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बलिया पीएम आवासा योजना
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बलिया। जनपद में अब तक संचालित आवास योजनाएं भ्रष्टाचार की शिकार रहीं हैं। वर्ष 2016 से जिले में लागू पीएम आवास योजना भी इससे अछूता नहीं रहा। घोटाले का खेल यह है कि जिम्मेदारों की हथेली गर्म करिए और मनमाने ढंग से आवास योजना का लाभ लीजिए। धांधली का आलम यह है कि वर्ष 2019-20 में अनुसूचित जाति व जनजाति का कोई लाभार्थी ही नहीं मिला। इससे सामान्य वर्ग के 5860 पात्रों को आवास उपलब्ध कर दिए गए। गड़बड़ी के दर्जनों शिकायत हैं, कई में संबंधितों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज है। अधिकारियों ने केस दर्ज कराने के बाद उसकी प्रगति जानने का कोई प्रयास नहीं किया।
वर्ष 2015-16 में पूर्व से संचालित इंदिरा आवास योजना के स्थान पर केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना को लागू किया। अब तक 16946 अनुसूचित व अनुसूचित जनजाति तथा 5860 सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को योजना का लाभ दिया जा चुका है। इस योजना के तहत आवास आवंटन के तरीकों में भी बदलाव करते हुए सेक ( सामाजिक आर्थिक जातीय गणना) सूची में शामिल गरीबों को आवास देने का प्रावधान किया गया। हालांकि यह योजना पूरी तरह वर्ष 2016-17 में धरातल पर उतरी। सेक डाटा में आवास को लेकर बनी स्थाई प्रतीक्षा सूची में अनुसूचित जाति व जनजाति के किसी लाभार्थी के नहीं होने से वर्ष 19-20 में शासन की ओर से केवल सामान्य वर्ग के लिए 5860 आवास उपलब्ध कराए गए। अधिकारियों की मानें तो सेक डाटा में अनुसूचित जाति व जनजाति के सभी लाभार्थियों को आवास उपलब्ध कराने के कारण इनकी संख्या समाप्त होने की रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी।
चार सालों में हुए 27437 पीएम आवास आवंटित
बलिया। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए वर्ष 16-17 में कुल 9810 व वर्ष 17-18 में 4631 प्रधानमंत्री आवास का आवंटन किया गया। इसके अलावा वर्ष 2018-19 में कुल 7136 आवास आवंटन किया गया। यह आवास अनुसूचित जाति, जनजाति व सामान्य वर्ग को दिया गया। वर्ष 2019-20 में केवल 5860 आवास सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को आवास आवंटित किया गया।
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154 आवास आज भी पूरे नहीं, 84 से हुई रिकवरी
बलिया। जिले में पूर्व के सालों में आवंटित 154 पीएम आवास अभी तक नहीं बन सके हैं। इन लाभार्थियों के खिलाफ रिकवरी की कार्रवाई की गई। इसमें से 84 लोगों से रिकवरी हो चुकी है और शेष लाभार्थियों से रिकवरी होनी है।
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पीएम आवास योजना में जहां भी शिकायतें मिलीं जांच कराकर कार्रवाई की गई। वर्तमान में आवास प्लस योजना के तहत पंजीकृत लाभार्थियों के सत्यापन का कार्य जारी है।
- डीएन दुबे, पीडी, डीआरडीए, बलिया
केस 1
दो साल पहले दुबहड़ ब्लाक के घोड़हरा गांव में जाति बदल कर आवास का आवंटन किया गया। सांसद आदर्श गांव कुशहर में सात लाभार्थियों के नाम से फर्जी खाता खोलवा कर आवास की पहली किश्त 2.80 लाख का आहरण कर लिया गया। हालांकि खुलासा के बाद रेवती ब्लॉक के कुशहर गांव के प्रधान, सचिव, सेक्टर अधिकारी के अलावा दो बैकों के शाखा प्रबंधक पर मुकदमा दर्ज कराकर अधिकारियों ने कोरम पूरा कर लिया।
केस 2
प्रधानमंत्री आवास के नाम पर वसूली का दौर भी खूब चला। 17 माह पहले बांसडीह रोड पुलिस ने दुबहड़ ब्लॉक के हरिपुर गांव के प्रधान शिवकुमार गुप्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने यह कार्रवाई तत्कालीन जिलाधिकारी भवानी सिंह खंगारौत के निर्देश पर की।
