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वाराणसी को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए तीन कंपनियों से करार
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Sat, 29 Apr 2017 12:25 AM IST
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काशी
- फोटो : FILE PHOTO
स्मार्ट शहर बनाने की सूची में काशी के शामिल होने के बाद बुनियादी विकास का खाका खींचा जाने लगा है।
इसके लिए वाराणसी स्मार्ट सिटी लिमिटेड को एक कंपनी के रूप में रजिस्टर्ड होने के बाद कार्यों को निगरानी, रूपरेखा तैयार करने और बेहतर विकल्प देने के लिए तीन कंपनियों से नगर निगम का करार हुआ है। ये कंपनियां प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसलटेंट (पीएमसी) के रूप में काम करेंगी।
शुक्रवार को नगर आयुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद नगर निगम की ओर से उन्हें सहमति पत्र जारी कर दिया गया। स्मार्ट सिटी प्रभारी संयुक्त नगर आयुक्त रमेश चंद्र सिंह ने बताया कि आईटी क्षेत्र की कंपनी ग्रांट थारटन इंडिया लिमिटेड अमेरिका की कंपनी है।
इसका कार्यालय गुड़गांव में है। वहीं लखनऊ की कंपनी रुद्राभिषेक इंटरप्राइजेज कंपनी लिमिटेड (आरईसीएल) संसाधन के क्षेत्र में और नोएडा की कंपनी एएनबी धरोहर संरक्षण के क्षेत्र में विशेषज्ञ है।
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सिंह ने बताया कि सहमति पत्र जारी करने के बाद उन्हें बैंक गारंटी देना होगा। इसके बाद काम शुरू हो जाएगा। इसके लिए दो सप्ताह का समय दिया गया है।
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इसके लिए वाराणसी स्मार्ट सिटी लिमिटेड को एक कंपनी के रूप में रजिस्टर्ड होने के बाद कार्यों को निगरानी, रूपरेखा तैयार करने और बेहतर विकल्प देने के लिए तीन कंपनियों से नगर निगम का करार हुआ है। ये कंपनियां प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसलटेंट (पीएमसी) के रूप में काम करेंगी।
शुक्रवार को नगर आयुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद नगर निगम की ओर से उन्हें सहमति पत्र जारी कर दिया गया। स्मार्ट सिटी प्रभारी संयुक्त नगर आयुक्त रमेश चंद्र सिंह ने बताया कि आईटी क्षेत्र की कंपनी ग्रांट थारटन इंडिया लिमिटेड अमेरिका की कंपनी है।
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इसका कार्यालय गुड़गांव में है। वहीं लखनऊ की कंपनी रुद्राभिषेक इंटरप्राइजेज कंपनी लिमिटेड (आरईसीएल) संसाधन के क्षेत्र में और नोएडा की कंपनी एएनबी धरोहर संरक्षण के क्षेत्र में विशेषज्ञ है।
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सिंह ने बताया कि सहमति पत्र जारी करने के बाद उन्हें बैंक गारंटी देना होगा। इसके बाद काम शुरू हो जाएगा। इसके लिए दो सप्ताह का समय दिया गया है।
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पक्के महाल में बढ़ेंगी बुनियादी सुविधाएं
रेट्रोफिटिंग एरिया के तहत पक्के महाल यानी पुराने बनारस को चुना गया है। 1300 एकड़ वाले क्षेत्र में बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। अस्सी से लेकर राजघाट की गलियां, सड़क, सीवेज, बिजली, पानी, स्कूल, अस्पताल, कंप्यूटर सफाई व्यवस्था आदि को विकसित किया जाएगा।
उसे मॉडल के रूप में विकसित किया जाना है। काशी की संस्कृति, परंपरा को जीवंत रखते हुए आधुनिकता का खाका खींचा जाएगा।
पैन सिटी के तहत शहर भर में ई-गर्वनेंस, यातायात, अपराध की वीडियो से निगरानी, कचरा प्रबंधन, अपशिष्ट से उर्वरक, जल वितरण, विद्युत के मीटर, अक्षय ऊर्जा, कौशल विकास केंद्र समेत कुल 21 बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए शहर को स्मार्ट का सपना साकार किया जाएगा।
उसे मॉडल के रूप में विकसित किया जाना है। काशी की संस्कृति, परंपरा को जीवंत रखते हुए आधुनिकता का खाका खींचा जाएगा।
पैन सिटी के तहत शहर भर में ई-गर्वनेंस, यातायात, अपराध की वीडियो से निगरानी, कचरा प्रबंधन, अपशिष्ट से उर्वरक, जल वितरण, विद्युत के मीटर, अक्षय ऊर्जा, कौशल विकास केंद्र समेत कुल 21 बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए शहर को स्मार्ट का सपना साकार किया जाएगा।