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विदाई भाषण में BHU कुलपति ने खोले ऐसे 'राज', सोशल मीडिया में आया भूचाल
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Wed, 29 Nov 2017 02:10 PM IST
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कार्यकाल के अंतिम दिन कहा, मजबूरी में अयोग्य लोगों की करनी पड़ी नियुक्ति
- फोटो : अमर उजाला
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बीएचयू कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी ने अपने कार्यकाल के अंतिम दिन 26 नवंबर को आयोजित विदाई समारोह में दिए भाषण में कुछ ऐसी बातें कहीं जिसके बाद से सोशल मीडिया पर भूचाल आ गया है। उन्होंने कहा था कि बीएचयू कुलपति पद पर रहते हुए मजबूरी में अयोग्य लोगों की नियुक्ति करनी पड़ी।
उनके इस बयान पर न केवल बीएचयू के प्रोफेसर-छात्र बल्कि गोरखपुर विश्वविद्यालय सहित अन्य विश्वविद्यालयों के प्रोफेसर और युवा भी फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्विटर आदि माध्यमों के जरिए इस पर खूब टिप्पणी कर रहे हैं। हर कोई इस बयान पर आश्चर्य जताते हुए इसकी निंदा कर रहा है।
भाषण के इस अंश के वीडियो और अखबारों में प्रकाशित उनके वक्तव्य की कटिंग भी खूब अपलोड की जा रही है। साथ ही, प्रो. जीसी त्रिपाठी और उनके कार्यकाल में की गई नियुक्तियों की जांच की पुरजोर मांग भी चल रही है।
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बीएचयू के केएन उडप्पा सभागार में विश्वविद्यालय के अधिकारियों, संस्थान के निदेशकों, संकायाध्यक्षों, प्राध्यापकों और कुछ छात्रों के बीच प्रो. त्रिपाठी ने जो कुछ कहा, लोग अलग-अलग तरीके से उसकी व्याख्या कर रहे हैं।
जो भी हो इस बयान से उन लोगों को बल मिल गया जो समय-समय पर विश्वविद्यालय में होने वाली नियुक्तियाें में मानकों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए सवाल उठाते हैं।
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उनके इस बयान पर न केवल बीएचयू के प्रोफेसर-छात्र बल्कि गोरखपुर विश्वविद्यालय सहित अन्य विश्वविद्यालयों के प्रोफेसर और युवा भी फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्विटर आदि माध्यमों के जरिए इस पर खूब टिप्पणी कर रहे हैं। हर कोई इस बयान पर आश्चर्य जताते हुए इसकी निंदा कर रहा है।
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भाषण के इस अंश के वीडियो और अखबारों में प्रकाशित उनके वक्तव्य की कटिंग भी खूब अपलोड की जा रही है। साथ ही, प्रो. जीसी त्रिपाठी और उनके कार्यकाल में की गई नियुक्तियों की जांच की पुरजोर मांग भी चल रही है।
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बीएचयू के केएन उडप्पा सभागार में विश्वविद्यालय के अधिकारियों, संस्थान के निदेशकों, संकायाध्यक्षों, प्राध्यापकों और कुछ छात्रों के बीच प्रो. त्रिपाठी ने जो कुछ कहा, लोग अलग-अलग तरीके से उसकी व्याख्या कर रहे हैं।
जो भी हो इस बयान से उन लोगों को बल मिल गया जो समय-समय पर विश्वविद्यालय में होने वाली नियुक्तियाें में मानकों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए सवाल उठाते हैं।
जाते-जाते मान गए कुलपति
बीएचयू कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी
बीएचयू के सर सुंदर लाल अस्पताल के चिकित्सक डॉ. ओमशंकर ने अपनी फेसबुक वाल पर उनके बयान की कटिंग के साथ लंबी-चौड़ी टिप्पणी की है। उन्होंने पिछले तीन साल में अनियमितताओं को लेकर उठाए गए तमाम मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा कि जाते-जाते कुलपति ने आखिर इसे स्वीकार कर ही लिया है।
उन्होंने कुलपति की नियुक्ति पर भी सवाल उठाते हुए पद के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। साथ ही हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट समेत जांच एजेंसियों से स्वत: संज्ञान लेकर जांच की मांग भी की है।
तमाम लोग प्रो. त्रिपाठी के इस बयान को महामना की बगिया को कलंकित करने वाला और शिक्षा का स्तर गिराने वाला बयान बता रहे हैं। इस वक्तव्य का वीडियो और समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरें बीएचयू छात्रों की ओर से गठित फेसबुक ग्रुप ‘बीएचयू बज’, ‘बीएचयू डायरी’ पर भी अपलोड की गई हैं।
नियुक्तियों से विवाद का है पुराना नाता
बीएचयू में नियुक्तियों पर विवाद का यह पहला मामला नहीं है। इसके पहले भी तमाम नियुक्तियों पर सवाल उठाए गए। कुछ मामलों में जांच भी चल रही है। इसी बीच प्रो. जीसी त्रिपाठी के अयोग्य लोगों की नियुक्ति वाले बयान ने भूचाल खड़ा कर दिया है।
उन्होंने कुलपति की नियुक्ति पर भी सवाल उठाते हुए पद के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। साथ ही हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट समेत जांच एजेंसियों से स्वत: संज्ञान लेकर जांच की मांग भी की है।
तमाम लोग प्रो. त्रिपाठी के इस बयान को महामना की बगिया को कलंकित करने वाला और शिक्षा का स्तर गिराने वाला बयान बता रहे हैं। इस वक्तव्य का वीडियो और समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरें बीएचयू छात्रों की ओर से गठित फेसबुक ग्रुप ‘बीएचयू बज’, ‘बीएचयू डायरी’ पर भी अपलोड की गई हैं।
नियुक्तियों से विवाद का है पुराना नाता
बीएचयू में नियुक्तियों पर विवाद का यह पहला मामला नहीं है। इसके पहले भी तमाम नियुक्तियों पर सवाल उठाए गए। कुछ मामलों में जांच भी चल रही है। इसी बीच प्रो. जीसी त्रिपाठी के अयोग्य लोगों की नियुक्ति वाले बयान ने भूचाल खड़ा कर दिया है।