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घाटों, कुंडों के विकास कार्यों की होगी जांच
Updated Wed, 27 Dec 2017 02:21 AM IST
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वाराणसी। पांच वर्षों के बाद भी शहर के कुंडों और गंगा घाटों के जीर्णोद्धार व सुंदरीकरण का काम पूरा न होने पर मंगलवार को मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकर्ण ने नाराजगी जताई। उन्होंने डीएम और सीडीओ को भौतिक सत्यापन करने और पूरे काम की प्रगति रिपोर्ट देने को कहा। मंगलवार को उन्होंने अपने कार्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक कर 50 लाख से अधिक धनराशि के मंडल में चल रहीं कुल 4589.743 करोड़ की 310 परियोजनाओं की समीक्षा की।
काशी के कुंडों और घाटों के विकास कार्य के लिए 4100 करोड़ की लागत से 2013 में योजना स्वीकृत हुई थी। इसके बाद इस कार्य की जिम्मेदारी सीएंडडीएस को दी गई थी। पांच वर्ष बीतने के बाद भी काम पूरा नहीं होने की जानकारी मिली तो कमिश्नर नाराज हो गए। उन्होंने डीएम और सीडीओ को स्थलीय जांच कर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया। बैठक में कमिश्नर ने रामनगर में 15164 करोड़ रुपये से चार लाख लीटर क्षमता की डेयरी फूड प्रोजेक्ट के कार्य की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई। साथ ही सीडीओ को बुधवार को मौके पर जाकर जांच करने और रिपोर्ट देने को कहा। वहीं, सिकरौल में 118.64 करोड़ की लागत से बन रहे रैन बसेरा कार्य पूरा नहीं होने पर सीएंडडीएस के परियोजना प्रबंधक को फटकार लगाई। साथ ही तीन दिन के भीतर काम पूरा नहीं होेने पर ठेकेदार को बदलने का निर्देश दिया। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को रिवाइज इस्टीमेट का खेल बंद करने की नसीहत दी।
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काशी के कुंडों और घाटों के विकास कार्य के लिए 4100 करोड़ की लागत से 2013 में योजना स्वीकृत हुई थी। इसके बाद इस कार्य की जिम्मेदारी सीएंडडीएस को दी गई थी। पांच वर्ष बीतने के बाद भी काम पूरा नहीं होने की जानकारी मिली तो कमिश्नर नाराज हो गए। उन्होंने डीएम और सीडीओ को स्थलीय जांच कर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया। बैठक में कमिश्नर ने रामनगर में 15164 करोड़ रुपये से चार लाख लीटर क्षमता की डेयरी फूड प्रोजेक्ट के कार्य की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई। साथ ही सीडीओ को बुधवार को मौके पर जाकर जांच करने और रिपोर्ट देने को कहा। वहीं, सिकरौल में 118.64 करोड़ की लागत से बन रहे रैन बसेरा कार्य पूरा नहीं होने पर सीएंडडीएस के परियोजना प्रबंधक को फटकार लगाई। साथ ही तीन दिन के भीतर काम पूरा नहीं होेने पर ठेकेदार को बदलने का निर्देश दिया। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को रिवाइज इस्टीमेट का खेल बंद करने की नसीहत दी।
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