6.18 लाख राशन कॉर्ड होंगे वापस
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राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू होने के बाद जिले में पांच लाख 68 हजार 874 पात्र गृहस्थी कार्डधारक और 49 हजार 495 अंत्योदय कार्डधारक हैं। इनमें 90 फीसदी परिवारों को उनके राशन कॉर्ड वितरित किए जा चुके हैं। बाकी परिवारों को विधानसभा चुनाव के दौरान आनन फानन में प्रशासन की ओर से राशन कार्ड बांटे जाने की शिकायत निर्वाचन आयोग तक पहुंची थी। आयोग ने आचार संहिता के मद्देनजर तत्काल इसका वितरण रोकवा दिया था। अब भाजपा सरकार ने सभी पुराने राशन कॉर्डोँ को वापस मंगाने और उनकी जगह नए कॉर्ड जारी करने का निर्णय लिया है। अंत्योदय कार्डधारकों को 20 किलो गेहूं और 15 किलो चावल जबकि पात्र कार्डधारकों को प्रति यूनिट 3 किलो गेहूं और 2 किलो चावल निर्धारित है।
जिलापूर्ति अधिकारी अशोक यादव ने कहा कि सरकार की गाइड लाइन के अनुसार पुरान राशन कॉर्डों को वापस मंगाया जा रहा है। जिनके राशन कॉर्ड का वितरण नहीं हो पाया था, उन्हें अब नया दिया जाएगा। नए कॉर्ड इसी माह से देने को कहा गया है।
में भेजे गए हैं। आपूर्ति विभाग के अनुसार जल्द ही इन्हें राशन दूकानों पर लगाने का काम शुरू होगा। बता दें कि खाद्यान्न वितरण में पारदर्शिता के लिए यह व्यवस्था की जा रही है। वाराणसी जिले में इसकी शुरुआत पिछले साल आशुतोष नगर कॉलोनी स्थित कोटे की दूकान से हुई थी लेकिन उसके बाद इसे विस्तार नहीं दिया जा सका। विभागीय सूत्रों का कहना है कि शासन ने आधार से लिंक नए डिजिटल राशन कॉर्ड जारी करने की तैयारी की है। पीओएस पर ये कॉर्ड स्वाइप कर कार्डधारक अनाज प्राप्त कर सकेगा।