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नोटबंदीः 50 दिन पूरे मगर पटरी पर नहीं आ पाई गाड़ी

Thu, 29 Dec 2016 04:56 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला, वाराणसी
ब्यूरो,अमर उजाला, वाराणसी Updated Thu, 29 Dec 2016 04:56 PM IST
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50 days complete of note ban but no big relief
बैंकों को नही मिल पाई छोटी करेंसी, सिक्के का पैकेट बांट रहे - फोटो : अमर उजाला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नोटबंदी की घोषणा के आज 50 दिन आज पूरे हो रहे हैं,लेकिन अभी तक पूरी तरह से गाड़ी पटरी पर नहीं आ पाई है। शहर की तुलना में गांवों में लोगों को अभी भी रुपये के लिए परेशान होना पड़ रहा है।

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इसमें ग्रामीण बैंक की सबसे खराब हालात है, यहां दो दिन से लोगों को बिना नोट के वापस होना पड़ रहा है। इधर बैंक-एटीएम से छोटे नोट भी नहीं मिल पा रहे हैं, लिहाजा इज्जत बचाने के लिए बैंकों की ओर से ग्राहकों को दस-दस के सिक्के बांटे जा रहे हैं।

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आठ नवंबर को प्रधानमंत्री ने अचानक 500-1000 के पुराने नोटों के चलन पर रोक लगाने का फैसला लिया, इसके बाद से मानो जैसे भूचाल आ गया। हालांकि उन्होंने ऐसे नोटों को बदलने के साथ खातों में जमा करने की छूट से लोगों को राहत तो मिली लेकिन जितने नोट वापस हुए उसके हिसाब से नई करेंसी न मिलने से आम जनजीवन प्रभावित हो गया।

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महीने भर बाद 16 दिसंबर को 2700 करोड़ और उसके बाद 23 दिसंबर को 200 करोड़ रुपये आरबीआई ने भेजा। इसके बाद कुछ दिन तक बैंक-एटीएम पर हालत सामान्य दिखे लेकिन अब फिर पहले की तरह समस्या शुरू हो गई है।

ग्रामीण इलाकों से लोग बिना कैश लौट रहे हैं तो एटीएम से 500-100 रुपये के नोट न मिलने से भी निराशा हो रही है।

फिलहाल तीस दिसंबर के पहले आरबीआई की ओर से नई करेंसी मिलने की कोई संभावना नहीं दिख रही है, ऐसे में बैंकर्स भी परेशान है कि वह लोगों की समस्याओं का समाधान कै से करें।

इस बीच दस-दस के नये सिक्के भी आरबीआई की ओर से मिले हैं, जिसमें एक हजार रुपये तक के सिक्के का पैकेट ग्राहकों को दिया जा रहा है।

ग्रामीण इलाकों में भी समस्या जस की तस

50 days complete of note ban but no big relief
एसबीआई बैंक के एटीएम में पैसा निकालने के लिए लगी भीड़। - फोटो : Amar Ujala

नोटबंदी के बाद शहर के अलावा ग्रामीण इलाकों में समस्या जस की तस बनी है। किसी को आवेदन करने के महीने भर बाद तक चेकबुक नहीं मिल पाया है तो कोई चेक से भुगतान न होने से परेशान हैं।

उधर ग्रामीण बैंक में एक बार फिर कैश संकट गहराता जा रहा है। आराजीलाइन संवाददाता के अनुसार क्षेत्र के राजातालाब स्थित एसबीआई की शाखा में रुकमनी देवी ने दस नवंबर को ही चेकबुक के लिए आवेदन किया था लेकिन अब तक चेकबुक तो नहीं मिली, इसका पैसा उनके खाते से 21 दिसंबर को जरूर कट गया। मैनेजर दीपक सिंह से मिलकर इसकी जानकारी भी दी।
इसके अलावा ओरिएंटल बैंक आफ कामर्स राजातालाब बैंक का 27 हजार का चेक अपने खाते में 20 दिसंबर को जमा किया, जिसका भुगतान न होने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

इसकी शिकायत एसबीआई के हेल्पलाइन नंबर पर भी की गई है। उधन दानगंज संवाददाता के अनुसार नियार स्थित काशी गोमती संयुक्त ग्रामीण बैक की शाखा में दो दिनों से कैश नही मिल पा रहा है।
शाखा प्रबंधक ने कैश न होने की वजह से लोगों को बाद में आने की जानकारी दी, इस पर लोग नाराज दिखे। बड़ागांव में कई बैंकों की ओर से ग्राहकों को मांग के हिसाब से कम पैसा दिया गया, जिससे लोग परेशान रहे।

जहां रुपये मिल रहे हैं, वहां भी छोटा नोट नहीं मिल पा रहा है। गुड्डु पांडेय, बिरावकोट निवासी हरदेव सिंह ने बड़ागांव क्षेत्र में लगे एटीएम में 500-100 के नोट डलवाने की मांग की है। कस्बे में विजया बैंक व इंडियन बैंक के को छोड़कर सभी एटीएम बुधवार को भी बन्द रहे।

 

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