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बनारस के घाटों पर बनी ‘आधा चांद तुम रख लो’
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Thu, 14 Apr 2016 02:17 AM IST
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लघु फिल्म
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बनारस पर बनी लघु फिल्म ‘आधा चांद तुम रख लो’ जल्द ही दादा साहब फालके फिल्म फेस्टिवल में दिखाई जाएगी। अमेरिका, फ्रांस के बाद बनारस की ये फिल्म अब दादा साहब फालके फिल्म फेस्टिवल में धूम मचाएगी। 30 अप्रैल को दिल्ली में आयोजित फिल्म फेस्टिवल में 22 मिनट की इस लघु फिल्म की स्क्रीनिंग होगी।
दुनिया के सबसे पुराने जीवंत शहर काशी की सामाजिक विसंगतियों पर बनी लघु फिल्म ‘आधा चांद तुम रख लो’ की शूटिंग बनारस में ही हुई है। फिल्म का एक बड़ा हिस्सा गंगा घाट पर फिल्माया गया है। दिल्ली के युवा फिल्म निर्देशक मयंक बोकोलिया ने इस लघु फिल्म का निर्देशन किया है। वहीं इसके सह निर्देशक बीएचयू के छात्र रहे राजेश कुमार सिंह हैं। इस फिल्म को नेशनल चिल्ड्रेन फिल्म सोसाइटी का सहयोग भी मिला हुआ है। बीएचयू के विद्यार्थी इस फिल्म को लेकर बेहद उत्साहित हैं।
इस फिल्म की स्क्रीनिंग अब तक पांच फिल्म फेस्टिवल में हो चुकी है। तीन विदेश और दो भारत में। बाहर हॉलीवुड इंटरनेशनल मूविंग पिक्चर्स फिल्म फेस्टिवल लॉस एंजेलस, नाइस आईएफएफएस फ्रांस, सीएफआईएफएफ यूएस वहीं इलाहाबाद में इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल प्रयाग और अथर्व फिल्म फेस्टिवल मुंबई में इसकी स्क्रीनिंग हुई।
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‘आधा चांद तुम रख लो’ के सह निर्देशक राजेश कुमार सिंह ने बताया कि ये लघु फिल्म अलग-अलग मजहब के दो बच्चों जीतू और फिरोज की कहानी है। दोनों पक्के दोस्त हैं। दोनों ही गंगा में सिक्के ढूंढते और उसी पैसे से उनका घर चलता है। गहरे दोस्त होने के बावजूद जातिवाद और छूआछूत के चलते दोनों की दोस्ती में दरार आ जाती है। मूलत: फिल्म इसी पर केंद्रित है।
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दुनिया के सबसे पुराने जीवंत शहर काशी की सामाजिक विसंगतियों पर बनी लघु फिल्म ‘आधा चांद तुम रख लो’ की शूटिंग बनारस में ही हुई है। फिल्म का एक बड़ा हिस्सा गंगा घाट पर फिल्माया गया है। दिल्ली के युवा फिल्म निर्देशक मयंक बोकोलिया ने इस लघु फिल्म का निर्देशन किया है। वहीं इसके सह निर्देशक बीएचयू के छात्र रहे राजेश कुमार सिंह हैं। इस फिल्म को नेशनल चिल्ड्रेन फिल्म सोसाइटी का सहयोग भी मिला हुआ है। बीएचयू के विद्यार्थी इस फिल्म को लेकर बेहद उत्साहित हैं।
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इस फिल्म की स्क्रीनिंग अब तक पांच फिल्म फेस्टिवल में हो चुकी है। तीन विदेश और दो भारत में। बाहर हॉलीवुड इंटरनेशनल मूविंग पिक्चर्स फिल्म फेस्टिवल लॉस एंजेलस, नाइस आईएफएफएस फ्रांस, सीएफआईएफएफ यूएस वहीं इलाहाबाद में इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल प्रयाग और अथर्व फिल्म फेस्टिवल मुंबई में इसकी स्क्रीनिंग हुई।
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‘आधा चांद तुम रख लो’ के सह निर्देशक राजेश कुमार सिंह ने बताया कि ये लघु फिल्म अलग-अलग मजहब के दो बच्चों जीतू और फिरोज की कहानी है। दोनों पक्के दोस्त हैं। दोनों ही गंगा में सिक्के ढूंढते और उसी पैसे से उनका घर चलता है। गहरे दोस्त होने के बावजूद जातिवाद और छूआछूत के चलते दोनों की दोस्ती में दरार आ जाती है। मूलत: फिल्म इसी पर केंद्रित है।