{"_id":"5fe6476d8ebc3e3db521c392","slug":"atal-bihari-city-news-vns5655219151","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रधानमंत्री ने दबाया बटन, किसानों के खाते में पहुंची रकम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रधानमंत्री ने दबाया बटन, किसानों के खाते में पहुंची रकम
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। क्रिसमस व पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को देश के नौ करोड़ किसानों के खाते में 18 हजार करोड़ की धनराशि डिजिटली बटन दबाकर ट्रांसफर की। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत खाते में रकम आते ही किसान चहक उठे। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल संवाद के जरिए जिले के आठ ब्लाकों के किसानों ने तालियां बजाकर प्रधानमंत्री का आभार जताया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब से प्रधानमंत्री सम्मान निधि शुरू हुई है तब से अब तक एक लाख दस हजार करोड़ से ज्यादा किसानों के खाते में धनराशि पहुंची। इस नई व्यवस्था व तकनीकी से कुछ ही क्षण में किसानों के बैंक खाते में पैसा पहुंच जाता है। योजना के तहत सरकार हर वित्त वर्ष में किसानों के बैंक खातों में कुल 6000 रुपये की रकम ट्रांसफर करती है। यह रकम तीन बराबर किस्तों में किसानों के बैंक खातों में भेजी जाती है। सरकार ने चालू वित्त वर्ष की पहली किस्त अप्रैल में किसानों के खाते में भेजी थी। इससे कोविड-19 की वजह से लागू लॉकडाउन से प्रभावित किसानों को काफी मदद मिली थी। इसके बाद सरकार ने अगस्त में दूसरी किस्त भेजी थी। इसके बाद दिसंबर के पहले सप्ताह से किसान तीसरी किस्त का इंतजार कर रहे थे कि क्रिसमस के दिन 25 दिसंबर को सरकार ने किसानों के खातों में किस्त ट्रांसफर की।
पंजाब के किसानों को गुमराह कर रहे विपक्षी दल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्षियों को निशाने साधते हुए कहा कि कुछ लोग पंजाब के किसानों को गुमराह कर रहे हैं। ऐसे राजनीतिक दल के लोग लोकतंत्र के किसी पैमाने व पैरामीटर को अपनाने व मानने को तैयार नहीं हैं। निर्दोष किसानों के जिंदगी व उनकी भावना से न खेलें। ऐसे ही लोगों के कारण देश के कृषि व किसानों की उतना विकास नहीं हुआ जितना उनका सामर्थ्य था। छोटे किसानों का सुध लेने वाला अब तक कोई नहीं था। देश में 10 करोड़ से अधिक ऐसे गरीब किसान थे जिनको उनके भाग्य पर छोड़ दिया गया था और जिसका नतीजा रहा कि गरीब किसान गरीब होता गया।
विज्ञापन
1000 मंडियों को ऑनलाइन जोड़ा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई किसान बिल की चर्चा करते हुए कहा कि पूरी दुनिया में किसानों के आर्थिक विकास के पैमाने की गहन जानकारी कर और उस अच्छे कार्यों को समावेश कर लागू करने का प्रयास किया गया है। ताकि खेती के दौरान इनपुट खर्च कम हो। माइक्रो एग्रीकेशन को देश में बढ़ावा दिया जा रहा है। स्वामीनाथन समिति की रिपोर्ट के अनुसार लागत का डेढ़ गुना एमएसपी लागू कर किसानों को दिया जा रहा है। देश के 1000 मंडियों को ऑनलाइन जोड़ा गया है। एक लाख करोड़ से अधिक रुपये की बिक्री किसानों ने कर लिया है। इस दौरान पहड़िया मंडी में काशी प्रांत के अध्यक्ष महेश चंद्र श्रीवास्तव, विद्यापीठ ब्लाक पर विधायक सुरेंद्र नारायण सिंह, बड़गांव पर विधायक डॉ. अवधेश सिंह, पिंडरा पर विधायक सौरभ श्रीवास्तव, सेवापुरी ब्लाक पर एमएलसी लक्ष्मण आचार्य आदि मौजूद रहे। इन जगहों पर बड़ी-बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई गई थी।
विज्ञापन
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब से प्रधानमंत्री सम्मान निधि शुरू हुई है तब से अब तक एक लाख दस हजार करोड़ से ज्यादा किसानों के खाते में धनराशि पहुंची। इस नई व्यवस्था व तकनीकी से कुछ ही क्षण में किसानों के बैंक खाते में पैसा पहुंच जाता है। योजना के तहत सरकार हर वित्त वर्ष में किसानों के बैंक खातों में कुल 6000 रुपये की रकम ट्रांसफर करती है। यह रकम तीन बराबर किस्तों में किसानों के बैंक खातों में भेजी जाती है। सरकार ने चालू वित्त वर्ष की पहली किस्त अप्रैल में किसानों के खाते में भेजी थी। इससे कोविड-19 की वजह से लागू लॉकडाउन से प्रभावित किसानों को काफी मदद मिली थी। इसके बाद सरकार ने अगस्त में दूसरी किस्त भेजी थी। इसके बाद दिसंबर के पहले सप्ताह से किसान तीसरी किस्त का इंतजार कर रहे थे कि क्रिसमस के दिन 25 दिसंबर को सरकार ने किसानों के खातों में किस्त ट्रांसफर की।
विज्ञापन
पंजाब के किसानों को गुमराह कर रहे विपक्षी दल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्षियों को निशाने साधते हुए कहा कि कुछ लोग पंजाब के किसानों को गुमराह कर रहे हैं। ऐसे राजनीतिक दल के लोग लोकतंत्र के किसी पैमाने व पैरामीटर को अपनाने व मानने को तैयार नहीं हैं। निर्दोष किसानों के जिंदगी व उनकी भावना से न खेलें। ऐसे ही लोगों के कारण देश के कृषि व किसानों की उतना विकास नहीं हुआ जितना उनका सामर्थ्य था। छोटे किसानों का सुध लेने वाला अब तक कोई नहीं था। देश में 10 करोड़ से अधिक ऐसे गरीब किसान थे जिनको उनके भाग्य पर छोड़ दिया गया था और जिसका नतीजा रहा कि गरीब किसान गरीब होता गया।
विज्ञापन
1000 मंडियों को ऑनलाइन जोड़ा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई किसान बिल की चर्चा करते हुए कहा कि पूरी दुनिया में किसानों के आर्थिक विकास के पैमाने की गहन जानकारी कर और उस अच्छे कार्यों को समावेश कर लागू करने का प्रयास किया गया है। ताकि खेती के दौरान इनपुट खर्च कम हो। माइक्रो एग्रीकेशन को देश में बढ़ावा दिया जा रहा है। स्वामीनाथन समिति की रिपोर्ट के अनुसार लागत का डेढ़ गुना एमएसपी लागू कर किसानों को दिया जा रहा है। देश के 1000 मंडियों को ऑनलाइन जोड़ा गया है। एक लाख करोड़ से अधिक रुपये की बिक्री किसानों ने कर लिया है। इस दौरान पहड़िया मंडी में काशी प्रांत के अध्यक्ष महेश चंद्र श्रीवास्तव, विद्यापीठ ब्लाक पर विधायक सुरेंद्र नारायण सिंह, बड़गांव पर विधायक डॉ. अवधेश सिंह, पिंडरा पर विधायक सौरभ श्रीवास्तव, सेवापुरी ब्लाक पर एमएलसी लक्ष्मण आचार्य आदि मौजूद रहे। इन जगहों पर बड़ी-बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई गई थी।