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बीएचयू अस्पताल में अजब गजबः दो फार्मेसी, एक दवा लेकिन दामों में भारी अंतर
रबीश श्रीवास्तव, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Fri, 03 Aug 2018 01:16 PM IST
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ईसीजी लीड: अमृत फार्मेसी में 70 की, उमंग में 110 रुपये की
- फोटो : अमर उजाला
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बीएचयू का सर सुंदरलाल अस्पताल प्रशासन मरीजों के साथ अजब-गजब ‘खेल’ खेल रहा है। अस्पताल परिसर में दवाओं और उपकरणों के लिए खोली गईं दो अलग-अलग फार्मेसी के दामों में भारी अंतर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से खोली गई अमृत फार्मेसी से जहां मरीजों और उनके तीमारदारों को राहत मिल रही है, वहीं बीएचयू प्रशासन द्वारा शुरू की गई उमंग फार्मेसी में मरीजों की जेब खाली हो रही है।
इस मामले में तीन साल से बीएचयू प्रशासन ने आंखें मूंद रखी हैं। गरीबों और असहायों समेत सभी को बेहतर उपचार के लिए खोली गई अमृत फार्मेसी को प्रोत्साहित करने के बजाय उमंग फार्मेसी के संचालन के लिए हर मंजिल पर जगह मुहैया कराई गई है। अमृत फार्मेसी की केवल एक दुकान है। बाल रोग विभाग के सामने अमृत फार्मेसी और उमंग फार्मेसी आमने-सामने हैं। अमृत फार्मेसी से दवाइयां लेने वाले फायदे में रहते हैं, जबकि चार कदम दूर उमंग फार्मेसी से दवा लेने वाले मरीज ज्यादा दाम चुकाने को मजबूर होते हैं।
मरीजों के साथ लूट के इस खेल में बीएचयू परिसर के सामने लंका के कुछ मेडिकल स्टोर भी शामिल हैं। वे ‘जैसा ग्राहक-वैसा दाम’ वसूल लेते हैं। हृदय रोग से जुड़ी टीएमटी जांच के लिए लगने वाले दस ईसीजी लीड की कीमत उमंग फार्मेसी में 110 रुपये है, जबकि अमृत फार्मेसी में वही लीड 70 रुपये में उपलब्ध है।
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लंका स्थित मेडिकल स्टोर पर इसकी कीमत 90-100 रुपये ली जाती है। पूर्वांचल समेत पड़ोसी राज्यों और नेपाल से बेहतर चिकित्सकीय सुविधाओं और जांच आदि के लिए सर सुंदरलाल अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर में हर दिन औसतन पांच हजार मरीज आते हैं।
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इस मामले में तीन साल से बीएचयू प्रशासन ने आंखें मूंद रखी हैं। गरीबों और असहायों समेत सभी को बेहतर उपचार के लिए खोली गई अमृत फार्मेसी को प्रोत्साहित करने के बजाय उमंग फार्मेसी के संचालन के लिए हर मंजिल पर जगह मुहैया कराई गई है। अमृत फार्मेसी की केवल एक दुकान है। बाल रोग विभाग के सामने अमृत फार्मेसी और उमंग फार्मेसी आमने-सामने हैं। अमृत फार्मेसी से दवाइयां लेने वाले फायदे में रहते हैं, जबकि चार कदम दूर उमंग फार्मेसी से दवा लेने वाले मरीज ज्यादा दाम चुकाने को मजबूर होते हैं।
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मरीजों के साथ लूट के इस खेल में बीएचयू परिसर के सामने लंका के कुछ मेडिकल स्टोर भी शामिल हैं। वे ‘जैसा ग्राहक-वैसा दाम’ वसूल लेते हैं। हृदय रोग से जुड़ी टीएमटी जांच के लिए लगने वाले दस ईसीजी लीड की कीमत उमंग फार्मेसी में 110 रुपये है, जबकि अमृत फार्मेसी में वही लीड 70 रुपये में उपलब्ध है।
