फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Chaos in BHU hospital after patient death

BHU अस्पताल में महिला की मौत पर हंगामा, जांच कमेटी गठित

Sun, 27 May 2018 05:17 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Updated Sun, 27 May 2018 05:17 PM IST
विज्ञापन
Chaos in BHU hospital after patient death
गुस्साए परिजनों ने कुलपति आवास के सामने शव रखकर धरना दिया था - फोटो : अमर उजाला
बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल में पांच दिनों से भर्ती महिला की शनिवार को मौत के बाद हुए हंगामे  विश्वविद्यालय प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। पूरे मामले की जांच के लिए रविवार को जांच कमेटी गठित हो गई है। कुलपति प्रो. राकेश भटनागर के निर्देश पर चार सदस्यीय गठित फैक्ट फाइंडिंग कमेटी से 72 घटे के अंदर पूरी रिपोर्ट मांगी गई है।
विज्ञापन


 कमेटी के चेयरमैन वाराणसी के अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. ओपी तिवारी हैं। इसके अलावा कमेटी में इंडोक्त्राइन विभाग, बीएचयू के अध्यक्ष प्रो. एसके सिंह, विधि संकाय की प्रो. विभा त्रिपाठी को सदस्या एवं एसएस अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक के व्यक्तिगत सहायक एके जायसवाल को सदस्य सचिव बनाया गया है।
विज्ञापन


बता दें कि मरीज के मौत के बाद गुस्साए परिजनों ने कुलपति आवास के सामने शव रखकर धरना दिया था। बीएचयू के छात्र और परिजनों का आरोप है कि गलत इंजेक्शन देने के चलते मरीज की मौत हुई है। तीन घंटे तक धरने के बाद भी अस्पताल से जिम्मेदार अधिकारियों के सामने नहीं आने के बाद लोगों ने जमकर नारेबाजी कर विरोध दर्ज कराया। सूचना पर पुलिस और प्रॉक्टोरियल बोर्ड के लोग पहुंच गए थे, मगर वे मूकदर्शक की भूमिका में ही रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन


बीएचयू के एक छात्र सुमित यादव की बहन अनीता यादव (32) निवासी गंगा महल को पेट में शिकायत पर पांच दिन पहले गैस्ट्रोलॉजी विभाग की ओपीडी में भर्ती कराया गया। इलाज के बाद उसके स्वास्थ्य में लगातार सुधार हो रहा था।

परिजनों के मुताबिक शनिवार की शाम मरीज को इंजेक्शन लगाया गया। इसके बाद ही उसकी हालत बिगड़ गई है और उसकी मौत हो गई। सूचना पर बीएचयू के छात्र मौके पर आ गए और गलत इंजेक्शन से मौत पर हंगामा शुरू कर दिया।

इस बीच अस्पताल के लोगों ने संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर शव लेकर वीसी आवास पर पहुंच गए और धरना शुरू कर दिया। परिजनों का आरोप है कि मौत के बाद अस्पताल के स्टॉफ ने मरीज की फाइल भी रख ली और तत्काल शव ले जाने का दबाव बनाने लगे थे।


उनकी मांग है कि अस्पताल के जिम्मेदार अधिकारी सामने आएं और उनके सवालों का जवाब दें। उधर, सूचना पर प्रोक्टोरियल बोर्ड और भारी संख्या में पुलिस पहुंच गई। मगर, पीड़ितों का धरना जारी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed