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Gyanvapi: ज्ञानवापी में मुख्य गुंबद के नीचे एक और शिवलिंग, विष्णु शंकर जैन बोले- सर्वे कराने से सच सामने आएगा

Sat, 15 Jul 2023 09:52 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Sat, 15 Jul 2023 09:52 PM IST
सार

अदालत में हिंदू पक्ष की ओर से दलील रख रहे विष्णु शंकर जैन ने कहा कि वजू स्थल छोड़कर शेष स्थान का सर्वे कराया जाना चाहिए। मस्जिद के मुख्य गुंबद के नीचे धप-धप की आवाज आ रही है। इसके नीचे एक और शिवलिंग होने की संभावना है। 

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Another Shivling under the main dome in Gyanvapi Vishnu Shankar Jain said
काशी विश्वनाथ मंदिर से सटा ज्ञानवापी मस्जिद। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ज्ञानवापी के मां श्रृंगार गौरी मूल वाद में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) से रडार तकनीक से सर्वे कराने के प्रार्थना पत्र पर शुक्रवार को जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में सुनवाई पूरी हो गई। जिला जज की अदालत मामले में 21 जुलाई को फैसला सुना सकती है। हिंदू पक्ष ने सील वजूखाना को छोड़कर शेष अन्य स्थानों के सर्वेक्षण की मांग की है। इसमें कहा है कि 1993 में जिस क्षेत्र की बैरिकेडिंग की गई थी, उसका सर्वे कराया जाए।

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अदालत में हिंदू पक्ष की ओर से दलील रख रहे विष्णु शंकर जैन ने कहा कि वजू स्थल छोड़कर शेष स्थान का सर्वे कराया जाना चाहिए। मस्जिद के मुख्य गुंबद के नीचे धप-धप की आवाज आ रही है। इसके नीचे एक और शिवलिंग होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि मस्जिद की पश्चिमी दीवार और पूरे परिसर का सर्वे कराने से इतिहास सामने आएगा।
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ये भी पढ़ें: ज्ञानवापी के साथ मस्जिद शब्द का प्रयोग हो बंद, काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद के अध्यक्ष का बयान
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अदालत बिना आवेदन के भी सर्वे का आदेश दे सकती है। ऐसा साक्ष्य एकत्र करने और वास्तविकता को समझने के लिए किया जा सकता है। एएसआई सर्वे के लिए सुप्रीम कोर्ट का आदेश बाधित नहीं करता है। सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल पर भी नहीं रोक लगाई है।

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मंदिर तोड़कर बनाई मस्जिद: मानबहादुर

Another Shivling under the main dome in Gyanvapi Vishnu Shankar Jain said
कोर्ट परिसर के बाहर वादी पक्ष की महिलाएं और अधिवक्ता - फोटो : अमर उजाला

हिंदू पक्ष के ही एक अन्य अधिवक्ता मानबहादुर सिंह ने कहा कि मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाई गई। इसके चलते वैमनस्यता फैली। हिंदू पक्ष कलेजे पर पत्थर रख कर इसे सहन कर रहा है। यह ऐतिहासिक साक्ष्य है कि मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाई गई है।
ये भी पढ़ें: एएसआई से ज्ञानवापी के सर्वे की मांग पर सुनवाई पूरी, 21 जुलाई को आएगा कोर्ट का आदेश

मस्जिद बनाने की बात कही, साक्ष्य नहीं दिया: मसाजिद कमेटी

अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी की तरफ से कहा गया कि हाईकोर्ट के 12 मई के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट का 19 मई से रोक है। इसी आदेश के क्रम में एएसआई सर्वे का आवेदन दिया गया है, जिसे सुनने का अधिकार जिला जज को नहीं है। मामले में एक बार सर्वे हो चुका है, उस पर आपत्ति की गई है। बिना उसके निस्तारण के सर्वे का दूसरा आदेश नहीं दिया जा सकता है। हिंदू पक्ष ने मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाने की बात कही है, लेकिन उसका कोई साक्ष्य नहीं दिया।

ये है पूरा मामला

अदालत में हिंदू पक्ष की चार वादिनी रेखा पाठक, मंजू व्यास, लक्ष्मी देवी और सीता साहू की तरफ से बीते 16 मई को प्रार्थना पत्र दिया गया था। कहा गया था कि ज्ञानवापी में सील किए गए वजूखाना को छोड़कर बाकी क्षेत्र का एएसआई से रडार तकनीक से सर्वे कराया जाए। इस पर बीते 19 मई को अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी ने आपत्ति की थी। हिंदू पक्ष ने 22 मई को अपनी दलील रखी थी। सात जुलाई को जिला जज के अवकाश पर रहने के कारण 12 जुलाई की तारीख पड़ी और हिंदू पक्ष ने प्रार्थना पत्र के निस्तारण पर बल दिया। तब मसाजिद कमेटी ने आपत्ति के लिए समय मांगा और 14 जुलाई की तिथि सुनवाई के लिए नियत की गई। 14 जुलाई को कोर्ट आदेश के लिए पत्रावली सुरक्षित कर ली और सुनवाई के लिए 21 जुलाई की तारीख तय की। 

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