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महान बनने की कला हर बच्चे के भीतर: बाल व्यास
Updated Sat, 15 Jul 2017 02:22 AM IST
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वाराणसी। प्रख्यात कथा मर्मज्ञ बाल व्यास पं. श्रीकांत शर्मा शुक्रवार की सुबह काशी पहुंचे। नाटी इमली के ऐतिहासिक भरत मिलाप के मैदान शनिवार से उनकी शिवपुराण कथा आरंभ होगी। इसके लिए शिव की अनुकृति वाले भव्य मंच के साथ वाटरप्रूफ पंडाल बनकर तैयार हो गया है। बाल व्यास का अस्सी स्थित सरावगी भवन में श्रद्धालुओं ने जोरदार स्वागत किया।
आठ दिवसीय शिव महापुराण कथा के लिए आए बाल व्यास ने बाबतपुर स्थित जयपुरिया स्कूल में सरस्वती प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर आरती उतारी। इसके बाद वह विद्यालय के प्रेक्षागृह में बच्चों के बीच पहुंचे।
यहां संस्कार, चरित्र निर्माण और राष्ट्र, समाज से जुड़े सवाल बच्चों ने बाल व्यास से पूछे। भजन भी पेश किया। बाल व्यास ने कहा कि हर छात्र-छात्रा में महान बनने की कला छिपी होती है। दीपक जलाने से कोई महान नहीं बनता, उन्होंने कहा कि भगवान प्रकृति में हैं और हर एक मनुष्य में हैं । परमात्मा तक पहुंचने के लिए समर्पण और भक्ति होनी चाहिए। बाल व्यास ने कहा कि सदा सच बोलना चाहिए। लेकिन जिस सच के बोलने से किसी के प्राण चले जाएं, उसे लेकर मौन रहना ही अच्छा होता है। इस मौके पर विद्यालय के निदेशक मनोज बजाज, श्याम सुंदर बजाज, अनिल जाजोदिया, सुधा,राजकुमार केजरीवाल, अवधेश खेमका, अजय खेमका, प्रतीक केडिया समेत तमाम लोग उपस्थित थे।
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आठ दिवसीय शिव महापुराण कथा के लिए आए बाल व्यास ने बाबतपुर स्थित जयपुरिया स्कूल में सरस्वती प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर आरती उतारी। इसके बाद वह विद्यालय के प्रेक्षागृह में बच्चों के बीच पहुंचे।
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यहां संस्कार, चरित्र निर्माण और राष्ट्र, समाज से जुड़े सवाल बच्चों ने बाल व्यास से पूछे। भजन भी पेश किया। बाल व्यास ने कहा कि हर छात्र-छात्रा में महान बनने की कला छिपी होती है। दीपक जलाने से कोई महान नहीं बनता, उन्होंने कहा कि भगवान प्रकृति में हैं और हर एक मनुष्य में हैं । परमात्मा तक पहुंचने के लिए समर्पण और भक्ति होनी चाहिए। बाल व्यास ने कहा कि सदा सच बोलना चाहिए। लेकिन जिस सच के बोलने से किसी के प्राण चले जाएं, उसे लेकर मौन रहना ही अच्छा होता है। इस मौके पर विद्यालय के निदेशक मनोज बजाज, श्याम सुंदर बजाज, अनिल जाजोदिया, सुधा,राजकुमार केजरीवाल, अवधेश खेमका, अजय खेमका, प्रतीक केडिया समेत तमाम लोग उपस्थित थे।
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