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पुस्तक मेले में ‘डिजिटल रामायण’
Updated Mon, 11 Sep 2017 02:31 AM IST
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वाराणसी। लिम्का बुक आफ रिकाडर्स में दर्ज ‘बोलती रामायण’ बीएचयू में लगे राष्ट्रीय संस्कृत पुस्तक मेले में सभी के आकर्षण का केंद्र बन गई है। डिवाइस के जरिए 21 घंटे में सस्वर रामायण पाठ का यह अद्भुत अहसास मानस प्रेमियों के लिए किसी सौगात से कम नहीं। इस डिजिटल रामायण में श्रीरामचरित मानस के सातों कांड क्रमवार हैं। 21 घंटे के इस संपूर्ण रामायण को अजय मुंदड़ा की आवाज में रिकार्ड किया गया है।
राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (नेशनल बुक ट्रस्ट) और बीएचयू के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित नौ दिवसीय राष्ट्रीय संस्कृत पुस्तक मेले में हर दिन लोग इसे देखने-सुनने और खरीदने पहुंच रहे हैं। प्रयास संस्था की ओर से इसका स्टाल लगाया गया है। स्टाल पर लोग जब इसके बारे में पूछते हैं तो उन्हें भी आश्चर्य होता है कि सारे दोहे और चौपाई संगीतमय रिकॉर्डेड हैं। संस्था के संयोजक अभय माहेश्वरी ने बताया कि बोलती रामायण के माध्यम से राम और रामायण के महत्व को समझाने का प्रयास किया गया है। मानस के प्रति आम जन की आस्था अगाध है। लोग आते हैं और श्रद्धापूर्वक इसे खरीदकर ले जाते हैं। रामायण के श्रवण एवं ध्वनि मात्र से ही वातावरण पवित्र और मंगलमय हो जाता है।
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राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (नेशनल बुक ट्रस्ट) और बीएचयू के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित नौ दिवसीय राष्ट्रीय संस्कृत पुस्तक मेले में हर दिन लोग इसे देखने-सुनने और खरीदने पहुंच रहे हैं। प्रयास संस्था की ओर से इसका स्टाल लगाया गया है। स्टाल पर लोग जब इसके बारे में पूछते हैं तो उन्हें भी आश्चर्य होता है कि सारे दोहे और चौपाई संगीतमय रिकॉर्डेड हैं। संस्था के संयोजक अभय माहेश्वरी ने बताया कि बोलती रामायण के माध्यम से राम और रामायण के महत्व को समझाने का प्रयास किया गया है। मानस के प्रति आम जन की आस्था अगाध है। लोग आते हैं और श्रद्धापूर्वक इसे खरीदकर ले जाते हैं। रामायण के श्रवण एवं ध्वनि मात्र से ही वातावरण पवित्र और मंगलमय हो जाता है।
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