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कालीन उद्योग
Updated Thu, 15 Feb 2018 01:00 AM IST
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भदोही। कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) के चेयरमैन महावीर प्रताप उर्फ राजा शर्मा ने कहा कि आने वाले वर्षों में भारत और चीन के बीच कालीन व्यापार तेजी से बढ़ेगा। इसके लिए सीईपीसी ने विशेष प्रयास शुरू कर दिए हैं। परिषद चीन में न केवल भारतीय कालीन निर्यातकों की उपस्थिति बढ़ाएगी बल्कि चीन में दो वेयरहाउस खोल रही है जहां भारतीय निर्यातक कालीन स्टाक रख सकेंगे। उन्होंने बताया कि प्रयासों को गति देने के लिए भारतीय कालीनों पर ड्यूटी कम करने के भी प्रयास तेज कर दिए गए हैं। चेयरमैन बुधवार को एक प्रतिष्ठान में प्रेस वार्ता को संबोधित कर हे थे। उन्होंने कहा कि चीन केवल मशीन मेड कालीन का निर्माण कर रहा है। इसलिए वहां भारतीय हस्तनिर्मित कालीनों के लिए व्यापक संभावनाएं हैं। इसको देखते हुए सीईपीसी ने खुद को चीन में एक कंपनी की तरह पंजीकृत कराया है। वहां अपने दो वेयरहाउस भी खोल रही है ताकि वहां भारतीय कालीनों की आपूर्ति सुगमता से हो सके। बताया कि सरकार ने ड्राबैक कमेटी का पुन: गठन किया है। इसको देखते हुए नई कमेटी के माध्यम से ड्राबैक संबंधी समस्याएं दूर करने के प्रयास नए सिरे से किए जाएंगे। चेयरमैन ने कहा कि परिषद मशीन मेड और हस्तनिर्मित कालीनों को अलग अलग एचएसएन कोड दिलाने के लिए प्रयासरत है ताकि हस्तनिर्मित कालीनों का हक सुरक्षित रह सके। बताया कि भारतीय कालीन नई चुनौतियों के दौर से गुजर रहा है। पानीपत, कश्मीर, जयपुर और भदोही-मिर्जापुर के लोग मिल कर ही इन चुनौतियों का सामना कर सकते हैं। उन्होंने लोगों को एकजुट प्रयास के लिए साथ आने का आह्वान किया। परिषद के उपाध्यक्ष सिद्धनाथ सिंह ने कहा कि भदोही में एक्सपो मार्ट निर्माण में परिषद का सुझाव लिया जाना चाहिए था। कहा परिषद 8 हजार वर्ग मीटर में एक्सपो आयोजित करती है जबकि भदोही के नवनिर्मित एक्सपो मार्ट में 4 हजार वर्ग मीटर ही कारपेट एरिया है। ऐसे में अंतर्राष्ट्रीय स्तरों को बनाए रखते हुए यहां एक्सपो आयोजन पर विचार किया जा सकता है। वार्ता में संदीप कटारिया, उमेश गुप्ता, हाजी अब्दुल रब, रजा खां आदि भी मौजूद रहे।
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