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बीएचयू में स्पंदन-2017: तीसरे दिन नृत्य, संगीत और अभिनय का चला जादू
टीम डिजिटल,वाराणसी
Updated Wed, 29 Mar 2017 04:57 PM IST
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कोरियोग्राफी, स्किट, मोनो एक्टिंग में निखरी मेधा
- फोटो : अमर उजाला
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‘सुनो, सीते अब शस्त्र उठा लो, राम ना आएंगे बचाने...’। महिला महाविद्यालय के छात्राओं ने इस संदेश को अपने नृत्य में बड़ी ही खूबसूरती के साथ पिरोया और नारी शक्ति का एहसास कराया।
‘स्पंदन 2017’ के तीसरे दिन मंगलवार को एंफीथिएटर पंडाल में एमएमवी की छात्राओं ने कोरियोग्राफी में ‘सीताहरण’ के जरिए संदेश दिया कि इस कलियुग में अत्याचार के खिलाफ महिला को खुद ही शस्त्र उठाना पड़ेगा। ये प्रस्तुति जैसे ही खत्म हुई, पूरा पंडाल नारी शक्ति जिंदाबाद के नारों से गूंज उठा।
न सिर्फ महिला महाविद्यालय बल्कि संगीत एवं मंच कला संकाय की छात्राओं ने ‘जल संरक्षण’ के संदेश को नृत्य में पिरोकर समां बांध दिया। वहीं कला संकाय के छात्रों ने ‘भारतीय सेना’ पर कोरियोग्राफी पेश की। ऐसे ही कुल 17 टीमों ने इसमें हिस्सेदारी की।
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एंफीथिएटर पंडाल में वेस्टर्न वोकल सोलो प्रतियोगिता हुई, जिसमें प्रतिभागियों ने हॉलीवुड गीतों को गुनगुनाकर सभी को रॉक कर दिया। नृत्य गायन के साथ वादन में भी प्रतिभागियों ने बेहतरीन प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
पं. ओंकारनाथ ठाकुर प्रेक्षागृह में तबला और सितार वादन की प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
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‘स्पंदन 2017’ के तीसरे दिन मंगलवार को एंफीथिएटर पंडाल में एमएमवी की छात्राओं ने कोरियोग्राफी में ‘सीताहरण’ के जरिए संदेश दिया कि इस कलियुग में अत्याचार के खिलाफ महिला को खुद ही शस्त्र उठाना पड़ेगा। ये प्रस्तुति जैसे ही खत्म हुई, पूरा पंडाल नारी शक्ति जिंदाबाद के नारों से गूंज उठा।
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न सिर्फ महिला महाविद्यालय बल्कि संगीत एवं मंच कला संकाय की छात्राओं ने ‘जल संरक्षण’ के संदेश को नृत्य में पिरोकर समां बांध दिया। वहीं कला संकाय के छात्रों ने ‘भारतीय सेना’ पर कोरियोग्राफी पेश की। ऐसे ही कुल 17 टीमों ने इसमें हिस्सेदारी की।
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एंफीथिएटर पंडाल में वेस्टर्न वोकल सोलो प्रतियोगिता हुई, जिसमें प्रतिभागियों ने हॉलीवुड गीतों को गुनगुनाकर सभी को रॉक कर दिया। नृत्य गायन के साथ वादन में भी प्रतिभागियों ने बेहतरीन प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
पं. ओंकारनाथ ठाकुर प्रेक्षागृह में तबला और सितार वादन की प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
‘चाणक्य’ ने खूब तालियां बटोरीं
bhu
- फोटो : अमर उजाला
केएन उडुप्पा सभागार में जहां स्किट और मोनो एक्टिंग प्रतियोगिता हुई, वहीं स्वतंत्रता भवन में लघु नाटिका में प्रतिभागियों ने भावपूर्ण संदेश दिया। यहां पर कला संकाय के छात्रों के ‘चाणक्य’ ने खूब तालियां बटोरीं।
पहले दिन 10 टीमों ने लघु नाटिका का मंचन किया। बाकी 10 टीमों की प्रस्तुति बुधवार को होगी। स्वतंत्रता भवन के सीनेट हाल में वादविवाद प्रतियोगिता भी हुई।
उधर पत्रकारिता एवं जनसंप्रेषण विभाग में क्विज का फाइनल हुआ, जिसमें सामाजिक विज्ञान संकाय ने बाजी मारी। दूसरे स्थान पर कला संकाय और तीसरे स्थान पर विज्ञान संस्थान की टीम रही।
ऐसे ही दृश्य कला संकाय में पोस्टर मेकिंग और कार्टून प्रतियोगिता हुई। प्रतिभागियों ने बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ और नशा मुक्ति पर पोस्टर बनाए, वहीं यातायात और जल संरक्षण पर कार्टून में रंग भरे।
पहले दिन 10 टीमों ने लघु नाटिका का मंचन किया। बाकी 10 टीमों की प्रस्तुति बुधवार को होगी। स्वतंत्रता भवन के सीनेट हाल में वादविवाद प्रतियोगिता भी हुई।
उधर पत्रकारिता एवं जनसंप्रेषण विभाग में क्विज का फाइनल हुआ, जिसमें सामाजिक विज्ञान संकाय ने बाजी मारी। दूसरे स्थान पर कला संकाय और तीसरे स्थान पर विज्ञान संस्थान की टीम रही।
ऐसे ही दृश्य कला संकाय में पोस्टर मेकिंग और कार्टून प्रतियोगिता हुई। प्रतिभागियों ने बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ और नशा मुक्ति पर पोस्टर बनाए, वहीं यातायात और जल संरक्षण पर कार्टून में रंग भरे।