन के बाद पानी वापस वरुणा में छोड़ा जाएगा। इससे नदी के जलस्तर को बरकरार रखने में भी मदद मिलेगी।
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सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता राजेंद्र सिंह के अनुसार इंटरसेप्टर पाइप लाइन डालने की कार्ययोजना पहले वरुणा कॉरिडोर में नहीं थी। बाद में नदी की स्वच्छता के लिए उसमें गिरने वाले नालों को रोकने की बात हुई तो इसे कार्ययोजना में शामिल किया गया। यह पाइप लाइन डीएम बंगला से आदिकेशव घाट तक 10.3 किलोमीटर तक नदी के दोनों किनारों पर बिछाई जाएगी। सीएम के आगमन से पहले मॉडल के तौर पर 200 मीटर घाट विकसित करने का काम भी पूरा कर लिया जाएगा।
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ग्रीन बेल्ट के विरोध में वरुणा बचाओ और वरुणावासियों को बचाओ अभियान की ओर से शुक्रवार को मल्लाह बस्ती से शास्त्री घाट तक विरोध मार्च निकाला गया। इस दौरान शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की गई। इस दौरान हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि वरुणा कॉरिडोर का निर्माण होना चाहिए लेकिन किसी के साथ नाइंसाफी नहीं होनी चाहिए। मार्च में अमन अख्तर, प्रदीप गुप्ता, अरविंद, दिनेश मांझी, विजय मांझी, सुरेश आदि शामिल रहे।