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बीएचयू अस्पताल: ऑनलाइन ओपीडी के बाद अब जांच सहित अन्य काम भी मोबाइल से होंगे
रबीश श्रीवास्तव, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Thu, 23 Aug 2018 05:15 PM IST
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बीएचयू अस्पताल
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बीएचयू का सर सुंदर लाल अस्पताल अब डिजिटल की ओर तेजी से बढ़ रहा है। मोबाइल ऐप पर ओपीडी का नंबर लगवाने के बाद अब अस्पताल को पूरी तरह से पेपर लेस करने की तैयारी चल रही है। इसके लिए जहां चिकित्सक ऐप में बने फार्मेंट में जांच लिखेंगे, वही मरीजों के लिए जांच कराने के बाद रिपोर्ट देखने आदि की व्यवस्था भी ऑनलाइन की जा रही है। इसके लिए डिजाइन इनोवेशन सेंटर की ओर से काम शुरू हो गया है।
अस्पताल में न केवल बनारस और आसपास के जिलों बल्कि मध्यप्रदेश, बिहार, झारखंड आदि जगहों से हर रोज पांच हजार से अधिक मरीज ओपीडी में आते हैं। पंद्रह अगस्त को यहां एक साथ आठ सुविधाएं शुरू कराई गईं, जिसमें ऐप पर ओपीडी की बुकिंग, डिजिटल कार्ड से पेमेंट, सीयूजी कार्ड प्रणाली, आधार कार्ड से भुगतान आदि शामिल हैं।
अब इस दिशा में एक कदम और आगे बढ़ाया जा रहा है, इसमें अस्पताल में पेपर लेस कामकाज को शामिल किया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन की ओर से इसके लिए औपचारिकताएं शुरू कर दी गई हैं। विश्वविद्यालय के दृश्य कला संकाय में चलने वाले डिजाइन इनोवेशन सेंटर को इसकी जिम्मेदारी दी गई है।
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सेंटर के समन्वयक डॉ. मनीष अरोड़ा के निर्देशन में अंकित श्रीवास्तव ने इस बड़े प्रोजेक्ट पर काम भी शुरू कर दिया है। इसमें पहले तो ऑनलाइन ओपीडी के लिए बने ऐप से ही जोड़ा जाएगा। बाद में इसका एक अलग ऐप भी तैयार कराया जाएगा, ताकि कोई असुविधा न हो। पेपर लेस करने को लेकर बनाए जाने वाले ऐप में जांच, इमरजेंसी में भर्ती आदि के लिए अलग-अलग फीचर भी बनाए गए हैं।
चिकित्सा अधीक्षक प्रो.विजयनाथ मिश्रा ने कहा कि अस्पताल में पेपर लेस कामकाज के लिए काम चल रहा है। इससे जांच कराने और रिपोर्ट के लिए इधर-उधर भटकने वाले मरीजों को राहत मिले
गी। एक जनवरी से पूरा अस्पताल पेपर लेस हो जाएगा।
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अस्पताल में न केवल बनारस और आसपास के जिलों बल्कि मध्यप्रदेश, बिहार, झारखंड आदि जगहों से हर रोज पांच हजार से अधिक मरीज ओपीडी में आते हैं। पंद्रह अगस्त को यहां एक साथ आठ सुविधाएं शुरू कराई गईं, जिसमें ऐप पर ओपीडी की बुकिंग, डिजिटल कार्ड से पेमेंट, सीयूजी कार्ड प्रणाली, आधार कार्ड से भुगतान आदि शामिल हैं।
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अब इस दिशा में एक कदम और आगे बढ़ाया जा रहा है, इसमें अस्पताल में पेपर लेस कामकाज को शामिल किया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन की ओर से इसके लिए औपचारिकताएं शुरू कर दी गई हैं। विश्वविद्यालय के दृश्य कला संकाय में चलने वाले डिजाइन इनोवेशन सेंटर को इसकी जिम्मेदारी दी गई है।
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सेंटर के समन्वयक डॉ. मनीष अरोड़ा के निर्देशन में अंकित श्रीवास्तव ने इस बड़े प्रोजेक्ट पर काम भी शुरू कर दिया है। इसमें पहले तो ऑनलाइन ओपीडी के लिए बने ऐप से ही जोड़ा जाएगा। बाद में इसका एक अलग ऐप भी तैयार कराया जाएगा, ताकि कोई असुविधा न हो। पेपर लेस करने को लेकर बनाए जाने वाले ऐप में जांच, इमरजेंसी में भर्ती आदि के लिए अलग-अलग फीचर भी बनाए गए हैं।
चिकित्सा अधीक्षक प्रो.विजयनाथ मिश्रा ने कहा कि अस्पताल में पेपर लेस कामकाज के लिए काम चल रहा है। इससे जांच कराने और रिपोर्ट के लिए इधर-उधर भटकने वाले मरीजों को राहत मिले
गी। एक जनवरी से पूरा अस्पताल पेपर लेस हो जाएगा।