केस 3
गड़वार ब्लॉक के शेरवा कला गांव में आवास आवंटन में धांधली के शिकायत की जांच डीएम ने कराई। शिकायत की पुष्टि होने पर डीएम ने गांव में प्रधान पद के संचालन के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की। यह तो महज उदाहरण हैं, पूरे जनपद में पीएम आवास आवंटन में धांधली की गई।
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वर्ष 2015-16 में पूर्व से संचालित इंदिरा आवास योजना के स्थान पर केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना को लागू किया। अब तक 16946 अनुसूचित व अनुसूचित जनजाति तथा 5860 सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को योजना का लाभ दिया जा चुका है। इस योजना के तहत आवास आवंटन के तरीकों में भी बदलाव करते हुए सेक ( सामाजिक आर्थिक जातीय गणना) सूची में शामिल गरीबों को आवास देने का प्रावधान किया गया। हालांकि यह योजना पूरी तरह वर्ष 2016-17 में धरातल पर उतरी। सेक डाटा में आवास को लेकर बनी स्थाई प्रतीक्षा सूची में अनुसूचित जाति व जनजाति के किसी लाभार्थी के नहीं होने से वर्ष 19-20 में शासन की ओर से केवल सामान्य वर्ग के लिए 5860 आवास उपलब्ध कराए गए। अधिकारियों की मानें तो सेक डाटा में अनुसूचित जाति व जनजाति के सभी लाभार्थियों को आवास उपलब्ध कराने के कारण इनकी संख्या समाप्त होने की रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी।
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चार सालों में हुए 27437 पीएम आवास आवंटित
बलिया। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए वर्ष 16-17 में कुल 9810 व वर्ष 17-18 में 4631 प्रधानमंत्री आवास का आवंटन किया गया। इसके अलावा वर्ष 2018-19 में कुल 7136 आवास आवंटन किया गया। यह आवास अनुसूचित जाति, जनजाति व सामान्य वर्ग को दिया गया। वर्ष 2019-20 में केवल 5860 आवास सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को आवास आवंटित किया गया।
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154 आवास आज भी पूरे नहीं, 84 से हुई रिकवरी
बलिया। जिले में पूर्व के सालों में आवंटित 154 पीएम आवास अभी तक नहीं बन सके हैं। इन लाभार्थियों के खिलाफ रिकवरी की कार्रवाई की गई। इसमें से 84 लोगों से रिकवरी हो चुकी है और शेष लाभार्थियों से रिकवरी होनी है।
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पीएम आवास योजना में जहां भी शिकायतें मिलीं जांच कराकर कार्रवाई की गई। वर्तमान में आवास प्लस योजना के तहत पंजीकृत लाभार्थियों के सत्यापन का कार्य जारी है।
- डीएन दुबे, पीडी, डीआरडीए, बलिया
केस 1
दो साल पहले दुबहड़ ब्लाक के घोड़हरा गांव में जाति बदल कर आवास का आवंटन किया गया। सांसद आदर्श गांव कुशहर में सात लाभार्थियों के नाम से फर्जी खाता खोलवा कर आवास की पहली किश्त 2.80 लाख का आहरण कर लिया गया। हालांकि खुलासा के बाद रेवती ब्लॉक के कुशहर गांव के प्रधान, सचिव, सेक्टर अधिकारी के अलावा दो बैकों के शाखा प्रबंधक पर मुकदमा दर्ज कराकर अधिकारियों ने कोरम पूरा कर लिया।
केस 2
प्रधानमंत्री आवास के नाम पर वसूली का दौर भी खूब चला। 17 माह पहले बांसडीह रोड पुलिस ने दुबहड़ ब्लॉक के हरिपुर गांव के प्रधान शिवकुमार गुप्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने यह कार्रवाई तत्कालीन जिलाधिकारी भवानी सिंह खंगारौत के निर्देश पर की।
केस 3
गड़वार ब्लॉक के शेरवा कला गांव में आवास आवंटन में धांधली के शिकायत की जांच डीएम ने कराई। शिकायत की पुष्टि होने पर डीएम ने गांव में प्रधान पद के संचालन के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की। यह तो महज उदाहरण हैं, पूरे जनपद में पीएम आवास आवंटन में धांधली की गई।