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डीरेका कर्मियों में रिपोर्टिंग बॉस को लेकर असमंजस की स्थिति
Updated Mon, 03 Dec 2018 01:59 AM IST
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वाराणसी। डीरेका में नई व्यवस्था लागू होने के बाद रिपोर्टिंग अधिकारी को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। मैकैनिकल के कई अधिकारी पहले की ही तरह पीसीएमई (प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर) को रिपोर्ट कर रहे हैं। वहीं कुछ अधिकारी पीसीईई (प्रमुख मुख्य इलेक्ट्रिक इंजीनियर) के नेतृत्व में काम करने लगे हैं। डीरेका दो खेमे में बंट गया है।
महाप्रबंधक डीरेका के आदेश के बाद कारखाने की जिम्मेदारी पीसीएमई से लेकर पीसीईई को दे दी गई। इससे अधिकारियों, कर्मचारियों खासकर मेकैनिकल से जुड़े कर्मियों में जबरदस्त रोष है। 30 नवंबर को पीसीएमई ने रेलवे बोर्ड के नियमों का हवाला देते हुए सभी को पीसीईई को रिपोर्ट करने के निर्देश दिए। तब से आलम यह है कि कई अधिकारी प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर को रिपोर्ट कर रहे हैं तो वहीं कुछ प्रमुख मुख्य इलेक्ट्रिक इंजीनियर के निर्देशों पर काम कर रहे हैं। कुछ अधिकारी दोनों लोगों को काम की प्रगति और जरूरतों आदि की प्रक्रिया से जुड़े रिपोर्ट प्रेषित कर रहे हैं। अभी तक रेलवे मंत्रालय या बोर्ड इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है। इससे डीरेका का उत्पादन प्रभावित हो रहा है।
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महाप्रबंधक डीरेका के आदेश के बाद कारखाने की जिम्मेदारी पीसीएमई से लेकर पीसीईई को दे दी गई। इससे अधिकारियों, कर्मचारियों खासकर मेकैनिकल से जुड़े कर्मियों में जबरदस्त रोष है। 30 नवंबर को पीसीएमई ने रेलवे बोर्ड के नियमों का हवाला देते हुए सभी को पीसीईई को रिपोर्ट करने के निर्देश दिए। तब से आलम यह है कि कई अधिकारी प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर को रिपोर्ट कर रहे हैं तो वहीं कुछ प्रमुख मुख्य इलेक्ट्रिक इंजीनियर के निर्देशों पर काम कर रहे हैं। कुछ अधिकारी दोनों लोगों को काम की प्रगति और जरूरतों आदि की प्रक्रिया से जुड़े रिपोर्ट प्रेषित कर रहे हैं। अभी तक रेलवे मंत्रालय या बोर्ड इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है। इससे डीरेका का उत्पादन प्रभावित हो रहा है।
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