{"_id":"5b640ee24f1c1bb35d8b6f9a","slug":"bhu-students-start-strike-after-debbared-at-central-office","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीएचयू से छात्रों के निष्कासन के मामले ने पकड़ा तूल, सेंट्रल ऑफिस गेट के बाहर चल रहा अनशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीएचयू से छात्रों के निष्कासन के मामले ने पकड़ा तूल, सेंट्रल ऑफिस गेट के बाहर चल रहा अनशन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Fri, 03 Aug 2018 01:44 PM IST
विज्ञापन
बीएचयू सेंट्रल आफिस गेट के बाहर चल रहा अनशन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अनशन पर बैठे छात्रों का मूसलाधार बारिश भी नहीं डिगा पाई हौसला, सोशल मीडिया पर शेयर होने लगीं तस्वीरें..
बीएचयू परिसर में मारपीट, धरना आदि मामलों में छात्रों के निष्कासन का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। कुलपति से शिकायत के बाद अब छात्रों ने सेंट्रल आफिस के बाहर अनशन शुरू कर दिया है। आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने जानबूझ कर कार्रवाई की है, जिसे तत्काल वापस लेना चाहिए। छात्र बीते 24 घंटे से भूखे प्यासे अनशन पर बैठे हैं।
लगातार हो रही बारिश में भी वो अपनी जगह से नहीं हट रहे। विश्वविद्यालय में वर्ष 2016, 2017 के साथ ही 2018 मई माह में हुई घटनाओं के क्रम में अब तक 70 से अधिक छात्रों पर कार्रवाई हो चुकी है। इसके लिए छात्रों के घर पर नोटिस भेजी गई है। इसको लेकर नाराज छात्रों ने कुलपति से शिकायत कर नए सिरे से जांच कराने की मांग की थी।
इस बीच गुरुवार शाम से छात्रों ने सेंट्रल आफिस गेट के बाहर अनशन शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई गलत है। अपने हितों को लेकर आवाज उठाने के मामले में इस तरह की कार्रवाई जानबूझकर की गई है।
विज्ञापन
उधर मौके पर पहुंची चीफ प्रॉक्टर प्रो. रोयाना सिंह ने बातचीत कर अनशन समाप्त करने को कहा लेकिन छात्र नहीं माने। चेतावनी दी कि जब तक निष्कासन का फैसला वापस नहीं लिया जाता है, तब तक अनशन चलता रहेगा ।
विज्ञापन
बीएचयू परिसर में मारपीट, धरना आदि मामलों में छात्रों के निष्कासन का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। कुलपति से शिकायत के बाद अब छात्रों ने सेंट्रल आफिस के बाहर अनशन शुरू कर दिया है। आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने जानबूझ कर कार्रवाई की है, जिसे तत्काल वापस लेना चाहिए। छात्र बीते 24 घंटे से भूखे प्यासे अनशन पर बैठे हैं।
लगातार हो रही बारिश में भी वो अपनी जगह से नहीं हट रहे। विश्वविद्यालय में वर्ष 2016, 2017 के साथ ही 2018 मई माह में हुई घटनाओं के क्रम में अब तक 70 से अधिक छात्रों पर कार्रवाई हो चुकी है। इसके लिए छात्रों के घर पर नोटिस भेजी गई है। इसको लेकर नाराज छात्रों ने कुलपति से शिकायत कर नए सिरे से जांच कराने की मांग की थी।
विज्ञापन
इस बीच गुरुवार शाम से छात्रों ने सेंट्रल आफिस गेट के बाहर अनशन शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई गलत है। अपने हितों को लेकर आवाज उठाने के मामले में इस तरह की कार्रवाई जानबूझकर की गई है।
विज्ञापन
उधर मौके पर पहुंची चीफ प्रॉक्टर प्रो. रोयाना सिंह ने बातचीत कर अनशन समाप्त करने को कहा लेकिन छात्र नहीं माने। चेतावनी दी कि जब तक निष्कासन का फैसला वापस नहीं लिया जाता है, तब तक अनशन चलता रहेगा ।