वाराणसी में 45 किमी की दूरी तय करने में लगे 72 घंटे, बिहार बार्डर तक एक नहीं टूट रही है वाहनों की कतार
नई दिल्ली से कोलकाता के लिए मालवाहक से सामान लेकर निकले उदय 72 घंटे में सिर्फ 45 किलोमीटर की दूरी तय कर सके। ऐसे ही डाफी टोल प्लॉजा के पास कार चालक उपेंद्र पांडेय भी जाम में फंसे मिले। उन्होंने बताया कि वह दिल्ली से झारखंड की ओर जा रहे हैं। आठ घंटे से जाम में फंसे हैं। न जाने अभी और कितने घंटे जाम में फंसे रहना होगा। कोलकाता को नई दिल्ली से जोड़ने वाले नेशनल हाईवे-19 पर इन दिनों यातायात व्यवस्था की यह जमीनी हकीकत है।
बीती 15 फरवरी को लागू फास्टैग सिस्टम के साथ ही मिर्जापुर में सड़क निर्माण कार्य और गाजीपुर में दो पुल से आवागमन बंद होने से इन दिनों मोहनसराय से लेकर यूपी-बिहार बॉर्डर तक वाहनों की कतार लग रही है।
डाफी टोल प्लॉजा के हाईवे ट्रैफिक कंट्रोलर शैलेंद्र कुमार सिंह ने बुधवार को बताया कि जाम की समस्या लगभग एक सप्ताह से है। अगल-बगल के जिलों में सड़कें बन रही हैं। कुछेक जगह पुल से आवागमन बंद है। इसी वजह से एनएच-19 पर वाहनों का दबाव बहुत ज्यादा है।
समस्या सुलझाने नोएडा से आए एनएचएआई के डायरेक्टर
नेशनल हाईवे-19 पर लग रहे जाम की समस्या को सुलझाने के लिए एनएचएआई के डायरेक्टर भी नोएडा से शहर आए हैं। बुधवार को एनएचएआई और डाफी टोल प्लाजा के अधिकारियों ने समस्या के समाधान के लिए घंटों मंथन किया। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही ठोस कार्ययोजना बना कर समस्या से आमजन को निजात दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
फास्टैग से लैस वाहनों में 17 प्रतिशत की बढ़ोतरी
डाफी टोल प्लाजा से बीती 14 फरवरी तक फास्टैग से लैस 58 प्रतिशत वाहन गुजरते थे। बुधवार को फास्टैग से लैस 75 प्रतिशत वाहन गुजरे। डाफी टोल प्लाजा के मैनेजर जयराज सिंह ने बताया कि फास्टैग अनिवार्य होने से ओवरलोडिंग बढ़ी है। फास्टैग के कारण ओवरलोड वाहनों से डबल चार्ज की वसूली नहीं हो पा रही है।
हाईवे पर तैनात किए गए पुलिसकर्मी दिखते नहीं
नेशनल हाइवे-19 पर जाम की समस्या को देखते हुए मोहनसराय से विश्व सुंदरी पुल के बीच यातायात पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। हालांकि वह सिर्फ अफसरों के निरीक्षण या किसी एंबुलेंस वगैरह के फंसने पर ही हाईवे पर दिखाई देते हैं। इसके बाद वह भी समस्या से पीछा छुड़ाकर एक किनारे खड़े रहते हैं।