Varanasi: 15 वर्षीय छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म दोषी सगे भाइयों को 20 वर्ष की कैद, 8 साल पहले हुआ था मुकदमा
विशेष न्यायाधीश पाक्सो त्रिभुवन नाथ की कोर्ट ने छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म के दोषी सगे भाइयों बल्लू उर्फ राजेश और लल्लू उर्फ राकेश को 20 वर्ष की सजा और 71500 रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। 2015 में मुकदमा दर्ज हुआ था।
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विशेष न्यायाधीश पॉक्सो त्रिभुवन नाथ की कोर्ट ने छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म के दोषी सगे भाइयों बल्लू उर्फ राजेश और लल्लू उर्फ राकेश को 20 वर्ष की सजा सुनाई है। दोनों पर 71500 रुपये का जुर्माना भी लगाया। कोर्ट में अभियोजन का पक्ष विशेष लोक अभियोजक आदित्य नरायण सिंह और वादी के अधिवक्ता पंकज श्रीवास्तव व गोपाल कृष्ण ने रखा।
अभियोजन के मुताबिक 6 नवंबर 2015 को वादी की 15 वर्षीय पुत्री पढ़ने गई थी, शाम 4 बजे तक घर नहीं लौटी तब खोजबीन की गई। इसी दौरान पड़ोसी ने बताया कि उसकी पुत्री को भोजूबीर में दोनों अभियुक्तों के साथ दिन में 11 बजे देखा था। इस मामले में अभियुक्तों के साथ उनके माता-पिता को भी आरोपी बनाया गया था लेकिन इन पर आरोप सिद्ध नहीं होने पर कोर्ट ने इन्हें बरी कर दिया।
आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में पति को पांच वर्ष की जेल
विवाहिता को दहेज के लिए प्रताड़ित करने व आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में अपर जिला जज (षष्ठम) अनिल कुमार पंचम की अदालत ने जंसा निवासी अशोक कुमार को पांच वर्ष की सजा सुनाई।
एडीजीसी बिंदू सिंह के अनुसार वादी ने जंसा थाने में दी गई प्राथमिकी में कहा था की उसके पुत्री कि शादी मई 2003 में जंसा निवासी अशोक कुमार के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही ससुराल वाले दहेज की मांग को लेकर उसकी पुत्री को प्रताड़ित करने लगे। इस दौरान पति अशोक कुमार ने दहेज में 50 हजार रुपये की मांग करते हुए पैसे न मिलने पर उसकी पुत्री को जलाकर मार डालने की धमकी दी।
इस बीच 3 मार्च 2010 को उसका दामाद अशोक कुमार उसके घर पहुंचा और बताया कि उसकी पुत्री जल गई है। वह अपनी बेटी के ससुराल पहुंचा और उसे शिवप्रसाद गुप्त मंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया, यहां उपचार के दौरान उसके पुत्री की मौत हो गई।