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लंका स्थित मेडिकल स्टोर पर इसकी कीमत 90-100 रुपये ली जाती है। पूर्वांचल समेत पड़ोसी राज्यों और नेपाल से बेहतर चिकित्सकीय सुविधाओं और जांच आदि के लिए सर सुंदरलाल अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर में हर दिन औसतन पांच हजार मरीज आते हैं।
पीएम मोदी से की गई है शिकायत
14 जुलाई को हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. ओमशंकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इस बारे में शिकायत की थी। पत्र में डॉ. ओमशंकर ने अस्पताल परिसर में जगह-जगह उमंग फार्मेसी खोलने पर आपत्ति जताते हुए कार्रवाई की मांग की थी।
उमंग फार्मेसी के ऑपरेशनल हेड सदाशिव श्रीवास्तव ने कहा कि उमंग फार्मेसी पर दवाइयां बीएचयू की ओर से तय रेट पर बेची जाती हैं। अनुबंध के अनुसार दवाइयों की बिक्री से आय की एक निर्धारित राशि के अलावा सर सुंदरलाल अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर में गरीब मरीजों के इलाज के लिए हर महीने एक-एक लाख रुपये तक की दवाएं नि:शुल्क दी जाती हैं। इसी वजह से अमृत फार्मेसी और उमंग फार्मेसी की कीमतों में अंतर है। अनुबंध के अनुसार अलग-अलग दवाओं पर 8 से 80 प्रतिशत की छूट भी दी जाती है।
चिकित्सा अधीक्षक प्रो. विजय नाथ मिश्र ने कहा कि मरीजों को सस्ती दवाएं मिल सकें, इसके लिए अमृत फार्मेसी खुलवाया गया है। छह महीने में यहां सभी दवाएं आ जाएंगी। चिकित्सकों को पत्र लिखकर कहा जा रहा है कि वे अमृत फार्मेसी में उपलब्ध दवाएं ही लिखें। दवाओं का नाम भी स्पष्ट लिखने की अपेक्षा की गई है। सभी चिकित्सकों से ज्यादातर इस्तेमाल में आने वाली दवाओं की सूची मांगी गई है। उमंग और अमृत फार्मेसी पर उपलब्ध दवाओं के दाम में अंतर के लिए कमेटी गठित की जाएगी।
उमंग फार्मेसी के ऑपरेशनल हेड सदाशिव श्रीवास्तव ने कहा कि उमंग फार्मेसी पर दवाइयां बीएचयू की ओर से तय रेट पर बेची जाती हैं। अनुबंध के अनुसार दवाइयों की बिक्री से आय की एक निर्धारित राशि के अलावा सर सुंदरलाल अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर में गरीब मरीजों के इलाज के लिए हर महीने एक-एक लाख रुपये तक की दवाएं नि:शुल्क दी जाती हैं। इसी वजह से अमृत फार्मेसी और उमंग फार्मेसी की कीमतों में अंतर है। अनुबंध के अनुसार अलग-अलग दवाओं पर 8 से 80 प्रतिशत की छूट भी दी जाती है।
चिकित्सा अधीक्षक प्रो. विजय नाथ मिश्र ने कहा कि मरीजों को सस्ती दवाएं मिल सकें, इसके लिए अमृत फार्मेसी खुलवाया गया है। छह महीने में यहां सभी दवाएं आ जाएंगी। चिकित्सकों को पत्र लिखकर कहा जा रहा है कि वे अमृत फार्मेसी में उपलब्ध दवाएं ही लिखें। दवाओं का नाम भी स्पष्ट लिखने की अपेक्षा की गई है। सभी चिकित्सकों से ज्यादातर इस्तेमाल में आने वाली दवाओं की सूची मांगी गई है। उमंग और अमृत फार्मेसी पर उपलब्ध दवाओं के दाम में अंतर के लिए कमेटी गठित की जाएगी।