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चार दिन बाद फिर मंडुवाडीह सुपरफास्ट के पार्सल से लाखों की चोरी
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Thu, 23 Feb 2017 09:07 PM IST
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चार दिन में दूसरी वारदात से मचा हड़कंप
- फोटो : अमर उजाला
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नई दिल्ली-मंडुवाडीह सुपरफास्ट एक्सप्रेस के ब्रेकयान (पार्सल बोगी) से गुरुवार को फिर लाखों रुपये के पार्सल उड़ा दिए गए। अभी चार दिन पहले बोगी काटकर चुराए गए लाखों के पार्सल की छानबीन भी नहीं हो पाई कि इस एक और वारदात ने हड़कंप मचा दिया है।
रेलवे सुरक्षा तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ताबड़तोड़ वारदातों के बावजूद रेलवे प्रशासन और आरपीएफ की टालमटोल से किसी बड़ी मिलीभगत का अंदेशा भी जताया जा रहा है।
गुरुवार को चोरी गए पार्सल की अनुमानित कीमत पांच लाख रुपये बताई गई लेकिन इस बारे में कोई अधिकृत जानकारी नहीं मिल पाई। आरपीएफ इंस्पेक्टर मंडुवाडीह का कहना है कि घटना इलाहाबाद से पहले हुई। इलाहाबाद से वाराणसी तक उनका स्टाफ ट्रेन के साथ आया था।
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चोरी गए पार्सल में होजरी के सामान, जूता-चप्पल, इलेक्ट्रानिक्स गुड्स हैं। इस बार भी चोर बोगी की चद्दर काटकर अंदर घुसे और फिर इत्मीनान से सामान समेटने के बाद बोगी के कटे हिस्से को पेचकस के सहारे बड़ी सफाई से जोड़ दिया।
सीलबंद पार्सल बोगी को जब यहां आरपीएफ की मौजूदगी में पार्सल कर्मियों ने खोला तो उनके होश उड़ गए। अंदर छह से सात बड़ी पेटियां कटी मिलीं।
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रेलवे सुरक्षा तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ताबड़तोड़ वारदातों के बावजूद रेलवे प्रशासन और आरपीएफ की टालमटोल से किसी बड़ी मिलीभगत का अंदेशा भी जताया जा रहा है।
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गुरुवार को चोरी गए पार्सल की अनुमानित कीमत पांच लाख रुपये बताई गई लेकिन इस बारे में कोई अधिकृत जानकारी नहीं मिल पाई। आरपीएफ इंस्पेक्टर मंडुवाडीह का कहना है कि घटना इलाहाबाद से पहले हुई। इलाहाबाद से वाराणसी तक उनका स्टाफ ट्रेन के साथ आया था।
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चोरी गए पार्सल में होजरी के सामान, जूता-चप्पल, इलेक्ट्रानिक्स गुड्स हैं। इस बार भी चोर बोगी की चद्दर काटकर अंदर घुसे और फिर इत्मीनान से सामान समेटने के बाद बोगी के कटे हिस्से को पेचकस के सहारे बड़ी सफाई से जोड़ दिया।
सीलबंद पार्सल बोगी को जब यहां आरपीएफ की मौजूदगी में पार्सल कर्मियों ने खोला तो उनके होश उड़ गए। अंदर छह से सात बड़ी पेटियां कटी मिलीं।
विभागीय मिलीभगत के मुमकिन नहीं यह काम
जानकारों का कहना है कि बोगी काटने, सामान समेटने और फिर कटे हिस्से को जोड़ने के लिए चोरों को पर्याप्त समय मिला और यह बिना विभागीय मिलीभगत के मुमकिन नहीं हो सकता।
वहीं, आरपीएफ घटना की तफ्तीश और चोरों को पकड़ने के प्रयास करने की जगह यह सिद्ध करने में व्यस्त रही कि घटना उनके क्षेत्र में नही बल्कि दूसरे रेल जोन में हुई है।
जिन व्यापारियों का सामान चोरी गया है अभी उनकी तरफ से चोरी का कोई मुकदमा दर्ज नही कराया गया है।
वहीं, आरपीएफ घटना की तफ्तीश और चोरों को पकड़ने के प्रयास करने की जगह यह सिद्ध करने में व्यस्त रही कि घटना उनके क्षेत्र में नही बल्कि दूसरे रेल जोन में हुई है।
जिन व्यापारियों का सामान चोरी गया है अभी उनकी तरफ से चोरी का कोई मुकदमा दर्ज नही कराया गया है।