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बीएचयू के पर्वतारोहियों ने गोइचा-ला पर्वत पर फहराया तिरंगा
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Tue, 06 Nov 2018 10:57 AM IST
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गोइचा-ला पर्वत पर पर्वतारोही
- फोटो : amar ujala
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बीएचयू के पर्वतारोहियों ने सिक्किम के गोइचा-ला पर्वत (16250 फिट) पर चढ़कर तिरंगा फहराया। इसके अलावा 20 सदस्यीय दल ने बीएचयू का ध्वज भी फहराया। बीएचयू पहुंचने पर विवि पर्वतारोहण केंद्र पर प्रभारी प्रो. अनिल कुमार सिंह आदि ने टीम का स्वागत किया।
बता दें कि 18 अक्तूबर को बीएचयू से 20 सदस्यीय दल पूर्वोत्तर हिमालय (वेस्ट सिक्किम परिक्षेत्र) पर पर्वतारोहण के लिए रवाना हुआ था। प्रशिक्षक डॉ. जयप्रकाश यादव, बलराम यादव आदि ने बताया कि दल के सदस्यों ने 21 अक्तूबर को सिक्किम के युक्सॉम से सुबह 10 बजे चढ़ाई शुरू की और शाम को सचेन पर पड़ाव शिविर लगाया।
इसके बाद सचेन से बक्खिम होते हुए शोका पहुंचे। इस दौरान 4030 मीटर की ऊंचाई पर जोंगरी पहुंचने पर ठंड का असर दिखा। रात में माइनस 8 डिग्री तापमान होने की वजह से कई विदेशी पर्वतारोही वापस लौट रहे थे।
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बता दें कि 18 अक्तूबर को बीएचयू से 20 सदस्यीय दल पूर्वोत्तर हिमालय (वेस्ट सिक्किम परिक्षेत्र) पर पर्वतारोहण के लिए रवाना हुआ था। प्रशिक्षक डॉ. जयप्रकाश यादव, बलराम यादव आदि ने बताया कि दल के सदस्यों ने 21 अक्तूबर को सिक्किम के युक्सॉम से सुबह 10 बजे चढ़ाई शुरू की और शाम को सचेन पर पड़ाव शिविर लगाया।
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इसके बाद सचेन से बक्खिम होते हुए शोका पहुंचे। इस दौरान 4030 मीटर की ऊंचाई पर जोंगरी पहुंचने पर ठंड का असर दिखा। रात में माइनस 8 डिग्री तापमान होने की वजह से कई विदेशी पर्वतारोही वापस लौट रहे थे।
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तिरंगे के साथ बीएचयू का ध्वज फहराया
पर्वतारोही
- फोटो : amar ujala
ठंड का ही असर था कि केवल 9 सदस्य ही ऊपर जा सके। आगे कॉकचुरन को पार करते हुए थांगसेन नामक जगह पर रात में पड़ाव डाला और इसके बाद मौसम के उतार-चढ़ाव को झेलते हुए गोइचा-ला पहुंचे। यहां स्थानीय गाइडों ने सहयोग किया।
सदस्यों को पहुंचने पर बधाई दी। यहां तिरंगे के साथ बीएचयू का ध्वज फहराया। बताया कि 30 अक्तूबर को दार्जिलिंग में स्थित हिमालयन पर्वतारोहण संस्थान में प्रदर्शित फिल्म एवं संग्रहालय को देखने के बाद रॉक क्लाइंबिंग का अभ्यास किया।
सदस्यों को पहुंचने पर बधाई दी। यहां तिरंगे के साथ बीएचयू का ध्वज फहराया। बताया कि 30 अक्तूबर को दार्जिलिंग में स्थित हिमालयन पर्वतारोहण संस्थान में प्रदर्शित फिल्म एवं संग्रहालय को देखने के बाद रॉक क्लाइंबिंग का अभ्यास किया।